कांवड़ यात्रा 2025: नोएडा में 4,000 पुलिसकर्मी तैनात, CP लक्ष्मी सिंह और DM मेधा रूपम ने किया मार्गों का निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
सावन माह की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित संपन्न कराने के लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस और जिला प्रशासन ने सोमवार, 10 अगस्त को व्यापक तैयारियों का जायजा लिया। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और जिलाधिकारी मेधा रूपम ने दिल्ली-नोएडा चिल्ला बॉर्डर सहित प्रमुख कांवड़ मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया और सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा मानसून के दौरान जलभराव जैसी संभावित चुनौतियों का आकलन किया।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार गौतमबुद्ध नगर में कांवड़ यात्रा के लिए 8 मुख्य मार्ग और 6 साइड मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इस वर्ष डाक कांवड़ की संख्या अधिक रहने की संभावना को देखते हुए इन मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। श्रद्धालुओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के साथ-साथ आम नागरिकों को यातायात बाधा न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की ड्यूटी प्रमुख चौराहों पर लगाई गई है।
तकनीकी निगरानी व्यवस्था
कांवड़ मार्गों की निगरानी के लिए जिले में करीब 4,000 सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए गए हैं, जिनसे मिलने वाले फुटेज की 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके अतिरिक्त ड्रोन सर्विलांस के ज़रिए 20 संवेदनशील जोन पर विशेष नज़र रखी जा रही है, ताकि भीड़ की स्थिति, जाम या किसी आपात घटना की सूचना तत्काल संबंधित टीम तक पहुँच सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अनहोनी की स्थिति में रिस्पॉन्स टीम को मौके पर भेजने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की गई है।
हॉटस्पॉट और संवेदनशील क्षेत्र
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए पिछले 5 वर्षों के दुर्घटना-प्रवण स्थानों को हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है और वहाँ विशेष निगरानी दल तैनात किए गए हैं। 20 संवेदनशील जोन में ड्रोन और सीसीटीवी दोनों माध्यमों से एक साथ निगरानी की जा रही है। यह ऐसे समय में अहम है जब बरसात के मौसम में यात्रा मार्गों पर जलभराव और फिसलन से हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
पुलिस बल की तैनाती
कांवड़ यात्रा के दौरान गौतमबुद्ध नगर में करीब 4,000 पुलिसकर्मी कांवड़ मार्गों और प्रमुख स्थानों पर तैनात किए गए हैं। यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमें भी लगातार सक्रिय हैं। महाशिवरात्रि के दिन जिले के 208 मंदिरों में विशेष पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, जहाँ भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आगे की तैयारी
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और पुलिस-प्रशासन की टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेंगी। निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए कि कांवड़ियों को केवल निर्धारित मार्गों से ही आगे बढ़ाया जाए और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था तत्काल नियंत्रित की जाए। गौरतलब है कि यात्रा के सफल संचालन के लिए तकनीक, मानव-बल और प्रशासनिक समन्वय का यह त्रिस्तरीय ढाँचा इस वर्ष पहले से कहीं अधिक व्यापक बताया जा रहा है।