बेलगावी में बेटी के जन्म पर भव्य शोभायात्रा, थोरवत परिवार ने तोड़ी सामाजिक रूढ़ियाँ
सारांश
Key Takeaways
- संभाजी थोरवत और सुमन थोरवत ने 28 अप्रैल 2026 को नवजात पोती वैभवी के जन्म पर भव्य शोभायात्रा निकाली।
- जुलूस गंगानगर स्थित लक्ष्मी मंदिर से थोरवत परिवार के घर तक पहुँचा, रास्तों को रंगोली से सजाया गया।
- हलगी, घुमके और झांझ की धुनों पर उत्सव मना; आतिशबाजी, फूलों की वर्षा और मिठाई वितरण हुआ।
- शुरुआत में लोगों को लगा बेटे का जश्न है — सच्चाई जानने पर कई लोग स्वतः जुलूस में शामिल हो गए।
- परिवार ने कन्या भ्रूण हत्या पर चिंता जताते हुए बेटियों के प्रति समान उत्साह से जश्न मनाने का आह्वान किया।
कर्नाटक के बेलगावी जिले के बारवाड गाँव में सामाजिक कार्यकर्ता संभाजी थोरवत और उनके परिवार ने 28 अप्रैल 2026 को एक ऐसी पहल की, जिसने पूरे क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी — नवजात पोती वैभवी के जन्म पर पारंपरिक धूमधाम के साथ भव्य सार्वजनिक शोभायात्रा निकाली गई। यह आयोजन बेटियों के जन्म पर समाज में व्याप्त नकारात्मक सोच को चुनौती देने का सुविचारित प्रयास था, जिसकी क्षेत्रभर में व्यापक सराहना हो रही है।
शोभायात्रा का आयोजन
जुलूस गंगानगर स्थित लक्ष्मी मंदिर से शुरू होकर थोरवत परिवार के घर तक पहुँचा। रास्तों को रंगोली से सजाया गया था और नवजात व उनकी माँ पर स्थानीय लोगों ने फूलों की वर्षा की। हलगी, घुमके और झांझ की पारंपरिक धुनों पर लोग झूमते नजर आए, जबकि आतिशबाजी और मिठाइयों का वितरण भी किया गया।
समाज की प्रतिक्रिया
शोभायात्रा के दौरान शुरुआत में अनेक लोगों को लगा कि यह जश्न बेटे के जन्म पर मनाया जा रहा है। जब उन्हें पता चला कि यह उत्सव एक बेटी के आगमन पर है, तो लोगों ने आश्चर्य और खुशी दोनों जताई। कई नागरिक स्वतःस्फूर्त रूप से जुलूस में शामिल हो गए और इस पहल का समर्थन किया। गृहप्रवेश के बाद पूरे मोहल्ले में जलेबी बाँटी गई, ताकि खुशी के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी फैलाया जा सके।
परिवार का संदेश
दादी सुमन थोरवत ने कहा कि उनके परिवार के लिए नवजात वैभवी का आगमन मानो माँ महालक्ष्मी के घर आने जैसा है। संभाजी थोरवत ने कहा,