क्या कर्नाटक सरकार धर्मस्थल मामले की जांच एनआईए को सौंपेगी?

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क्या कर्नाटक सरकार धर्मस्थल मामले की जांच एनआईए को सौंपेगी?

सारांश

कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार धर्मस्थल सामूहिक हत्याकांड की जांच एनआईए को नहीं सौंपेगी। ईडी को यदि जांच करनी है तो वह स्वतंत्र है। जानें इस मामले के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।

मुख्य बातें

कर्नाटक सरकार ने धर्मस्थल सामूहिक हत्याकांड की जांच एनआईए को नहीं सौंपने का निर्णय लिया है।
ईडी को वित्तीय जांच करने की अनुमति है यदि वह चाहती है।
एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है और गृह मंत्री ने उनके कार्यों पर संतोष व्यक्त किया है।
भाजपा ने एनआईए जांच की मांग की है, जिससे राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ है।
गृह मंत्री ने कहा है कि वे सभी बयानों का उत्तर नहीं देते।

बेंगलुरु, 2 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने घोषणा की है कि राज्य सरकार कथित धर्मस्थल सामूहिक हत्याकांड की जांच को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हवाले नहीं करेगी। यदि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले में वित्तीय पहलुओं की जांच करना चाहता है, तो वह स्वतंत्र रूप से ऐसा कर सकता है।

मंगलवार को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गृह मंत्री परमेश्वर ने कहा, "भाजपा इस मामले की एनआईए जांच की मांग कर रही है। धर्मस्थल मामले को एनआईए के पास सौंपने की कोई आवश्यकता नहीं है। हमने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और वह अपने कार्यों को अंजाम दे रही है। जब एसआईटी पहले से ही जांच कर रही है, तो किसी अन्य एजेंसी को मामला सौंपने की कोई आवश्यकता नहीं है।"

धर्मस्थल को बदनाम करने के लिए कथित फंडिंग के बारे में परमेश्वर ने कहा, "यदि ईडी चाहे तो फंडिंग की जांच कर सकता है, हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है। वे अपने तरीके से वित्तीय और संबंधित पहलुओं की जांच कर सकते हैं।"

सौजन्या के 2012 में अपहरण और बलात्कार के बाद हत्या के मामले को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने भी एनआईए जांच की मांग की थी। इस पर परमेश्वर ने कहा, "मैं अपने रुख पर कायम हूं। हमने धर्मस्थल हत्याकांड की जांच एसआईटी को सौंप दी है। वे एनआईए जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन हम यह मामला एनआईए को नहीं सौंपेंगे।"

उन्होंने आगे कहा, "जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक हम इस पर कोई जानकारी नहीं दे सकते। मुझे लगता है कि एसआईटी जांच की प्रक्रिया को अच्छे से संचालित कर रही है। अब तक कोई चूक नहीं हुई है। इसमें दखलअंदाजी का प्रयास किया जा रहा है।"

एसआईटी के प्रमुख प्रणब मोहंती से मुलाकात के विषय में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मोहंती मुझसे कई मामलों पर मिलते रहते हैं। एसआईटी उनमें से एक है। आंतरिक सुरक्षा विभाग (आईएसडी) के प्रभारी के नाते, उनकी अन्य जिम्मेदारियां भी हैं। इसी संदर्भ में, वह मुझे जानकारी देने आते हैं।"

धर्मस्थल में एक नाबालिग लड़की के अपहरण की घटना के बारे में गृह मंत्री ने कहा कि ऐसे सभी पहलू जांच का हिस्सा होंगे और एसआईटी इसकी जांच करेगी।

उन्होंने कहा, "मैं भाजपा नेताओं के हर बयान का उत्तर नहीं देता। हमारी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि एसआईटी जांच करे और अपनी रिपोर्ट सौंपे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला कर्नाटक में कानून व्यवस्था और राजनीतिक दबाव के बीच संतुलन को दर्शाता है। राज्य सरकार का फैसला जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह आवश्यक है कि निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या धर्मस्थल मामले की जांच एनआईए को सौंपा जाएगा?
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार इसे एनआईए को नहीं सौंपेगी।
क्या ईडी को जांच करने की अनुमति है?
हां, यदि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) चाहती है, तो वह मामले की वित्तीय जांच कर सकती है।
एसआईटी की भूमिका क्या है?
एसआईटी धर्मस्थल हत्याकांड की जांच कर रही है और मंत्री ने कहा है कि उन्हें अपने काम में बाधा नहीं आनी चाहिए।
क्या भाजपा इस मामले में राजनीति कर रही है?
भाजपा ने एनआईए जांच की मांग की है, जिससे राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ है।
क्या गृह मंत्री ने अन्य बयानों का उत्तर दिया?
गृह मंत्री ने कहा है कि वे भाजपा नेताओं के हर बयान का उत्तर नहीं देते।
राष्ट्र प्रेस
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