कर्नाटक: CM शिवकुमार ने गारंटी योजनाओं के दुरुपयोग पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए, मृत लाभार्थियों के खातों में राशि जाने का मामला उजागर
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को बेंगलुरु स्थित विधान सौधा के समिति कक्ष में राज्य सरकार की प्रमुख गारंटी योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए इन योजनाओं के दुरुपयोग पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में यह गंभीर तथ्य सामने आया कि गृह लक्ष्मी योजना का लाभ मृत लाभार्थियों के बैंक खातों में भी जमा किया जा रहा है।
बैठक में क्या हुआ
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य अपात्र और फर्जी दावेदारों को योजनाओं का लाभ लेने से रोकना है, लेकिन इस प्रक्रिया में किसी भी पात्र लाभार्थी को असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सत्यापन अभियान के दौरान वास्तविक हितग्राहियों की सहायता निर्बाध रूप से जारी रहे।
बैठक में यह भी सामने आया कि गृह लक्ष्मी योजना के कई लाभार्थियों ने बैंकों से ऋण लिया हुआ था, जिसके कारण योजना के तहत जमा की गई वित्तीय सहायता स्वचालित रूप से बकाया ऋण राशि के विरुद्ध समायोजित हो जाती थी। इस समस्या से बचने के लिए कई लाभार्थियों ने अपने बैंक खाते बदल लिए थे। शिवकुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में लाभार्थियों को परेशान न किया जाए।
मृत लाभार्थियों के खातों में राशि — गंभीर खुलासा
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि गृह लक्ष्मी योजना की राशि कथित तौर पर मृत लाभार्थियों के खातों में भी जमा की जा रही है — जो योजना प्रबंधन में एक बड़ी चूक है। मुख्यमंत्री ने इस दुरुपयोग को तत्काल रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त कदम उठाने के आदेश दिए।
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक सरकार की गारंटी योजनाएँ — जो राज्य में सत्ता में आने के बाद कांग्रेस के प्रमुख वादों में से एक थीं — पहले से ही वित्तीय दबाव और क्रियान्वयन संबंधी सवालों के घेरे में हैं।
एयरटेल पेमेंट्स बैंक के जरिए UPI दुरुपयोग की जाँच के आदेश
बैठक में अधिकारियों ने यह भी बताया कि एयरटेल सिम उपयोगकर्ताओं द्वारा संचालित कुछ एयरटेल पेमेंट्स बैंक खातों का कथित तौर पर UPI-आधारित लेनदेन के माध्यम से दुरुपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस मामले की विस्तृत जाँच करने और सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश दिए।
गृह ज्योति की तर्ज पर सुरक्षा उपाय लागू करने का सुझाव
शिवकुमार ने कहा कि गृह ज्योति योजना के कार्यान्वयन के दौरान दुरुपयोग रोकने के लिए जो कड़े सुरक्षा उपाय अपनाए गए थे, यदि वे अन्य गारंटी योजनाओं में भी शुरू से लागू होते, तो धोखाधड़ी के मामलों में उल्लेखनीय कमी आती। उन्होंने सुझाव दिया कि गृह लक्ष्मी योजना की राशि खाते में जमा होते ही लाभार्थी के मोबाइल पर एक वॉइस मैसेज भेजा जाए, ताकि वे लाभ की प्राप्ति की तत्काल पुष्टि कर सकें।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि कर्नाटक की पाँच प्रमुख गारंटी योजनाएँ — जिनमें गृह लक्ष्मी, गृह ज्योति, शक्ति (मुफ्त बस यात्रा), अन्न भाग्य और युवा निधि शामिल हैं — राज्य के बजट पर भारी दबाव डाल रही हैं। इस समीक्षा बैठक के बाद अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाएँ, ताकि सही लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो सके।