कर्नाटक हाईकोर्ट ने एयरपोर्ट पर छेड़छाड़ मामले में एफआईआर रद्द करने की याचिका को खारिज किया
सारांश
Key Takeaways
- कर्नाटक हाईकोर्ट का निर्णय एफआईआर को रद्द करने की याचिका को खारिज करता है।
- अदालत ने आरोपी के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई।
- पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लिया गया।
बेंगलुरु, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक हाईकोर्ट ने केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक साउथ कोरियन महिला के साथ कथित छेड़छाड़ के मामले में हवाई अड्डा कर्मचारी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
इस मामले में हाईकोर्ट ने घटना पर और आरोपी के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने एफआईआर को रद्द करने से इनकार करते हुए सवाल किया कि आरोपी को क्यों छोड़ा जाना चाहिए?
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि पीड़िता एक विदेशी नागरिक है, जिसने अपनी व्यथा को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया। बेंच ने कहा कि एक प्राइवेट फर्म में कार्यरत हवाई अड्डा कर्मचारी ने कथित तौर पर साउथ कोरियन महिला को वॉशरूम तक ले जाकर उसे गलत तरीके से छुआ।
कोर्ट ने आरोपी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि वह किस तरह का अधिकारी है। साथ ही, पीड़िता को पुरुषों के लिए बने टॉयलेट में ले जाने के लिए फटकार भी लगाई।
गौरतलब है कि इस संबंध में बीआईएएल पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। महिला की शिकायत के अनुसार, यह घटना 19 जनवरी को उस समय हुई जब वह साउथ कोरिया के लिए उड़ान पकड़ने एयरपोर्ट गई थी।
इमिग्रेशन क्लियर करने के बाद जब महिला टर्मिनल की ओर बढ़ रही थी, तब आरोपी स्टाफ ने उसे रोका और उसका बोर्डिंग पास मांगा। उसने कहा कि उसके चेक-इन बैगेज में समस्या थी, जिससे अलर्ट आ गया था।
आरोपी ने महिला से कहा कि मेन स्क्रीनिंग एरिया में लौटने में देरी होगी और उसकी फ्लाइट छूट सकती है। फिर उसने अलग से चेक करने का जोर दिया और महिला को पुरुषों के वॉशरूम के पास ले गया, जहां महिला की इच्छा के खिलाफ आरोपी ने उसे गलत तरीके से छुआ।
जब महिला ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसे गले लगाते हुए 'थैंक यू' कहा और वहां से चला गया। महिला ने तुरंत एयरपोर्ट सुरक्षा से संपर्क किया। एयरपोर्ट सुरक्षा ने आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस को सौंप दिया।