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कर्नाटक स्नातक चुनाव: होसापेटे में पोलिंग बूथ में घुसने पर कांग्रेस नेता बी.एल. रानी संयुक्ता के खिलाफ BJP की कार्रवाई की माँग

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कर्नाटक स्नातक चुनाव: होसापेटे में पोलिंग बूथ में घुसने पर कांग्रेस नेता बी.एल. रानी संयुक्ता के खिलाफ BJP की कार्रवाई की माँग

सारांश

होसापेटे में स्नातक चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता बी.एल. रानी संयुक्ता पर पोलिंग बूथ के अंदर घुसने का आरोप लगाकर BJP ने सीसीटीवी जाँच और सख्त कार्रवाई की माँग की है। मामला अब मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य चुनाव आयुक्त तक पहुँच गया है।

मुख्य बातें

24 अक्टूबर 2026 को होसापेटे के पोलिंग बूथ नंबर 15 में कांग्रेस नेता बी.एल.
रानी संयुक्ता के अवैध प्रवेश का आरोप लगाया गया।
भाजपा ने विजयनगर की डिप्टी कलेक्टर कविता एस.
मन्नीकेरी और SP जाह्नवी को औपचारिक शिकायत सौंपी।
भाजपा ने सीसीटीवी फुटेज की जाँच और बूथ में प्रवेश देने वाले कर्मचारियों की जाँच की माँग की।
मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य चुनाव आयुक्त से भी कार्रवाई की माँग की गई है।
भाजपा ने चेतावनी दी — कार्रवाई न होने पर चुनाव आयोग के सामने विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

कर्नाटक के विजयनगर जिले के होसापेटे में 24 अक्टूबर 2026 को स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदान के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता बी.एल. रानी संयुक्ता और उनके अंगरक्षक अवैध रूप से पोलिंग बूथ नंबर 15 के अंदर दाखिल हुए और मतदान प्रक्रिया की निगरानी करने लगे। भाजपा ने इस कथित घटना को चुनाव आचार संहिता का सीधा उल्लंघन बताते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल जाँच की माँग की है।

मुख्य घटनाक्रम

आरोपों के अनुसार, नॉर्थ-ईस्ट शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए हो रहे मतदान के दौरान कांग्रेस नेता रानी संयुक्ता अपने अंगरक्षकों के साथ उस स्कूल के पोलिंग बूथ नंबर 15 में प्रवेश कर गईं, जहाँ बैलेट पेपर रखे हुए थे। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे मतदान की गोपनीयता खतरे में पड़ गई और मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की गई।

मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद होसापेट भाजपा मंडल ने विजयनगर की डिप्टी कलेक्टर कविता एस. मन्नीकेरी और पुलिस अधीक्षक (SP) जाह्नवी को एक औपचारिक शिकायत सौंपी।

BJP की माँगें और चेतावनी

भाजपा ने चुनाव अधिकारियों को सौंपे पत्र में पोलिंग स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की जाँच की माँग की है ताकि आरोपों की सत्यता का पता लगाया जा सके। भाजपा का यह भी कहना है कि जिन कर्मचारियों ने कांग्रेस नेता और उनके अंगरक्षकों को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने दिया, उनकी भूमिका की भी जाँच होनी चाहिए।

भाजपा मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ समुचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे चुनाव आयोग के समक्ष विरोध प्रदर्शन करेंगे। डीसी और एसपी को शिकायत सौंपने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य चुनाव आयुक्त से भी रानी संयुक्ता के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की माँग की है।

चुनाव आचार संहिता का प्रश्न

भाजपा कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के दौरान किसी भी राजनीतिक दल के नेता को प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने की अनुमति नहीं होती — ऐसे में कांग्रेस नेता और उनके अंगरक्षकों को उस स्थान तक पहुँचने की अनुमति कैसे मिली जहाँ बैलेट पेपर रखे गए थे, यह गंभीर प्रश्न है। गौरतलब है कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव प्रायः कम चर्चा में रहते हैं, परंतु इस बार यह घटना राज्य की राजनीति में एक नई बहस छेड़ सकती है।

आगे क्या होगा

फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वह सीसीटीवी फुटेज की जाँच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होने तक अपना विरोध जारी रखेगी। राज्य चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और सीसीटीवी फुटेज की जाँच के नतीजे इस मामले की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो राज्य चुनाव आयोग कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है — क्योंकि निष्क्रियता खुद एक संदेश होगी। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र राज्य विधान परिषद की संरचना तय करते हैं, इसलिए इनकी पारदर्शिता बड़े चुनावों जितनी ही महत्त्वपूर्ण है।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होसापेटे पोलिंग बूथ विवाद क्या है?
24 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक के होसापेटे में स्नातक चुनाव के दौरान भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता बी.एल. रानी संयुक्ता और उनके अंगरक्षक पोलिंग बूथ नंबर 15 के अंदर अवैध रूप से घुस गए। भाजपा के अनुसार इससे मतदान की गोपनीयता खतरे में पड़ गई।
BJP ने इस मामले में क्या माँग की है?
होसापेट भाजपा मंडल ने विजयनगर की डिप्टी कलेक्टर और SP को शिकायत देकर पोलिंग स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की जाँच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की माँग की है। इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य चुनाव आयुक्त से भी कार्रवाई की माँग की गई है।
चुनाव आचार संहिता के तहत पोलिंग बूथ में प्रवेश के क्या नियम हैं?
चुनाव आचार संहिता के अनुसार मतदान के दौरान किसी भी राजनीतिक दल के नेता या उनके समर्थकों को प्रतिबंधित क्षेत्र — विशेषतः जहाँ बैलेट पेपर रखे हों — में प्रवेश की अनुमति नहीं होती। केवल मान्यता प्राप्त एजेंट और अधिकृत कर्मचारी ही बूथ के अंदर जा सकते हैं।
यह चुनाव किस निर्वाचन क्षेत्र के लिए था?
यह मतदान कर्नाटक के नॉर्थ-ईस्ट शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए था, जो राज्य विधान परिषद के लिए होने वाले स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनावों का हिस्सा है।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
अभी तक चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सीसीटीवी फुटेज की जाँच से आरोपों की सत्यता का पता चलेगा। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे चुनाव आयोग के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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