कर्नाटक विधान परिषद चुनाव: बेंगलुरु-गडग में कांग्रेस-BJP कार्यकर्ताओं की झड़प, विधायक मुनिरत्ना पर हमले का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के मतदान के दिन शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु और गडग में मतदान केंद्रों के निकट तनावपूर्ण माहौल देखा गया, जब कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। बेंगलुरु के नागरभावी में एक मतदान केंद्र के पास राजराजेश्वरी नगर से BJP विधायक मुनिरत्ना पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर शारीरिक हमला किया और उनके कपड़े फाड़ दिए। पुलिस को दोनों ही स्थानों पर स्थिति नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
बेंगलुरु में घटनाक्रम
BJP विधायक मुनिरत्ना के नागरभावी स्थित मतदान केंद्र के पास पहुँचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर उनके साथ बदसलूकी की, उनके कपड़े फाड़े और अपमानजनक नारे लगाए। इसके बाद दोनों दलों के समर्थकों के बीच हाथापाई शुरू हो गई, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुँचकर नियंत्रित किया।
मुनिरत्ना ने इस घटना के लिए कांग्रेस नेतृत्व को सीधे ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सांसद डी.के. सुरेश और उनके बड़े भाई, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के इशारे पर कांग्रेस कार्यकर्ता सुनियोजित ढंग से उन्हें निशाना बना रहे हैं — खासकर तब से जब डी.के. सुरेश बेंगलुरु ग्रामीण लोकसभा चुनाव हार गए। गौरतलब है कि राजराजेश्वरी नगर और बेंगलुरु ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्रों में मुनिरत्ना और डी.के. बंधुओं के बीच की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से उग्र रूप ले चुकी है।
गडग में विवाद और पुलिस पर आरोप
गडग में 'पश्चिमी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र' (वेस्टर्न ग्रेजुएट्स कांस्टीट्यूएंसी) के मतदान के दौरान म्युनिसिपल कॉलेज के बाहर कांग्रेस और BJP कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। BJP समर्थकों ने विधायक सी.सी. पाटिल के समर्थन में नारे लगाए, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ता पूर्व मंत्री एच.के. पाटिल के हक में आवाज़ बुलंद करते रहे।
BJP कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने चुनाव नियमों का उल्लंघन करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्र परिसर के अंदर जाने दिया। उनका कहना था कि मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में किसी भी पार्टी के कार्यकर्ता के प्रवेश पर पाबंदी होनी चाहिए। विधायक सी.सी. पाटिल ने पुलिस अधिकारियों पर सीधे निशाना साधते हुए माँग की कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तत्काल परिसर से हटाया जाए।
चुनाव की पृष्ठभूमि और प्रमुख मुकाबले
कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों — दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों — के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ। कुल 43 उम्मीदवार मैदान में होने से मुकाबला बहुकोणीय बन गया है।
प्रमुख मुकाबलों में: दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के शशि हुलिकुंटे मुट्ट का BJP के के.एम. सुरेश (सोमेश्वर) से; पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई का BJP के संकानूर एस.वी. से; उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के शरणप्पा मत्तूर का BJP के शशील जी. नमोशी से; और बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के पुट्टन्ना का जनता दल (धर्मनिरपेक्ष) के ए.पी. रंगनाथ से सामना है। बेंगलुरु शिक्षक क्षेत्र में BJP-JD(S) गठबंधन ने रंगनाथ को कांग्रेस के पुट्टन्ना के विरुद्ध मैदान में उतारा है।
आगे क्या
चुनाव परिणाम 27 अक्टूबर 2026 को घोषित किए जाएंगे। यह कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद — जो स्वयं एक एमएलसी हैं — के नेतृत्व में पार्टी का पहला विधान परिषद चुनाव है। फिलहाल 75 सदस्यीय विधान परिषद में पाँच सीटें रिक्त हैं। इन चुनावों के नतीजे कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी NDA के बीच उच्च सदन में शक्ति संतुलन को प्रभावित करेंगे।