कर्नाटक: BJP नेता के घर चाकू भेजने पर विवाद, पुलिस आयुक्त से मिला भाजपा प्रतिनिधिमंडल
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु में कर्नाटक विधान परिषद के विपक्ष के नेता चलवादी नारायणस्वामी के आवास पर ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म के जरिए चाकू और धारदार हथियार भेजे जाने के मामले ने राज्य की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। शनिवार, 7 नवंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमंत कुमार सिंह से मुलाकात कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की।
मुख्य घटनाक्रम
BJP का आरोप है कि कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की कर्नाटक इकाई ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कथित टिप्पणी के विरोध में नारायणस्वामी के घर पर ऑनलाइन माध्यम से चाकू और कटर भेजे। गौरतलब है कि नारायणस्वामी का आवास एक संवेदनशील इलाके में स्थित है, जो पुलिस आयुक्त कार्यालय तथा न्यायाधीशों और मंत्रियों के निवासों के निकट है।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने किया। उन्होंने पुलिस आयुक्त को शिकायत सौंपने के बाद पत्रकारों से कहा कि यह विपक्षी नेता को डराने और धमकाने की सुनियोजित कोशिश है।
BJP की माँगें और आरोप
आर. अशोक ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की माँग की। उन्होंने कहा कि किसी के घर हथियार भेजने की घटना को कतई हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। अशोक ने राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता विपक्षी नेताओं को व्यवस्थित रूप से डराने में लगे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मामले में शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की माँग करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो BJP सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी पोस्टर अभियान चलाएगी और इसे 'गुंडों की सरकार' करार देगी।
BJP प्रदेश अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
BJP के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने भी इस कथित घटना की कड़ी निंदा की और कांग्रेस सरकार पर राज्य में 'गुंडा संस्कृति' को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में संपन्न विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद सत्तारूढ़ दल निराश है और जनता ने कांग्रेस के अहंकार को नकारना शुरू कर दिया है।
विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री शिवकुमार, KPCC अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे से इस घटना की सार्वजनिक निंदा करने की माँग की।
वित्तीय प्रशासन पर BJP के आरोप
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने इस मसले से आगे बढ़ते हुए कांग्रेस सरकार पर राज्य को आर्थिक संकट में धकेलने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सरकारी खजाना खाली है और विकास कार्यों तथा कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं दी जा रही। विजयेंद्र ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की माँग की और दूध की कीमतों तथा बस किराये में हालिया बढ़ोतरी की आलोचना की।
उन्होंने चेतावनी दी कि बिजली दरों में भी जल्द वृद्धि हो सकती है और पिछले साढ़े तीन वर्षों में गरीबों को दिए गए मकानों, सड़क मरम्मत और विधानसभा क्षेत्रों को जारी फंड का ब्योरा सार्वजनिक करने की चुनौती भी दी।
आगे क्या होगा
विजयेंद्र ने बताया कि BJP अगले विधानसभा चुनाव में कम से कम 125 से 130 सीटें जीतने के लक्ष्य के साथ रणनीति तैयार कर रही है। उन्होंने जनता दल (सेक्युलर) के साथ गठबंधन जारी रखने की इच्छा का भी संकेत दिया। पुलिस आयुक्त को दी गई शिकायत पर अब तक कोई औपचारिक FIR दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है, और मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नज़र है।