23 जुलाई 2026
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कर्नाटक में BJP विधायकों पर अंडा हमला: राज्यपाल गहलोत को ज्ञापन, राष्ट्रपति को विशेष रिपोर्ट की मांग

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कर्नाटक में BJP विधायकों पर अंडा हमला: राज्यपाल गहलोत को ज्ञापन, राष्ट्रपति को विशेष रिपोर्ट की मांग

सारांश

BJP विधायकों पर कथित अंडा हमले के बाद पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है — राज्यपाल को ज्ञापन, DGP को निर्देश और राष्ट्रपति को विशेष रिपोर्ट की माँग। विजयेंद्र और अशोक ने इसे पूर्व नियोजित साजिश बताते हुए कर्नाटक में 'संवैधानिक संकट' का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

BJP के प्रतिनिधिमंडल ने 23 जुलाई को बेंगलुरु में राज्यपाल थावर चंद गहलोत के सचिव को ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र , विधानसभा में विपक्ष के नेता आर.
अशोक और विधान परिषद नेता चलवाड़ी नारायण स्वामी ने किया।
माँग: हमलावरों के विरुद्ध गैर-जमानती धाराओं में FIR और तत्काल गिरफ्तारी।
घटनास्थल पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध भी जाँच की माँग।
BJP ने राज्य में 'संवैधानिक संकट' का हवाला देते हुए राष्ट्रपति को विशेष रिपोर्ट भेजने का अनुरोध किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 23 जुलाई को बेंगलुरु स्थित लोक भवन में कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत के सचिव को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में विपक्षी विधायकों की सुरक्षा बढ़ाने, कथित हमलावरों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई और राज्य में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति तथा पार्टी के अनुसार 'संवैधानिक संकट' पर भारत के राष्ट्रपति को विशेष रिपोर्ट भेजने की माँग की गई।

मुख्य घटनाक्रम

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व BJP के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक और विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायण स्वामी ने किया। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब BJP विधायकों ने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर अंडों से हमले का सामना किया।

गौरतलब है कि यह प्रदर्शन NEET परीक्षा विवाद को लेकर आयोजित किया गया था, जिस पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच तीखी नोकझोंक चल रही है।

BJP की माँगें

ज्ञापन में BJP ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि वे पुलिस महानिदेशक (DGP) और पुलिस महानिरीक्षक (IGP) को निर्देश दें कि हमलावरों के विरुद्ध गैर-जमानती धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए और उनकी तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। पार्टी ने घटनास्थल पर तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध भी जाँच की माँग की, जिन पर आरोप है कि वे विधायकों को पर्याप्त सुरक्षा देने में विफल रहे।

नेताओं की प्रतिक्रिया

विधान सौधा में महात्मा गांधी की प्रतिमा के निकट आयोजित BJP के विरोध प्रदर्शन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए विजयेंद्र ने कांग्रेस पर राज्य में अशांति फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि केंद्र सरकार संसद में NEET मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, फिर भी कांग्रेस बहस की जगह युवाओं को सड़कों पर उतारकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।

विपक्ष के नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि BJP विधायकों पर अंडे से हमला पूर्व नियोजित साजिश थी और यह घटना तब हुई जब विधायक पुलिस सुरक्षा में थे। उन्होंने कहा, 'पुलिस की मौजूदगी में हमारे विधायकों पर हमला किया गया — यह पहले से तय की गई घटना थी। हमारी सुरक्षा करना पुलिस की ज़िम्मेदारी थी।' अशोक ने कांग्रेस नेताओं से जुड़े पूर्व राजनीतिक टकरावों का भी हवाला देते हुए इसे राजनीतिक असहिष्णुता के एक व्यापक पैटर्न का हिस्सा बताया।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कर्नाटक में BJP और सत्तारूढ़ कांग्रेस के बीच NEET परीक्षा विवाद, कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर तनाव चरम पर है। आलोचकों का कहना है कि विपक्षी विधायकों पर इस तरह के कथित हमले लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक संकेत हैं, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष ने अभी तक इस मामले पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

आगे क्या

राज्यपाल कार्यालय की ओर से ज्ञापन पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। BJP ने स्पष्ट किया है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह आंदोलन तेज करेगी। इस घटना के राजनीतिक प्रभाव आने वाले दिनों में कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही पर भी पड़ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह कदम कानूनी राहत के लिए है या विधानसभा सत्र से पहले कर्नाटक कांग्रेस को घेरने की राजनीतिक चाल। 'संवैधानिक संकट' जैसे भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल तब तक प्रभावशाली नहीं होता जब तक ठोस संवैधानिक उल्लंघन साबित न हो। NEET विवाद की आड़ में यह टकराव दोनों पक्षों के लिए जनाधार को ध्रुवीकृत करने का अवसर बन गया है — जो कर्नाटक में पहले भी देखा गया है। राज्यपाल कार्यालय की प्रतिक्रिया ही तय करेगी कि यह मामला न्यायिक मार्ग लेता है या राजनीतिक शोर बनकर रह जाता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में BJP विधायकों पर अंडा हमला कब और कहाँ हुआ?
कथित तौर पर यह हमला बेंगलुरु में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान हुआ। BJP का आरोप है कि उस समय विधायक पुलिस सुरक्षा में थे।
BJP ने राज्यपाल को ज्ञापन में क्या माँगें रखीं?
BJP ने राज्यपाल थावर चंद गहलोत से माँग की कि DGP और IGP को गैर-जमानती धाराओं में FIR दर्ज करने और हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए जाएँ। साथ ही घटनास्थल पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की जाँच और राष्ट्रपति को विशेष रिपोर्ट भेजने की भी माँग की गई।
BJP ने इस घटना को 'संवैधानिक संकट' क्यों कहा?
BJP का तर्क है कि पुलिस सुरक्षा में रहते हुए निर्वाचित विधायकों पर हमला होना और प्रशासन की निष्क्रियता राज्य में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमराने का संकेत है, जिसे पार्टी 'संवैधानिक संकट' की संज्ञा दे रही है।
इस घटना का NEET विवाद से क्या संबंध है?
BJP विधायकों का विरोध प्रदर्शन मूलतः NEET परीक्षा विवाद को लेकर था। BJP प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि केंद्र संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने के लिए युवाओं को सड़कों पर उतार रही है।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
राज्यपाल कार्यालय की प्रतिक्रिया का इंतजार है। यदि DGP को निर्देश नहीं मिले तो BJP ने आंदोलन तेज करने के संकेत दिए हैं। यह घटना आने वाले दिनों में कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही को भी प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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