भाजपा विधायक पर हमला: आर. अशोक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, 23 जुलाई को विरोध की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार, 22 जुलाई को बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह से मुलाकात की और भाजपा विधायक बीपी हरीश पर कथित हमले में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 23 जुलाई तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा विधायक और विधान परिषद सदस्य विधान सौधा के निकट महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन करेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
घटना 22 जुलाई को उस समय हुई जब कर्नाटक भाजपा नेता नीट विवाद को लेकर कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में केपीसीसी कार्यालय के बाहर एकत्र हो गए।
आरोप है कि जैसे ही वरिष्ठ भाजपा विधायक बीपी हरीश अपने वाहन से उतरे, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया, भाजपा विरोधी नारे लगाए और कथित तौर पर उन पर अंडे भी फेंके। पुलिस ने हस्तक्षेप कर हरीश को पास की एक गली में सुरक्षित पहुँचाया और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया।
भाजपा के आरोप और माँगें
पुलिस आयुक्त से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए आर. अशोक ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों पर हमला उस समय हुआ जब वे पुलिस हिरासत में थे और पुलिस उन्हें पर्याप्त सुरक्षा देने में विफल रही। उन्होंने दावा किया कि यह हमला कांग्रेस के निर्देश पर एक पूर्व नियोजित साजिश के तहत किया गया और इसके लिए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को सीधे जिम्मेदार ठहराया।
अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यालय में धारदार हथियार मौजूद थे और वहाँ इससे भी अधिक खतरनाक सामग्री रखी जा सकती है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जुड़े पुराने विवादों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाने वाले कुछ लोगों के कांग्रेस से संबंध थे। भाजपा ने इस मामले में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है।
अशोक ने कहा, 'हमारी हत्या की कोशिश की गई। हमने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि इस मामले को दबाया न जाए।' उन्होंने आरोप लगाया कि कानून का इस्तेमाल चुनिंदा तरीके से हो रहा है — कांग्रेस कार्यकर्ता कई बार भाजपा के प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर चुके हैं, फिर भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय में आई है जब कर्नाटक में भाजपा और सत्तारूढ़ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के बीच नीट परीक्षा विवाद को लेकर राजनीतिक तनाव चरम पर है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस राज्य के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नीट मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है। गौरतलब है कि विपक्षी दलों और सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच इस तरह की झड़पें कर्नाटक में पहले भी देखी जा चुकी हैं।
आगे क्या होगा
भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि 23 जुलाई तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो विधान सौधा के पास बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें पार्टी के विधायक और एमएलसी शामिल होंगे। बेंगलुरु पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले में गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह देखना होगा कि पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह भाजपा के ज्ञापन पर क्या कदम उठाते हैं।