बेंगलुरु में भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया, केपीसीसी मार्च के दौरान विधायक पर अंडे फेंके
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं को बुधवार, 22 जुलाई को बेंगलुरु पुलिस ने उस समय हिरासत में ले लिया, जब वे नीट विवाद पर कांग्रेस की राजनीति और राज्य के मुद्दों की कथित अनदेखी के विरोध में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। इस प्रदर्शन के दौरान भाजपा के वरिष्ठ विधायक बीपी हरीश पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अंडे फेंके जाने का आरोप है।
मुख्य घटनाक्रम
विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक और विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी के नेतृत्व में भाजपा विधायकों और एमएलसी ने विधान सौधा से केपीसीसी मुख्यालय तक मार्च निकाला। पुलिस ने उन्हें कैंटोनमेंट इलाके के पास रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया।
इसी दौरान भाजपा विधायक बीपी हरीश सीधे केपीसीसी कार्यालय पहुँचे। जैसे ही वे अपनी गाड़ी से उतरे, बड़ी संख्या में जमा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। जब पुलिस उन्हें बचाने पहुँची, तो कथित तौर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन पर अंडे फेंके। पुलिस उन्हें पास की एक गली में ले गई और प्रदर्शनकारियों को दूसरी दिशा में मोड़ दिया।
विपक्ष के नेता आर. अशोक के आरोप
मीडिया से बात करते हुए आर. अशोक ने कहा कि भाजपा केपीसीसी कार्यालय के सामने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी की नीट-केंद्रित राजनीति के खिलाफ विरोध दर्ज करा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व कर्नाटक के गंभीर संकटों की अनदेखी कर दिल्ली में राजनीतिक प्रदर्शनों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
अशोक ने दावा किया कि राज्य के बड़े हिस्सों में गहरे सूखे का संकट है, जबकि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और उनके मंत्री राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं।
सूखे पर भाजपा की माँगें
अशोक ने कहा, 'पूरा राज्य सूखे की चपेट में है। पहले ही 175 तालुक प्रभावित हो चुके हैं और कुछ ही जिले बचे हैं जो प्रभावित नहीं हुए हैं। आज कर्नाटक में कोई सरकार नहीं है। सरकार को तुरंत सूखा घोषित करना चाहिए और हर विधानसभा क्षेत्र और तालुक में पीने के पानी के कामों के लिए ₹20-20 करोड़ आवंटित करने चाहिए।'
उन्होंने तालुक-स्तरीय सूखा टास्क फोर्स गठित करने की भी माँग की ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके और युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाया जा सके।
नीट और आरसीबी हादसे पर निशाना
नीट मुद्दे पर दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर अशोक ने आरोप लगाया कि पार्टी राजनीतिक फायदे के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन एक प्रतिबंधित क्षेत्र में हुआ और यह पूरी तरह राजनीतिक था।
अशोक ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के पास दिल्ली में प्रदर्शनों में शामिल होने का समय है, लेकिन बेंगलुरु में आरसीबी के जश्न के दौरान मारे गए 11 निर्दोष लोगों के बारे में बोलने का समय नहीं है। यह बयान उस हादसे की ओर इशारा करता है जिसमें भगदड़ से जानें गई थीं। गौरतलब है कि यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब राष्ट्रीय स्तर पर नीट परीक्षा विवाद और कर्नाटक में सूखे की स्थिति दोनों ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दे बने हुए हैं।