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बेंगलुरु में भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया, केपीसीसी मार्च के दौरान विधायक पर अंडे फेंके

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बेंगलुरु में भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया, केपीसीसी मार्च के दौरान विधायक पर अंडे फेंके

सारांश

बेंगलुरु में भाजपा का कांग्रेस के खिलाफ मार्च उग्र हो गया — नेताओं को हिरासत में लिया गया, विधायक पर अंडे फेंके गए। नीट राजनीति के बहाने भाजपा ने कर्नाटक के 175 सूखाग्रस्त तालुकों का मुद्दा उठाया और हर तालुक को ₹20 करोड़ देने की माँग की।

मुख्य बातें

बुधवार, 22 जुलाई को बेंगलुरु पुलिस ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को केपीसीसी मुख्यालय मार्च के दौरान कैंटोनमेंट इलाके के पास हिरासत में लिया।
भाजपा विधायक बीपी हरीश को केपीसीसी कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेरा; कथित तौर पर उन पर अंडे फेंके गए।
मार्च का नेतृत्व विधानसभा विपक्ष नेता आर.
अशोक और विधान परिषद विपक्ष नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने किया।
अशोक ने कहा कि राज्य के 175 तालुक सूखे की चपेट में हैं; सरकार से सूखा घोषित करने और हर तालुक को ₹20 करोड़ आवंटित करने की माँग की।
भाजपा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और मंत्री दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं, जबकि कर्नाटक संकट में है।

कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं को बुधवार, 22 जुलाई को बेंगलुरु पुलिस ने उस समय हिरासत में ले लिया, जब वे नीट विवाद पर कांग्रेस की राजनीति और राज्य के मुद्दों की कथित अनदेखी के विरोध में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। इस प्रदर्शन के दौरान भाजपा के वरिष्ठ विधायक बीपी हरीश पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अंडे फेंके जाने का आरोप है।

मुख्य घटनाक्रम

विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक और विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी के नेतृत्व में भाजपा विधायकों और एमएलसी ने विधान सौधा से केपीसीसी मुख्यालय तक मार्च निकाला। पुलिस ने उन्हें कैंटोनमेंट इलाके के पास रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया।

इसी दौरान भाजपा विधायक बीपी हरीश सीधे केपीसीसी कार्यालय पहुँचे। जैसे ही वे अपनी गाड़ी से उतरे, बड़ी संख्या में जमा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। जब पुलिस उन्हें बचाने पहुँची, तो कथित तौर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन पर अंडे फेंके। पुलिस उन्हें पास की एक गली में ले गई और प्रदर्शनकारियों को दूसरी दिशा में मोड़ दिया।

विपक्ष के नेता आर. अशोक के आरोप

मीडिया से बात करते हुए आर. अशोक ने कहा कि भाजपा केपीसीसी कार्यालय के सामने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी की नीट-केंद्रित राजनीति के खिलाफ विरोध दर्ज करा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व कर्नाटक के गंभीर संकटों की अनदेखी कर दिल्ली में राजनीतिक प्रदर्शनों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

अशोक ने दावा किया कि राज्य के बड़े हिस्सों में गहरे सूखे का संकट है, जबकि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और उनके मंत्री राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं।

सूखे पर भाजपा की माँगें

अशोक ने कहा, 'पूरा राज्य सूखे की चपेट में है। पहले ही 175 तालुक प्रभावित हो चुके हैं और कुछ ही जिले बचे हैं जो प्रभावित नहीं हुए हैं। आज कर्नाटक में कोई सरकार नहीं है। सरकार को तुरंत सूखा घोषित करना चाहिए और हर विधानसभा क्षेत्र और तालुक में पीने के पानी के कामों के लिए ₹20-20 करोड़ आवंटित करने चाहिए।'

उन्होंने तालुक-स्तरीय सूखा टास्क फोर्स गठित करने की भी माँग की ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके और युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाया जा सके।

नीट और आरसीबी हादसे पर निशाना

नीट मुद्दे पर दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर अशोक ने आरोप लगाया कि पार्टी राजनीतिक फायदे के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन एक प्रतिबंधित क्षेत्र में हुआ और यह पूरी तरह राजनीतिक था।

अशोक ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के पास दिल्ली में प्रदर्शनों में शामिल होने का समय है, लेकिन बेंगलुरु में आरसीबी के जश्न के दौरान मारे गए 11 निर्दोष लोगों के बारे में बोलने का समय नहीं है। यह बयान उस हादसे की ओर इशारा करता है जिसमें भगदड़ से जानें गई थीं। गौरतलब है कि यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब राष्ट्रीय स्तर पर नीट परीक्षा विवाद और कर्नाटक में सूखे की स्थिति दोनों ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दे बने हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल दांव कर्नाटक का सूखा संकट है — जिसे भाजपा अब राजनीतिक हथियार बना रही है। आर. अशोक का 175 तालुकों और ₹20 करोड़ प्रति तालुक का आँकड़ा ठोस है और इसे नजरअंदाज करना कांग्रेस के लिए महँगा पड़ सकता है। साथ ही, आरसीबी हादसे में 11 मौतों का संदर्भ जोड़कर भाजपा ने कांग्रेस को एक साथ कई मोर्चों पर घेरने की कोशिश की है। मुख्यधारा की कवरेज हिरासत और अंडों पर अटकी रही, जबकि असली सवाल यह है कि सूखाग्रस्त कर्नाटक में राहत कार्य की जिम्मेदारी कौन ले रहा है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु में भाजपा नेताओं को क्यों हिरासत में लिया गया?
भाजपा नेता नीट विवाद पर कांग्रेस की राजनीति और कर्नाटक के मुद्दों की कथित अनदेखी के विरोध में केपीसीसी मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें कैंटोनमेंट इलाके के पास रोककर हिरासत में ले लिया।
विधायक बीपी हरीश पर अंडे फेंके जाने की घटना क्या है?
भाजपा विधायक बीपी हरीश जब सीधे केपीसीसी कार्यालय पहुँचे और गाड़ी से उतरे, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। पुलिस के बचाव में आने पर कथित तौर पर कार्यकर्ताओं ने हरीश पर अंडे फेंके; पुलिस उन्हें पास की गली में ले गई।
आर. अशोक ने कर्नाटक सूखे पर क्या माँगें रखीं?
आर. अशोक ने राज्य सरकार से तुरंत सूखा घोषित करने, हर विधानसभा क्षेत्र और तालुक में पीने के पानी के कामों के लिए ₹20-20 करोड़ आवंटित करने और तालुक-स्तरीय सूखा टास्क फोर्स गठित करने की माँग की। उन्होंने कहा कि 175 तालुक पहले ही प्रभावित हो चुके हैं।
इस प्रदर्शन में नीट विवाद का क्या संबंध है?
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस नेतृत्व नीट मुद्दे पर दिल्ली में राजनीतिक प्रदर्शन कर रहा है, जबकि कर्नाटक में सूखे जैसे गंभीर संकट की अनदेखी हो रही है। अशोक ने इसे राजनीतिक फायदे के लिए किया गया 'ड्रामा' बताया।
आरसीबी जश्न हादसे का इस विरोध प्रदर्शन से क्या संबंध है?
आर. अशोक ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के पास दिल्ली में नीट प्रदर्शनों में शामिल होने का समय है, लेकिन बेंगलुरु में आरसीबी जश्न के दौरान हुई भगदड़ में मारे गए 11 निर्दोष लोगों पर बोलने का समय नहीं है। भाजपा ने इसे कांग्रेस की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल किया।
राष्ट्र प्रेस
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