श्रृंगेरी पुनर्गणना में 'आपराधिक साजिश': CM सिद्धारमैया का BJP पर 250 वोट चुराने का आरोप
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार, 5 मई को बेंगलुरु स्थित अपने आधिकारिक आवास 'कृष्णा' में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र की पुनर्गणना को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 2023 विधानसभा चुनाव के डाक मतपत्रों के प्रबंधन और मतगणना में 'आपराधिक साजिश' रची गई, जिसके चलते कांग्रेस विधायक की जीत पलट दी गई।
मूल चुनाव परिणाम क्या था
2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार टीडी राजेगौड़ा ने 201 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 59,171 वोट प्राप्त हुए थे, जिनमें 58,602 ईवीएम वोट और 569 डाक मतपत्र शामिल थे। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवार डीएन जीवराज को 58,970 वोट मिले थे — 58,278 ईवीएम वोट और 692 डाक मतपत्र। सिद्धारमैया के अनुसार, उस समय सभी वोटों को वैध घोषित किया गया था और चुनाव अधिकारियों तथा मतगणना एजेंटों ने परिणामों पर हस्ताक्षर कर दिए थे।
उच्च न्यायालय का आदेश और पुनर्गणना
जीवराज ने अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। न्यायालय ने 6 मार्च को डाक मतपत्रों के पुनः सत्यापन और पुनर्गणना का आदेश दिया। पुनर्गणना के बाद, BJP उम्मीदवार जीवराज ने मौजूदा कांग्रेस विधायक राजेगौड़ा को हरा दिया।
पुनर्गणना के बाद आँकड़े क्यों बदले
सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि पुनर्गणना में राजेगौड़ा के केवल 314 डाक मत वैध माने गए, जबकि 255 मतपत्र अवैध घोषित कर दिए गए। दूसरी ओर, जीवराज को 690 डाक मत प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राजेगौड़ा के पक्ष में डाले गए लगभग 250 वोटों के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई। उन्होंने कहा,