कर्नाटक स्पीकर यूटी खदर का भरोसा: भाजपा विधायक जीवराज को जल्द दिलाई जाएगी शपथ, देरी के आरोप खारिज

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कर्नाटक स्पीकर यूटी खदर का भरोसा: भाजपा विधायक जीवराज को जल्द दिलाई जाएगी शपथ, देरी के आरोप खारिज

सारांश

कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष यूटी खदर ने भाजपा विधायक जीवराज को शपथ दिलाने में जानबूझकर देरी के आरोपों को खारिज किया है। श्रृंगेरी पुनर्गणना विवाद में भाजपा ने राज्यपाल का दरवाज़ा खटखटाया, लेकिन खदर ने संवैधानिक प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि शपथ जल्द दिलाई जाएगी।

मुख्य बातें

कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष यूटी खदर ने 6 मई को कहा कि भाजपा विधायक डीएन जीवराज को जल्द शपथ दिलाई जाएगी।
कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर श्रृंगेरी में पुनर्गणना के बाद निर्वाचन आयोग ने जीवराज को विजेता घोषित किया।
कर्नाटक भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलकर स्पीकर के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई।
खदर ने कहा कि शपथ आवेदन मिलने के बाद उचित प्रक्रिया के लिए कम से कम 24 घंटे आवश्यक हैं।
स्पीकर ने संवैधानिक पदों पर भ्रम फैलाने वाले बयानों को लोकतंत्र के लिए अनुचित बताया।

कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष यूटी खदर ने बुधवार, 6 मई को मंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट किया कि श्रृंगेरी पुनर्गणना विवाद के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक डीएन जीवराज को शपथ दिलाने की प्रक्रिया संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने देरी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे नियमों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुसार ही अपना दायित्व निभाएंगे।

विवाद की पृष्ठभूमि

2023 के विधानसभा चुनावों से जुड़े श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में डाक मतपत्रों की पुनः जांच और पुनर्गणना की प्रक्रिया पिछले सप्ताह कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर कराई गई। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने जीवराज को विजेता घोषित किया, जिन्होंने मौजूदा कांग्रेस विधायक टीडी राजेगौड़ा को पराजित किया। गौरतलब है कि पहले राजेगौड़ा को विजेता घोषित कर शपथ दिलाई जा चुकी थी, जिसके बाद जीवराज अदालत गए और उच्च न्यायालय के आदेश पर पुनर्गणना हुई।

भाजपा का राज्यपाल से हस्तक्षेप का अनुरोध

यह विवाद मंगलवार, 5 मई को और गहरा गया जब कर्नाटक भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर स्पीकर खदर के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि खदर जानबूझकर जीवराज को शपथ दिलाने में देरी कर रहे हैं और राज्यपाल से स्वयं शपथ दिलाने की मांग की।

स्पीकर खदर का जवाब

खदर ने बताया कि राज्यपाल गहलोत ने इस मुद्दे पर उनसे फोन पर संपर्क किया था। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

खदर का '24 घंटे' वाला तर्क तकनीकी रूप से सही हो सकता है, लेकिन जब पुनर्गणना का आदेश उच्च न्यायालय का हो और परिणाम घोषित हो चुका हो, तो लंबी प्रतीक्षा राजनीतिक संदेह को जन्म देती है। असली सवाल यह है कि क्या संवैधानिक प्रक्रियाएं वाकई पालन की जा रही हैं, या वे राजनीतिक सुविधा के अनुसार धीमी-तेज़ होती हैं।
RashtraPress
11 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रृंगेरी पुनर्गणना विवाद क्या है?
2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में श्रृंगेरी सीट पर पहले कांग्रेस के टीडी राजेगौड़ा को विजेता घोषित किया गया था। बाद में भाजपा के डीएन जीवराज कर्नाटक उच्च न्यायालय गए, जिसके आदेश पर डाक मतपत्रों की पुनर्गणना हुई और जीवराज को विजेता घोषित किया गया।
भाजपा विधायक जीवराज को शपथ क्यों नहीं दिलाई गई?
विधानसभा अध्यक्ष यूटी खदर के अनुसार शपथ आवेदन मिलने के बाद संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं के पालन के लिए समय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सुबह आवेदन मिलने पर उसी शाम शपथ दिलाना संभव नहीं है और कम से कम 24 घंटे का समय देना चाहिए।
कर्नाटक भाजपा ने राज्यपाल से क्यों मुलाकात की?
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलकर स्पीकर खदर के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि जीवराज को जानबूझकर शपथ नहीं दिलाई जा रही। भाजपा ने राज्यपाल से स्वयं शपथ दिलाने की मांग भी की।
स्पीकर खदर ने राज्यपाल की भूमिका पर क्या कहा?
खदर ने कहा कि राज्यपाल गहलोत ने फोन पर उनसे बात की और उन्हें दी गई जानकारी के आधार पर स्पष्टीकरण मांगा। स्पीकर ने कहा कि राज्यपाल की कोई गलती नहीं है और उन्होंने स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी है।
आगे क्या होगा इस मामले में?
स्पीकर खदर ने भरोसा दिलाया है कि जीवराज को जल्द शपथ दिलाई जाएगी और उन्हें इसकी सूचना दी जाएगी। मामले की जटिलता को देखते हुए कानूनी सलाह सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस