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श्रींगेरी सीट पुनर्गणना: कांग्रेस विधायक टी.डी. राजेगौड़ा फिर विजयी, 201 वोटों की जीत बरकरार

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श्रींगेरी सीट पुनर्गणना: कांग्रेस विधायक टी.डी. राजेगौड़ा फिर विजयी, 201 वोटों की जीत बरकरार

सारांश

कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश पर हुई श्रींगेरी सीट की डाक मतपत्र पुनर्गणना में कांग्रेस विधायक टी.डी. राजेगौड़ा एक बार फिर विजयी घोषित हुए। 201 वोटों की मूल जीत बरकरार रही, हालाँकि प्रक्रिया के दौरान 9 मतपत्र लापता मिले — जो चुनावी दस्तावेज़ प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश पर 2 मई को श्रींगेरी सीट पर डाक मतपत्रों की पुनर्गणना पूरी हुई।
कांग्रेस विधायक टी.डी.
राजेगौड़ा पुनर्गणना के बाद भी विजयी घोषित — 201 वोटों की जीत बरकरार।
चुनाव में कुल 1,822 डाक मतपत्र डाले गए थे, जिनमें से 279 खारिज हुए थे।
पुनर्गणना के दौरान खारिज मतपत्रों में से 9 मतपत्र लापता मिले, जिन्हें बाद में बरामद किया गया।
BJP उम्मीदवार डी.एन.
जीवराज की हाईकोर्ट याचिका के बाद पुनर्गणना का आदेश दिया गया था।
जीत की घोषणा के बाद चिक्कमगलुरु के आईडीएसजी कॉलेज के सामने समर्थकों ने जश्न मनाया।

कर्नाटक की चर्चित श्रींगेरी विधानसभा सीट पर 2 मई को डाक मतपत्रों की पुनर्गणना पूरी हो गई, जिसमें कांग्रेस विधायक टी.डी. राजेगौड़ा को एक बार फिर विजेता घोषित किया गया। कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश पर चिक्कमगलुरु में आयोजित इस पुनर्गणना प्रक्रिया ने 2023 विधानसभा चुनाव के विवादित परिणाम पर अंतिम मुहर लगा दी।

पुनर्गणना की पृष्ठभूमि

2023 कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार डी.एन. जीवराज कांग्रेस प्रत्याशी टी.डी. राजेगौड़ा से महज 201 वोटों के अंतर से हार गए थे। चुनाव में कुल 1,822 डाक मतपत्र डाले गए थे, जिनमें से 279 वोट खारिज कर दिए गए थे। परिणाम से असंतुष्ट जीवराज ने पुनर्गणना की माँग की, लेकिन तत्कालीन जिला निर्वाचन अधिकारी ने इस पर विचार नहीं किया और राजेगौड़ा को विजेता घोषित कर दिया। इसके बाद जीवराज कर्नाटक हाईकोर्ट पहुँचे, जिसने डाक मतपत्रों की दोबारा गिनती का आदेश दिया।

पुनर्गणना में भ्रम की स्थिति

पुनर्गणना के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब खारिज किए गए 279 मतपत्रों में से केवल 270 ही मिले — 9 मतपत्र लापता थे। अधिकारियों ने गहन खोजबीन के बाद इन्हें बरामद किया। इन नौ मतपत्रों की तलाश में हुई देरी के कारण पुनर्गणना प्रक्रिया तय समय से काफी देर तक चलती रही। यह घटना चुनावी दस्तावेज़ों के रखरखाव पर सवाल उठाती है।

राजेगौड़ा की प्रतिक्रिया

फैसले के बाद प्रतिक्रिया देते हुए टी.डी. राजेगौड़ा ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

चुनावी दस्तावेज़ों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न उठाता है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की विश्वसनीयता पर बहस जारी है — और कागज़ी मतपत्रों को 'पारदर्शी विकल्प' के रूप में पेश किया जाता है। सरकारी खर्च की भरपाई की राजेगौड़ा की माँग भले ही राजनीतिक हो, लेकिन जवाबदेही का सवाल वैध है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रींगेरी सीट पर पुनर्गणना क्यों हुई?
2023 कर्नाटक विधानसभा चुनाव में BJP उम्मीदवार डी.एन. जीवराज केवल 201 वोटों से हारे थे। परिणाम से असंतुष्ट जीवराज ने जिला निर्वाचन अधिकारी से पुनर्गणना की माँग की, जो अस्वीकार हो गई, जिसके बाद उन्होंने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की और अदालत ने डाक मतपत्रों की पुनर्गणना का आदेश दिया।
पुनर्गणना में टी.डी. राजेगौड़ा की जीत का अंतर क्या रहा?
पुनर्गणना के बाद भी कांग्रेस विधायक टी.डी. राजेगौड़ा को विजेता घोषित किया गया और उनकी मूल 201 वोटों की जीत बरकरार रही। पुनर्गणना ने मूल परिणाम को पलटा नहीं।
पुनर्गणना के दौरान 9 मतपत्र लापता होने का क्या मतलब है?
खारिज किए गए 279 मतपत्रों में से केवल 270 ही शुरुआत में मिले, 9 मतपत्र लापता थे। अधिकारियों ने गहन खोजबीन के बाद इन्हें बरामद किया। इस घटना से चुनावी दस्तावेज़ों के रखरखाव और सुरक्षा पर सवाल उठे हैं।
टी.डी. राजेगौड़ा ने पुनर्गणना पर क्या कहा?
राजेगौड़ा ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते थे लेकिन उन्होंने सच सामने आने देने के लिए ऐसा नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि पुनर्गणना प्रक्रिया पर सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए, जिसकी भरपाई याचिकाकर्ता से की जानी चाहिए।
श्रींगेरी विधानसभा सीट कहाँ है?
श्रींगेरी विधानसभा सीट कर्नाटक के चिक्कमगलुरु ज़िले में स्थित है। यह सीट 2023 विधानसभा चुनाव में अत्यंत कम मतों के अंतर से तय हुए परिणाम के कारण चर्चा में रही।
राष्ट्र प्रेस
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