14 जुलाई 2026
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श्रींगेरी उपचुनाव: डाक मतपत्र पुनर्गणना में भाजपा के डी.एन. जीवराज की जीत, राजेगौड़ा को हराया; बोले- 'सत्य की जीत'

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श्रींगेरी उपचुनाव: डाक मतपत्र पुनर्गणना में भाजपा के डी.एन. जीवराज की जीत, राजेगौड़ा को हराया; बोले- 'सत्य की जीत'

सारांश

कर्नाटक के श्रींगेरी में तीन साल की कानूनी लड़ाई और उच्च न्यायालय के आदेश पर हुई डाक मतपत्र पुनर्गणना के बाद भाजपा के डी.एन. जीवराज को विजेता घोषित किया गया। यह मामला चुनावी पारदर्शिता और न्यायिक निगरानी की ताकत को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

जीवराज (BJP) को 4 मई 2026 को श्रींगेरी विधानसभा का आधिकारिक विजेता घोषित किया गया।
कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर 2023 के चुनाव के डाक मतपत्रों की पुनर्गणना हुई।
जीवराज ने आरोप लगाया कि 25-25 मतों के बंडलों को गलत तरीके से खारिज किया गया था।
राजेगौड़ा ने पहले खुद को विजेता घोषित कर जश्न मनाया था।
उपमुख्यमंत्री डी.के.

कर्नाटक के श्रींगेरी विधानसभा क्षेत्र में 4 मई 2026 को डाक मतपत्रों की पुनर्गणना के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार डी.एन. जीवराज को आधिकारिक विजेता घोषित किया गया। निर्वाचन अधिकारी गौरव कुमार शेट्टी ने सोमवार को परिणाम की औपचारिक घोषणा की, जिसमें जीवराज ने कांग्रेस के मौजूदा विधायक टी.डी. राजेगौड़ा को पराजित किया। यह फैसला कर्नाटक उच्च न्यायालय के निर्देश पर 2023 के विधानसभा चुनाव से जुड़े मामले में हुई पुनः जांच और पुनर्गणना के बाद आया है।

मुख्य घटनाक्रम

कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर श्रींगेरी सीट के डाक मतपत्रों की पुनर्गणना की प्रक्रिया पूरी की गई और उसकी रिपोर्ट रविवार को भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को सौंपी गई। सोमवार को विधायक का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद जीवराज ने इस जीत को

संपादकीय दृष्टिकोण

तब जाकर एक निर्वाचित प्रतिनिधि का सच सामने आया। असली सवाल यह है कि ऐसे मामले जहाँ संसाधन या राजनीतिक पहुँच नहीं होती, वहाँ क्या न्याय मिल पाता है? दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप — भाजपा का 'सत्य की जीत' और कांग्रेस का 'संगठित अपराध' — बताते हैं कि चुनावी विश्वसनीयता की लड़ाई अदालत के बाहर भी जारी रहेगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रींगेरी विधानसभा में डाक मतपत्र पुनर्गणना क्यों हुई?
कर्नाटक उच्च न्यायालय के निर्देश पर 2023 के विधानसभा चुनाव में डाक मतपत्रों की पुनः जांच और पुनर्गणना की गई, क्योंकि BJP उम्मीदवार डी.एन. जीवराज ने मतगणना में अनियमितताओं का आरोप लगाया था। रिपोर्ट भारतीय चुनाव आयोग को सौंपी गई और सोमवार को आधिकारिक परिणाम घोषित हुआ।
डी.एन. जीवराज ने मतगणना में क्या अनियमितताएँ बताईं?
जीवराज ने आरोप लगाया कि 25-25 मतों के बंडलों को गलत तरीके से खारिज किया गया था और पहले किसी को जिताने के लिए अवैध रूप से वोट जोड़े गए थे। उन्होंने शुरू से ही मतपत्रों को सुरक्षित रखने की माँग की थी।
कांग्रेस ने इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
राज्य के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने इस मामले को 'बड़े स्तर की साजिश और संगठित अपराध' करार देते हुए इसे लोकतंत्र पर धब्बा बताया। कांग्रेस विधायक राजेगौड़ा ने पुनर्गणना के बाद पहले खुद को विजेता घोषित कर जश्न भी मनाया था।
जीवराज के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर उनका क्या कहना है?
जीवराज ने कहा कि हार के बाद छेड़छाड़ के आरोप लगाना गलत है और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर का कोई आधार नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि वे इसे सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।
तेजस्वी सूर्या ने इस जीत पर क्या कहा?
भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष और बेंगलुरु दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या ने जीवराज को बधाई दी और कहा कि यह जीत चुनावी प्रणाली और न्यायपालिका में विश्वास को मजबूत करती है।
राष्ट्र प्रेस
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