शृंगेरी रिकाउंटिंग: भाजपा ने जीत का दावा किया, राजेगौड़ा के 250 पोस्टल वोट घटे

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शृंगेरी रिकाउंटिंग: भाजपा ने जीत का दावा किया, राजेगौड़ा के 250 पोस्टल वोट घटे

सारांश

शृंगेरी में 2023 का चुनाव परिणाम एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। दोबारा गिनती में कांग्रेस विधायक राजेगौड़ा के 250 से अधिक पोस्टल वोट घट गए — जबकि मूल जीत का अंतर सिर्फ 201 वोट था। भाजपा ने जीत का दावा किया है, लेकिन आधिकारिक फैसला अभी निर्वाचन आयोग के हाथ में है।

Key Takeaways

कर्नाटक उच्च न्यायालय के 6 अप्रैल 2026 के आदेश पर शृंगेरी विधानसभा के डाक मतपत्रों की दोबारा जांच और गिनती 3 मई 2026 को पूरी हुई। दोबारा गिनती में टी.डी. राजेगौड़ा के पोस्टल वोट 569 से घटकर 314 हो गए — 250 से अधिक वोट कम । डी.एन. जीवराज के पोस्टल वोट 692 से घटकर 690 हुए — मात्र 2 वोट की कमी। 2023 के चुनाव में जीवराज केवल 201 वोटों के अंतर से हारे थे; अब भाजपा ने जीत का दावा किया है। चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को सौंपी गई है और आधिकारिक परिणाम आयोग ही घोषित करेगा। भाजपा के विपक्ष नेता आर. अशोक ने इसे

कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर शृंगेरी विधानसभा क्षेत्र के 2023 विधानसभा चुनाव में डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलेट) की दोबारा जांच और गिनती की प्रक्रिया 3 मई 2026 को पूरी हो गई। चुनाव अधिकारी गौरव कुमार शेट्टी ने बताया कि पूरी रिपोर्ट भारत निर्वाचन आयोग को सौंप दी गई है और अभी कोई आधिकारिक परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा।

दोबारा गिनती में क्या बदला

शेट्टी ने अंतिम आंकड़े सार्वजनिक करते हुए बताया कि 2023 की मूल मतगणना में भाजपा उम्मीदवार डी.एन. जीवराज को 692 पोस्टल वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस विधायक टी.डी. राजेगौड़ा को 569 पोस्टल वोट मिले थे। दोबारा जांच और गिनती के बाद जीवराज के पोस्टल वोट 692 से घटकर 690 हो गए, वहीं राजेगौड़ा के पोस्टल वोट 569 से घटकर 314 रह गए — यानी उनके 250 से अधिक वोट कम हो गए।

गौरतलब है कि 2023 के चुनाव में जीवराज, राजेगौड़ा से मात्र 201 वोटों के अंतर से हारे थे। अब पोस्टल बैलेट में राजेगौड़ा के वोटों में भारी कमी आने के बाद भाजपा ने अपनी जीत का दावा ठोक दिया है, हालांकि निर्वाचन आयोग ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

हाई कोर्ट के आदेश की पृष्ठभूमि

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 6 अप्रैल 2026 को अपना आदेश जारी किया था, जिसमें विशेष रूप से 279 पोस्टल बैलेट की जांच और शेष डाक मतपत्रों की दोबारा गिनती का निर्देश दिया गया था। शेट्टी ने स्पष्ट किया,

Point of View

असली सवाल यह है कि मूल मतगणना में यह अंतर क्यों और कैसे आया — और क्या मौजूदा प्रणाली में ऐसी चूकें रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय हैं। निर्वाचन आयोग का अंतिम निर्णय न केवल इस सीट बल्कि पोस्टल बैलेट की विश्वसनीयता के लिए भी मिसाल बनेगा।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

शृंगेरी विधानसभा रिकाउंटिंग क्यों हुई?
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 6 अप्रैल 2026 को आदेश दिया कि 2023 विधानसभा चुनाव में शृंगेरी सीट के पोस्टल बैलेट की दोबारा जांच और गिनती की जाए। भाजपा उम्मीदवार डी.एन. जीवराज ने याचिका दायर कर कांग्रेस विधायक टी.डी. राजेगौड़ा की 201 वोटों की जीत को चुनौती दी थी।
दोबारा गिनती में क्या परिणाम सामने आया?
दोबारा गिनती में टी.डी. राजेगौड़ा के पोस्टल वोट 569 से घटकर 314 हो गए, जबकि डी.एन. जीवराज के वोट 692 से मामूली घटकर 690 रहे। इस आधार पर भाजपा ने जीत का दावा किया है, हालांकि आधिकारिक परिणाम अभी निर्वाचन आयोग घोषित करेगा।
क्या शृंगेरी सीट का आधिकारिक परिणाम बदल गया है?
अभी नहीं। चुनाव अधिकारी गौरव कुमार शेट्टी ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट भारत निर्वाचन आयोग को सौंप दी गई है और परिणाम की घोषणा का अधिकार केवल निर्वाचन आयोग को है। कोर्ट ने परिणाम घोषित करने का निर्देश चुनाव अधिकारी को नहीं दिया था।
हाई कोर्ट के आदेश में किन पोस्टल बैलेट की जांच का निर्देश था?
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने विशेष रूप से 279 पोस्टल बैलेट की जांच और शेष डाक मतपत्रों की दोबारा गिनती का निर्देश दिया था। यह आदेश केवल पोस्टल बैलेट से संबंधित था, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के वोटों से नहीं।
भाजपा और कांग्रेस ने रिकाउंटिंग पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भाजपा के विपक्ष नेता आर. अशोक ने इसे 'सच और लोकतंत्र की जीत' बताया और कांग्रेस व राहुल गांधी पर कथित 'वोट चोरी' का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस विधायक टी.डी. राजेगौड़ा ने शनिवार को दोबारा गिनती के बाद अपनी जीत का दावा करते हुए समर्थकों के साथ जश्न मनाया था।
Nation Press