सिद्धारमैया ने बागलकोट-दावणगेरे उपचुनाव जीत का स्वागत किया, पश्चिम बंगाल नतीजों पर उठाए गंभीर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 4 मई 2026 को बागलकोट और दावणगेरे विधानसभा उपचुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की जीत पर मतदाताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह जनादेश उनकी सरकार की उपलब्धियों एवं पार्टी की विचारधारा की अटूट शक्ति का प्रमाण है। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रशासनिक मशीनरी, धनबल और बाहुबल के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
कर्नाटक उपचुनाव: जनादेश का अर्थ
सिद्धारमैया ने एक बयान में कहा कि गलत सूचना अभियानों और धनबल के प्रभाव के बावजूद, बागलकोट और दावणगेरे के मतदाताओं ने कांग्रेस और उसके शासन में अपना विश्वास दोहराया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस विश्वास को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और आगामी विधानसभा चुनावों में भी जनता के निरंतर समर्थन को लेकर आश्वस्त है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार को कई मोर्चों पर विपक्षी दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
केरल और तमिलनाडु: विभाजनकारी राजनीति को नकारा
अन्य राज्यों के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए सिद्धारमैया ने केरल और तमिलनाडु के मतदाताओं को बधाई दी और कहा कि उन्होंने विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ स्पष्ट फैसला सुनाया है। उन्होंने केरल में कांग्रेस की जीत का श्रेय एकजुट नेतृत्व, मजबूत उम्मीदवारों के चयन और प्रभावी चुनाव प्रचार को दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की भूमिका को भी उन्होंने इस जीत में महत्वपूर्ण बताया।
सिद्धारमैया ने कहा कि केरल में कांग्रेस विधायक दल जल्द ही अपना अगला मुख्यमंत्री चुनेगा और विश्वास व्यक्त किया कि राज्य में शासन व्यवस्था राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल कायम करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस जीत से कर्नाटक में कांग्रेस और मजबूत होगी।
पश्चिम बंगाल पर गंभीर आरोप
पश्चिम बंगाल के नतीजों पर सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी सरकार के खिलाफ जबरदस्त जनविरोधी भावना होने के बावजूद मतदाता सूची संशोधन में अनियमितताओं के साथ-साथ प्रशासनिक मशीनरी, धन और बाहुबल के दुरुपयोग ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया। उन्होंने दावा किया कि संशोधन प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम छूट जाने से भी परिणाम प्रभावित हुए। गौरतलब है कि ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
लोकतांत्रिक मूल्यों पर चिंता
सिद्धारमैया ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चुनौती है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक ध्रुवीकरण पर निर्भरता लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य के मतदाता अगले लोकसभा चुनावों में जनादेश का पुनर्मूल्यांकन करेंगे। यह देखना होगा कि इन आरोपों के बाद चुनाव आयोग (ECI) कोई संज्ञान लेता है या नहीं।