कश्मीर के फल व्यापार को नई दिशा, श्रीनगर से रेल पार्सल सेवा में वृद्धि की तैयारी

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कश्मीर के फल व्यापार को नई दिशा, श्रीनगर से रेल पार्सल सेवा में वृद्धि की तैयारी

सारांश

उत्तरी रेलवे ने कश्मीर घाटी के फल उद्योग को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में पार्सल परिवहन को प्रोत्साहित करने के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा की गई, जिससे व्यापारियों को समय पर डिलीवरी सुनिश्चित हो सके।

Key Takeaways

  • कश्मीर के फल उद्योग को राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के प्रयास।
  • रेल-आधारित पार्सल सेवा का विस्तार।
  • किफायती और समयबद्ध परिवहन विकल्प।
  • छोटे व्यापारियों के लिए सहयोग की योजना।
  • क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि में रेलवे की भूमिका।

जम्मू, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कश्मीर घाटी के फल उद्योग और पार्सल व्यवसाय को राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के लिए उत्तरी रेलवे ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक का उद्देश्य घाटी से रेल-आधारित पार्सल परिवहन को प्रोत्साहित करना था। अधिकारियों ने इस संबंध में जानकारी दी।

रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर के फल उद्योग को राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के लिए जम्मू मंडल ने एक स्टेकहोल्डर्स मीटिंग का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य वहां के आर्थिक परिदृश्य में सुधार लाना है।

श्रीनगर में आयोजित इस बैठक में पार्सल यातायात बढ़ाने के लिए एक रूपरेखा तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसे रेल परिवहन को एक विश्वसनीय, समयबद्ध और किफायती विकल्प के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया। बैठक की अध्यक्षता रेलवे बोर्ड के एक अतिरिक्त सदस्य (वाणिज्यिक) ने की।

जम्मू के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल, कश्मीर के प्रमुख फल उत्पादकों और पार्सल व्यापारियों ने इस बैठक में भाग लिया। चर्चा का मुख्य विषय था कि कैसे चेरी और अन्य फलों की ढुलाई के लिए रेल मार्ग को और अधिक विश्वसनीय बनाया जा सकता है।

अधिकारियों ने जेपीपी-आरसीएस (जॉइंट पार्सल प्रोडक्ट रैपिड कार्गो सर्विस) ट्रेन की क्षमता बढ़ाने के लिए रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया। यह ट्रेन बडगाम से सुबह 8.15 बजे निकलती है और अगले दिन सुबह 5:30 बजे दिल्ली के आदर्शनगर पहुँचती है, जिससे व्यापारियों को समय पर माल की डिलीवरी मिलती है।

छोटे व्यापारियों और उत्पादकों की सहायता के लिए कार्गो एग्रीगेटरों के साथ सहयोग पर सहमति बनी। इससे छोटे पार्सल को सुसंगठित तरीके से परिवहन करने की सुविधा मिलेगी।

बैठक के दौरान, बडगाम, श्रीनगर और पंपोर रेलवे स्टेशनों पर लोडिंग सुविधाओं के उन्नयन पर चर्चा की गई।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि पार्सल यातायात को बढ़ावा देने के लिए रेलवे ने प्रतिस्पर्धी माल ढुलाई दरें और थोक बुकिंग करने वाले एग्रीगेटरों के लिए विशेष रियायत योजनाओं पर चर्चा की।

सिंघल ने कहा कि बैठक का उद्देश्य एक सुव्यवस्थित आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करना है, ताकि कश्मीर के किसान और व्यापारी अपने माल को बिना किसी देरी के कन्याकुमारी तक पहुंचा सकें।

जम्मू के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने कहा, 'कश्मीर के उत्पादों की वैश्विक पहचान है। रेलवे केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि का भागीदार है।'

जम्मू मंडल के कटरा से घाटी तक जाने वाली रेल लाइन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल जून में किया था।

Point of View

NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

कश्मीर के फल उद्योग में रेलवे की भूमिका क्या है?
रेलवे कश्मीर के फल उद्योग को राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिससे समय पर माल की डिलीवरी सुनिश्चित होती है।
पार्सल ट्रेन का समय क्या है?
पार्सल ट्रेन बडगाम से सुबह 8.15 बजे चलकर अगले दिन सुबह 5:30 बजे दिल्ली के आदर्शनगर पहुँचती है।
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