क्या लद्दाख के नए उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने बावे वाली माता मंदिर में लिया आशीर्वाद?

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क्या लद्दाख के नए उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने बावे वाली माता मंदिर में लिया आशीर्वाद?

सारांश

लद्दाख के नए उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने बावे वाली माता मंदिर में आशीर्वाद लिया। उन्होंने क्षेत्र में सुख-शांति की कामना की और नई जिम्मेदारी को निभाने का प्रण लिया। जानें उनके इस विशेष दर्शन के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

कविंदर गुप्ता ने बावे वाली माता मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
उन्होंने सुख-शांति और सफलता की कामना की।
लद्दाख के विकास के लिए समर्पित हैं।
राजनीतिक यात्रा में ईमानदारी और श्रद्धा का महत्व।

जम्मू, 15 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। लद्दाख के नए उपराज्यपाल बने कविंदर गुप्ता ने मंगलवार को जम्मू में स्थित प्रसिद्ध बावे वाली माता महाकाली मंदिर में अपने परिवार के साथ दर्शन किए। उपराज्यपाल के रूप में अपनी नई जिम्मेदारियों को संभालने से पहले, माता रानी के दरबार में मत्था टेकते हुए, उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों में सफलता और क्षेत्र में सुख-शांति की कामना की।

मंदिर में दर्शन के पश्चात, कविंदर गुप्ता ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मां बावे वाली हमारी आराध्य देवी हैं। जब भी हमने कोई मनोकामना की, वह हमेशा पूरी हुई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे जो कार्य सौंपा है, उसकी सफलता के लिए मैं यहां माता के दरबार में आया हूं।

उन्होंने कहा कि यह हमारी परंपरा रही है कि जब भी कोई नया कार्य प्रारंभ होता है, हम अपने ईष्ट का आशीर्वाद लेकर आगे बढ़ते हैं। मैं कामना करता हूं कि माता वैष्णो देवी और माता बावे वाली की कृपा मुझ पर बनी रहे ताकि मैं लद्दाख की जनता की सेवा में पूरे समर्पण के साथ कार्य कर सकूं।

लद्दाख में चीन के साथ सीमा तनाव और भौगोलिक तथा सामाजिक चुनौतियों पर उन्होंने कहा कि लद्दाख एक सीमाई राज्य है, जहां कई संभावित चुनौतियां हैं। मैं केंद्र सरकार और स्थानीय टीम के साथ मिलकर बैठकों के जरिए समाधान निकालने की कोशिश करूंगा। माता रानी से यही शक्ति मांगता हूं कि मैं इन सभी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकूं।

अपनी राजनीतिक यात्रा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब ईमानदारी, लगन और श्रद्धा के साथ किसी कार्य के लिए समर्पण होता है, चाहे वह पार्टी हो, परिवार हो या समाज, तो भगवान उसकी तपस्या अवश्य देखते हैं। यह ईश्वर और हमारे शीर्ष नेतृत्व की कृपा है। अब मेरी यही कोशिश है कि मैं नई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभा सकूं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना दिखाती है कि नए उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने अपनी नई जिम्मेदारियों के प्रति गंभीरता दिखाई है। उनका माता रानी के प्रति आस्था दिखाता है कि वे लद्दाख की जनता के विकास और समृद्धि के प्रति समर्पित हैं।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कविंदर गुप्ता ने मंदिर में क्या प्रार्थना की?
कविंदर गुप्ता ने मंदिर में जाकर अपनी जिम्मेदारियों में सफलता और क्षेत्र में सुख-शांति की प्रार्थना की।
बावे वाली माता का महत्व क्या है?
बावे वाली माता को स्थानीय लोगों द्वारा आराध्य देवी माना जाता है, जिनसे हर मनोकामना पूर्ण होने की विश्वास होता है।
लद्दाख में वर्तमान चुनौतियाँ क्या हैं?
लद्दाख एक सीमाई राज्य है जहाँ चीन के साथ तनाव और सामाजिक-भौगोलिक चुनौतियाँ हैं।
राष्ट्र प्रेस
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