केजरीवाल के चार्टर्ड प्लेन विवाद पर अवध ओझा का तीखा सवाल: क्या नेता बैलगाड़ी पर चलें?
सारांश
Key Takeaways
- अवध ओझा ने चार्टर्ड प्लेन यात्रा की आवश्यकता पर जोर दिया।
- उन्होंने बताया कि आम आदमी की मेहनत और जीवनशैली में बदलाव स्वाभाविक है।
- नेताओं की यात्रा को उनकी आवश्यकता के अनुसार समझा जाना चाहिए।
- ओझा ने केजरीवाल की नेतृत्व क्षमता की सराहना की।
- उन्होंने फिल्मों में विलेन का रोल निभाने की इच्छा जताई।
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी के तहत दिल्ली विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार रहे शिक्षाविद अवध ओझा ने अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के चार्टर्ड प्लेन की यात्रा पर अपनी राय व्यक्त की।
जब उनसे केजरीवाल और भगवंत मान की चार्टर्ड प्लेन में यात्रा के संबंध में पूछा गया, तो उन्होंने राष्ट्र प्रेस से कहा, "क्या उन्हें बैलगाड़ी पर चलना चाहिए था?" उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में तेज यात्रा और बेहतर संचार की आवश्यकता है ताकि समय की बचत हो सके। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर उन्हें गुवाहाटी क्लास लेने जाना हो, तो ट्रेन से जाने में लगभग 24 घंटे लग जाएंगे। ऐसे में विमान या बेहतर साधनों का उपयोग करना आवश्यक है, न कि दिखावे के लिए।
उन्होंने कहा कि एक आम आदमी यदि मेहनत करके ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है, तो उसकी जीवनशैली भी बदलेगी। अगर मुझे कहीं जल्दी जाना हो, तो मैं भी समय की बचत के लिए तेज साधन चुनूंगा। इसका मतलब यह नहीं कि वह व्यक्ति आम आदमी से दूर हो गया है।
अवध ओझा ने कहा कि देश में आम आदमी असली राजा है और नेताओं की भी अपनी जिम्मेदारियां होती हैं। अगर कोई नेता चार्टर्ड प्लेन में यात्रा करता है, तो यह उनकी आवश्यकता के अनुसार होता है। उन्होंने कहा कि निजी जीवन में नेता भी आम आदमी की तरह ही रहते हैं।
जब शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल को राहत मिलने के बाद उनसे पूछा गया कि क्या वे उन्हें भगवान मानते हैं, तो उन्होंने कहा कि किसी को भी भगवान मानना गलत है और यह चापलूसी है।
उन्होंने केजरीवाल की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक उत्कृष्ट नेता बताया, जिनके पास शानदार दृष्टि है। अवध ओझा ने कहा कि उन्होंने केजरीवाल के साथ कई बार गंभीर मुद्दों पर चर्चा की है, जैसे शिक्षा, औद्योगिकीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर। केजरीवाल देश के भविष्य के नेता बन सकते हैं, क्योंकि लोग धीरे-धीरे बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य की आवश्यकता को समझ रहे हैं।
इसके अलावा, अवध ओझा ने फिल्मों में एंट्री को लेकर भी दिलचस्प बातें कीं। उन्होंने कहा कि उनका बॉलीवुड में अच्छा संपर्क है और 'मिर्जापुर' के स्क्रिप्ट राइटर पुनीत कृष्णा समेत कई लोगों से उन्हें विलेन का किरदार देने की बात कही है। ओझा ने हंसते हुए कहा कि यदि वे हीरो का रोल करेंगे तो शायद वह उसमें फिट नहीं बैठेंगे, लेकिन विलेन का किरदार वे अच्छे से निभा सकते हैं।