गेहूं-धान खरीद: केंद्र ने आढ़तियों का कमीशन ₹50.75 और सहकारी समितियों का ₹29.79 प्रति क्विंटल किया, RMS 2026-27 से लागू
सारांश
Key Takeaways
- केंद्र सरकार ने 28 अप्रैल 2026 को गेहूं-धान खरीद के लिए कमीशन दरों में संशोधन को मंजूरी दी।
- पंजाब और हरियाणा में गेहूं के लिए आढ़तियों का कमीशन ₹46.00 से बढ़कर ₹50.75 प्रति क्विंटल होगा।
- राजस्थान में गेहूं का कमीशन ₹41.40 से बढ़कर ₹45.67 प्रति क्विंटल होगा।
- धान के लिए आढ़तियों का कमीशन ₹45.88 से बढ़कर ₹50.61 प्रति क्विंटल होगा।
- सहकारी समितियों के लिए गेहूं कमीशन ₹27.00 से ₹29.79 और धान कमीशन ₹32.00 से ₹35.30 प्रति क्विंटल होगा।
- संशोधन रबी विपणन सत्र (RMS) 2026-27 से लागू होगा।
भारत सरकार ने 28 अप्रैल 2026 को उन आढ़तियों और सहकारी समितियों को दिए जाने वाले कमीशन की दरों में संशोधन को मंजूरी दी है, जो सरकार की ओर से गेहूं और धान की खरीद का कार्य करती हैं। यह संशोधन रबी विपणन सत्र (RMS) 2026-27 से प्रभावी होगा और खरीद एजेंसियों को बेहतर वित्तीय सहयोग सुनिश्चित करेगा।
संशोधन की पृष्ठभूमि
मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, सरकार की ओर से गेहूं और धान की खरीद में मध्यस्थता व एकत्रीकरण सेवाएं प्रदान करने वाली समितियों, सहकारी संस्थाओं, उप-एजेंटों और आढ़तियों को कमीशन दिया जाता है। विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा कमीशन दरों में बदलाव के अनुरोध के बाद, भारतीय खाद्य निगम (FCI), राज्य सरकारों और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के प्रतिनिधियों को मिलाकर एक उप-समिति का गठन किया गया। इस समिति ने मौजूदा दरों की जांच कर संशोधन की सिफारिश की।
आढ़तियों के लिए नई कमीशन दरें
समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने आढ़तियों के कमीशन में वृद्धि को मंजूरी दी है। पंजाब और हरियाणा में गेहूं के लिए आढ़तियों का कमीशन ₹46.00 प्रति क्विंटल से बढ़कर ₹50.75 प्रति क्विंटल हो जाएगा। राजस्थान में यह दर ₹41.40 प्रति क्विंटल से बढ़कर ₹45.67 प्रति क्विंटल होगी। धान की खरीद के लिए आढ़तियों का कमीशन ₹45.88 प्रति क्विंटल से बढ़कर ₹50.61 प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
सहकारी समितियों के लिए संशोधित दरें
सहकारी समितियों को मिलने वाले कमीशन में भी उल्लेखनीय बदलाव किया गया है। गेहूं की खरीद के लिए यह दर ₹27.00 प्रति क्विंटल से बढ़कर ₹29.79 प्रति क्विंटल हो जाएगी, जबकि धान के लिए ₹32.00 प्रति क्विंटल से बढ़कर ₹35.30 प्रति क्विंटल होगी। गौरतलब है कि आधुनिक साइलो में की जाने वाली खरीद के लिए कमीशन मंडियों में लागू दर का 50 प्रतिशत रहेगा, जो मौजूदा नीति के अनुरूप है।
संशोधन का उद्देश्य और प्रभाव
सरकार के अनुसार, कमीशन दरों में इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य खरीद व्यवस्था की निरंतर कार्यकुशलता सुनिश्चित करना और खरीद कार्यों को सुविधाजनक बनाने वाली एजेंसियों को पर्याप्त सहयोग देना है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में गेहूं और धान की सरकारी खरीद के लिए एजेंसियों की भागीदारी बनाए रखना नीतिगत प्राथमिकता बनी हुई है। RMS 2026-27 से इन संशोधित दरों के लागू होने के साथ, खरीद एजेंसियों को बेहतर आर्थिक प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।