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क्या केंद्र सरकार ने इंश्योरेंस कंपनियों पर जीएसटी का लाभ ग्राहकों को पास करने का निर्देश दिया?

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क्या केंद्र सरकार ने इंश्योरेंस कंपनियों पर जीएसटी का लाभ ग्राहकों को पास करने का निर्देश दिया?

सारांश

केंद्र सरकार ने इंश्योरेंस कंपनियों को जीएसटी के लाभ को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। यह कदम ग्राहकों के लिए इंश्योरेंस को अधिक किफायती और सुलभ बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। जानें, इस निर्देश का क्या प्रभाव पड़ेगा?

मुख्य बातें

इंश्योरेंस कंपनियों को जीएसटी का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने का निर्देश सर्विसेज के लिए जीएसटी छूट का लाभ पॉलिसीधारकों की सामर्थ्य और पहुँच में सुधार

नई दिल्ली, 16 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने इंश्योरेंस कंपनियों पर सख्ती बरतते हुए उन्हें जीएसटी का लाभ ग्राहकों को पहुंचाने का निर्देश

सरकार ने कहा है कि इंश्योरेंस कंपनियां जीएसटी सुधारों का प्रचार करें और पॉलिसीधारकों तक लाभ पहुंचाने के लिए सक्रियता से अभियान चलाएं।

वित्त मंत्रालय के अंतर्गत वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने सरकारी और निजी क्षेत्र की इंश्योरेंस कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बैठक की।

बैठक में सचिव ने जीएसटी सुधार के सकारात्मक प्रभावों के बारे में बताया और कहा कि इससे आम आदमी के लिए इंश्योरेंस लेना किफायती हो जाएगा और इसकी पहुँच में सुधार होगा।

वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस कदम से इंश्योरेंस को अधिक सुलभ और लागत प्रभावी बनाने, वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने और देश भर में इंश्योरेंस की पहुँच बढ़ाने की उम्मीद है।

यह बैठक जीएसटी परिषद द्वारा अपनी 56वीं बैठक में अनुमोदित सभी हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों पर जीएसटी से छूट के अनुसरण में आयोजित की गई थी।

बैठक के दौरान, सचिव ने यह सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया कि कर में कटौती का लाभ मौजूदा और संभावित पॉलिसीधारकों दोनों को पूरी तरह से मिले।

हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस को अब शून्य कर श्रेणी में डाल दिया गया है। पहले इन पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू होता था,

रेटिंग एजेंसी आईसीआरए की एक रिपोर्ट के अनुसार, पॉलिसीधारकों को कम प्रीमियम का लाभ मिलेगा।

हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम में कमी आएगी, यह वित्त वर्ष 2025 में उद्योग की सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम आय (जीडीपीआई) का 16 प्रतिशत था। हालांकि, यदि पूरा लाभ दिया जाता है, तो स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है।

हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर शून्य दर से मरीजों की सामर्थ्य और पहुँच में वृद्धि होने की उम्मीद है। जैसे-जैसे हेल्थ इंश्योरेंस की पहुँच में और सुधार होगा, इससे अस्पताल क्षेत्र को भी लाभ होगा।

रिपोर्ट के अनुसार, दीर्घावधि में, यह कदम स्वास्थ्य सेवा को अधिक समावेशी और किफायती बनाने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पूरे देश में वित्तीय सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। सरकार का यह कदम इंश्योरेंस के क्षेत्र में एक नई शुरुआत की ओर इशारा करता है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंश्योरेंस कंपनियों को जीएसटी के लाभ को ग्राहकों तक क्यों पहुंचाना चाहिए?
केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि पॉलिसीधारक जीएसटी के लाभ का पूरा फायदा उठा सकें, जिससे इंश्योरेंस अधिक सुलभ और किफायती हो सके।
क्या जीएसटी में कटौती से हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम में कमी आएगी?
जी हाँ, जीएसटी में कटौती से हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम में कमी आने की उम्मीद है, जिससे ग्राहकों को लाभ होगा।
राष्ट्र प्रेस
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