पीएमएफएमई योजना से अभिषेक जायसवाल का कमाल: बुरहानपुर में डिहाइड्रेटेड यूनिट से 6 लोगों को रोजगार
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के छोटे से गाँव पतोंडा के युवा उद्यमी अभिषेक जायसवाल ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत ₹19 लाख 94 हजार का ऋण प्राप्त कर एक सफल डिहाइड्रेटेड वेजिटेबल यूनिट स्थापित की है। नौकरी छोड़कर स्वरोजगार की राह चुनने वाले अभिषेक आज 6 स्थानीय लोगों को रोजगार दे रहे हैं और ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण में भी योगदान कर रहे हैं।
कैसे बदली अभिषेक की राह
पढ़ाई पूरी करने के बाद अभिषेक जायसवाल एक निजी नौकरी में कार्यरत थे, लेकिन उनकी इच्छा कुछ अपना खड़ा करने की थी। इसी दौरान उन्हें केंद्र सरकार की पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली, जो सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्रदान करती है।
कृषि क्षेत्र से जुड़ाव और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की सोच के साथ उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया। स्वीकृति मिलने पर उन्होंने पतोंडा गाँव में ही अपनी डिहाइड्रेटेड यूनिट की नींव रखी।
क्या है यह यूनिट और कैसे काम करती है
इस यूनिट में ताजी सब्जियों को डिहाइड्रेट कर पाउडर के रूप में तैयार किया जाता है, जिनकी माँग खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में लगातार बढ़ रही है। अभिषेक ने बताया, 'कृषि मेरा क्षेत्र है, इसलिए लोकल प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने का विचार किया। केंद्र सरकार की योजना के तहत मुझे 20 लाख रुपए का लोन मिला, जिसमें सब्सिडी भी शामिल है।'
यूनिट में फिलहाल सब्जियों की सफाई, कटाई, सुखाने और पैकेजिंग का काम होता है। स्थानीय महिलाएँ इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, जिससे उनकी पारिवारिक आय में सुधार आया है।
सहयोगी और स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया
अभिषेक के सहयोगी अजय महाजन ने बताया, 'पीएमएफएमई योजना का लाभ मिला और हमने यूनिट शुरू की। इस योजना से काफी फायदा हुआ है। वर्तमान में 6 लोगों को रोजगार मिल रहा है। हम और अभिषेक दोनों मिलकर यूनिट चलाते हैं।'
स्थानीय व्यापारी संदीप रावल ने कहा, 'मैं उन्हें धन्यवाद दूंगा कि उन्होंने प्रेरणा देकर युवाओं को रोजगार देने और बेरोजगारी दूर करने की पहल की है।' रावल ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्र सरकार युवाओं को रोजगार देने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं।
पीएमएफएमई योजना का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' के तहत शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को संगठित और प्रतिस्पर्धी बनाना है। यह योजना पात्र उद्यमियों को ऋण पर 35% तक की सब्सिडी प्रदान करती है।
अभिषेक जायसवाल जैसे उद्यमी इस योजना की सफलता की जीवंत मिसाल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण युवाओं के पलायन और बेरोजगारी को लेकर चिंताएँ बनी हुई हैं। आने वाले समय में अभिषेक अपनी यूनिट का विस्तार कर अधिक उत्पाद श्रृंखला जोड़ने और अधिक लोगों को रोजगार देने की योजना बना रहे हैं।