क्या केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को रिकॉर्ड फंड दिया है? - दिलीप घोष
सारांश
Key Takeaways
- केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को महत्वपूर्ण विकास फंड दिया है।
- महिलाओं का सशक्तीकरण राज्य के विकास का एक बड़ा हिस्सा है।
- राज्य को 'मॉडल स्टेट' के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
- सुरक्षा मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
- 'डबल इंजन सरकार' का महत्व बताया गया।
कोलकाता, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने सोमवार को केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल को दिए जा रहे विकास फंड और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज तक किसी भी केंद्र सरकार ने बंगाल को उतनी धनराशि नहीं दी, जितनी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदान की है।
दिलीप घोष ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि हाल ही में, केवल पिछले दो दिनों में ही राज्य के विकास के लिए भारी मात्रा में धन का ऐलान किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार से मिले फंड की तुलना मौजूदा मोदी सरकार द्वारा दिए गए फंड से की जाए, तो इसमें कई लाख करोड़ रुपए का अंतर स्पष्ट नजर आता है। यह पहली बार है कि इतनी बड़ी राशि सीधे विकास कार्यों के लिए बंगाल तक पहुंचाई जा रही है।
महिलाओं और ग्रामीण विकास के मुद्दों पर बात करते हुए घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल ने महिलाओं के सशक्तीकरण, महिला शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य खुद को एक 'मॉडल स्टेट' के रूप में प्रस्तुत कर रहा है और यहाँ के लोग भी इस परिवर्तन को अनुभव कर रहे हैं। इसी कारण से उन्होंने राज्य में 'डबल इंजन सरकार' की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि केंद्र और राज्य मिलकर विकास को तेजी से आगे बढ़ा सकें।
सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर बोलते हुए दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि बंगाल से उग्रवादी और घुसपैठिए देश के अन्य हिस्सों में जाकर अशांति फैलाते हैं।
उन्होंने कहा कि पहले बंगाल और बांग्लादेश की सीमा पर जरूरी फेंसिंग का कार्य नहीं हो पा रहा था, लेकिन अब गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में यह कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
घोष ने दावा किया कि जो थोड़ा सा कार्य बचा है, वह भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
दिलीप घोष ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि पश्चिम बंगाल में विकास के साथ-साथ सुरक्षा को भी मजबूत किया जाए ताकि राज्य के लोग सुरक्षित माहौल में आगे बढ़ सकें और देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभा सकें।