ट्रंप का ईरान और अमेरिकी मीडिया पर हमला: एआई से फैल रही फर्जी सूचनाएं

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ट्रंप का ईरान और अमेरिकी मीडिया पर हमला: एआई से फैल रही फर्जी सूचनाएं

सारांश

ट्रंप ने ईरानी सरकार और अमेरिकी मीडिया को गलत सूचनाएं फैलाने के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि ईरान एआई की मदद से दुष्प्रचार कर रहा है और इसकी रिपोर्टिंग में अमेरिकी मीडिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया।

Key Takeaways

  • ट्रंप ने ईरानी सरकार और अमेरिकी मीडिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • एआई का उपयोग गलत सूचनाएं फैलाने में किया जा रहा है।
  • अमेरिकी मीडिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा हुआ है।

वाशिंगटन, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया और ईरानी सरकार पर गलत सूचनाएं फैलाने के लिए कड़ा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान केवल एआई द्वारा निर्मित फर्जी वीडियो के माध्यम से दुष्प्रचार की लड़ाई जीतने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान 'एआई' का उपयोग सूचना युद्ध में एक घातक साधन के रूप में कर रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर भ्रम फैल रहा है।

ईरान को निशाना बनाते हुए ट्रंप ने कहा, "ईरान को लंबे समय से मीडिया के माध्यम से तथ्यों में हेरफेर और जनसंपर्क का विशेषज्ञ माना जाता है। वे सेना के लिहाज से प्रभावहीन और कमजोर हैं, लेकिन फेक न्यूज मीडिया को गलत जानकारी देने में काफी कुशल हैं। अब, एआई एक और गलत जानकारी का हथियार बन चुका है जिसका ईरान बेहद अच्छी तरह से उपयोग कर रहा है। वे दिन-ब-दिन कमजोर होते जा रहे हैं।"

ट्रंप ने कहा कि ईरान नकली बोट्स को दिखाकर यह साबित करने की कोशिश कर रहा है कि ये बोट्स समुद्र में विभिन्न जहाजों पर गोली चला रही हैं, जो बेहद प्रभावशाली और खतरनाक दिखती हैं, लेकिन वास्तव में ये बोट्स हैं ही नहीं। यह सब गलत जानकारी है, जो यह दिखाने के लिए है कि उनकी पहले से हारी हुई सेना कितनी मजबूत है!

अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टिंग पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा, "'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की खबरें पूरी तरह से भ्रामक हैं। रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान के हमले में अमेरिका के पांच रिफ्यूलिंग प्लेन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि असलियत इसके विपरीत है। इनमें से चार विमान पूरी तरह से सुरक्षित और सेवा में हैं। केवल एक विमान को आंशिक नुकसान पहुंचा है, जो मरम्मत के बाद जल्द ही उड़ान भरने के लिए तैयार हो जाएगा। जिन इमारतों और जहाजों में आग लगी हुई दिखाई गई है, वे वास्तव में आग नहीं हैं; यह एआई से बनी फेक न्यूज है। उदाहरण के लिए, ईरान, फेक न्यूज मीडिया के साथ मिलकर, हमारे महान यूएसएस अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर को समुद्र में बेकाबू होकर जलता हुआ दिखा रहा है।"

ट्रंप ने कहा है कि जिन मीडिया संस्थानों ने इस तरह की फेक न्यूज फैलाई है, उनके खिलाफ देशद्रोह का चार्ज लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "सच तो यह है कि ईरान खत्म हो रहा है और वे केवल वही लड़ाइयाँ जीतते हैं जो वे एआई के जरिए बनाते हैं और जिन्हें भ्रष्ट मीडिया आउटलेट्स फैलाते हैं। रेडिकल लेफ्टविंग प्रेस यह अच्छी तरह जानता है, लेकिन फिर भी झूठी कहानियां फैलाता रहता है।"

अमेरिकी मीडिया पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि झूठी खबरों के कारण इनकी अप्रूवल रेटिंग इतनी कम है। इन मीडिया संस्थानों की कोई विश्वसनीयता नहीं बची है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें खुशी है कि फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (एफसीसी) के चेयरमैन ब्रेंडन कैर इन भ्रष्ट और बेहद पक्षपाती न्यूज संगठनों के लाइसेंस की समीक्षा कर रहे हैं। उनके अनुसार, इन संस्थानों को अमेरिकी एयरवेव का मुफ्त इस्तेमाल करने की सुविधा मिलती है, लेकिन वे इसका उपयोग गलत जानकारी फैलाने के लिए करते हैं। ट्रंप ने मजाक करते हुए कहा कि लेट-नाइट शो होस्ट्स को खराब रेटिंग के बावजूद भारी सैलरी मिलती है और जैसा कि वे अपने शो द अप्रेंटिस में कहते थे, उन्हें कभी फायर नहीं किया जाता।

Point of View

जिसमें वे ईरान के खिलाफ गलत सूचनाओं के फैलाव को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। यह मुद्दा वैश्विक स्तर पर सूचना युद्ध और मीडिया की विश्वसनीयता के सवाल को उठाता है।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर क्या आरोप लगाए?
डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान एआई का उपयोग करके फर्जी वीडियो के माध्यम से गलत सूचनाएं फैला रहा है।
ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टिंग को भ्रामक बताया और कहा कि इनमें कोई विश्वसनीयता नहीं बची है।
ईरान के दावे के पीछे क्या कारण है?
ट्रंप के अनुसार, ईरान अपनी कमजोर सेना को प्रभावशाली दिखाने के लिए फर्जी सूचनाएं फैला रहा है।
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