30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या केरल हाईकोर्ट ने सोना चोरी मामले में एसआईटी को फटकार लगाई?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या केरल हाईकोर्ट ने सोना चोरी मामले में एसआईटी को फटकार लगाई?

सारांश

केरल हाईकोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी की जांच कर रही एसआईटी को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी पर गंभीर सवाल उठाए। जानिए इस मामले की पूरी कहानी और कोर्ट के अहम सवाल।

मुख्य बातें

केरल हाईकोर्ट ने एसआईटी के कार्य को संदेहास्पद बताया।
आरोपी शंकरदास अस्पताल में भर्ती हैं।
जमानत याचिकाओं पर कोर्ट ने सुनवाई स्थगित की।
संबंधित प्रायोजकों पर भी सवाल उठाए गए।
उन्नीकृष्णन पोट्टी मुख्य आरोपी हैं।

कोच्चि, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केरल हाईकोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को आरोपी केपी शंकरदास की गिरफ्तारी में हुई देरी पर कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि वह एसआईटी और जांच अधिकारियों की कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं कर सकती।

हाईकोर्ट की पीठ ने कहा कि ट्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व सदस्य शंकरदास को आरोपी बनाए जाने के बाद से अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली है। अदालत ने इस पर भी सवाल उठाया कि शंकरदास का बेटा, जो एक शीर्ष पुलिस अधिकारी है, उसके साथ अस्पताल गया, जिससे गिरफ्तारी न होने के पीछे दिए गए कारणों की विश्वसनीयता संदिग्ध हो जाती है।

यह टिप्पणी अदालत ने तीन आरोपियों, स्वर्ण व्यापारी गोवर्धन, देवस्वोम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार और मुरारी बाबू की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की। कोर्ट ने जमानत के निर्णय को बाद में सुनाने के लिए सुनवाई को स्थगित कर दिया।

अदालत ने एसआईटी के कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में इस तरह की अनियमितताएं कैसे संभव हैं। साथ ही, उसने सबरीमाला मंदिर प्रशासन से जुड़े कथित प्रायोजकों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि जांच इस प्रकार प्रतीत होती है जैसे “छोटे चारे का इस्तेमाल कर बड़ी मछली पकड़ने” की कोशिश की जा रही है, जो जांच की दिशा और मंशा पर सवाल खड़े करता है। अदालत ने दोहराया कि पद्मकुमार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।

देवस्वोम बोर्ड की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट ने पूछा कि यदि सभी निर्णय केवल एक ही व्यक्ति उन्नीकृष्णन पोट्टी ले सकता है, तो बोर्ड की आवश्यकता क्या है। उल्लेखनीय है कि पोट्टी इस मामले के मुख्य आरोपी हैं और उनके साथ 11 अन्य आरोपी जेल में हैं।

यह बताया गया कि जिस समय यह कथित सोना चोरी हुआ, उस समय शंकरदास, पद्मकुमार और एन. विजयकुमार देवस्वोम बोर्ड के सदस्य थे। पद्मकुमार और विजयकुमार, जो दोनों शीर्ष माकपा नेता हैं, जेल में हैं, जबकि शंकरदास इस समय अस्पताल में भर्ती हैं।

इस मामले में आरोपी गोवर्धन ने अपनी जमानत याचिका में दावा किया कि सबरीमाला के श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों पर सोना चढ़ाने का काम उन्होंने किया था, जिसमें लगभग 35 लाख रुपये खर्च हुए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम न्याय प्रणाली की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर ध्यान केंद्रित करें। यह मामला न केवल एक साधारण चोरी का है, बल्कि यह हमारे धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और प्रशासन की विश्वसनीयता से भी जुड़ा है। हमें ऐसे मामलों में निष्पक्षता और त्वरित न्याय की आवश्यकता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबरीमाला सोना चोरी मामला क्या है?
यह मामला सबरीमाला मंदिर में हुई सोने की चोरी से संबंधित है, जिसमें कई आरोपी शामिल हैं और जांच चल रही है।
केरल हाईकोर्ट ने एसआईटी को क्यों फटकार लगाई?
हाईकोर्ट ने एसआईटी को आरोपी केपी शंकरदास की गिरफ्तारी में देरी पर कड़ी फटकार लगाई है।
क्या कोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिका का फैसला किया?
कोर्ट ने जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के बाद निर्णय को स्थगित कर दिया।
उन्नीकृष्णन पोट्टी का क्या संबंध है?
उन्नीकृष्णन पोट्टी इस मामले के मुख्य आरोपी हैं।
क्या इस मामले में और भी आरोपी हैं?
जी हाँ, इस मामले में 11 अन्य आरोपी भी शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले