4 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

खड़गे और प्रियंका कक्कड़ के बयानों पर भाजपा का पलटवार, खंडेलवाल ने विपक्ष को बताया 'राजनीतिक अवसरवादी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
खड़गे और प्रियंका कक्कड़ के बयानों पर भाजपा का पलटवार, खंडेलवाल ने विपक्ष को बताया 'राजनीतिक अवसरवादी'

सारांश

AAP से कांग्रेस में गई प्रियंका कक्कड़ के केजरीवाल पर आरोप, खड़गे का मोदी-शाह पर निशाना और तिरुवनंतपुरम में BJP की जीत — तीनों मुद्दों पर BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने विपक्ष को 'राजनीतिक अवसरवादी' बताते हुए करारा जवाब दिया।

मुख्य बातें

BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 4 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस और AAP पर एकसाथ हमला बोला।
प्रियंका कक्कड़ के AAP से कांग्रेस में शामिल होने के बाद केजरीवाल पर लगाए आरोपों को खंडेलवाल ने 'राजनीतिक अवसरवादिता' करार दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के PM मोदी और अमित शाह पर बयान को खंडेलवाल ने 'निराधार' और 'मानसिक असंतुलन' का प्रतीक बताया।
तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनावों में BJP की जीत का हवाला देकर खंडेलवाल ने EVM पर विपक्ष के दोहरे रवैये पर सवाल उठाया।
खंडेलवाल का दावा — जहाँ विपक्ष जीतता है वहाँ EVM सही, जहाँ हारता है वहाँ EVM पर आरोप — यह 'राजनीतिक अवसरवादिता' है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 4 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान, तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनावों में BJP की जीत और आम आदमी पार्टी (AAP) से कांग्रेस में शामिल हुईं प्रियंका कक्कड़ के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। खंडेलवाल ने विपक्ष की रणनीति को 'राजनीतिक अवसरवादिता' करार दिया।

प्रियंका कक्कड़ के आरोपों पर BJP का जवाब

AAP छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रियंका कक्कड़ द्वारा अरविंद केजरीवाल पर लगाए गए आरोपों को लेकर खंडेलवाल ने कहा, 'इसे ही राजनीतिक अवसरवादिता कहते हैं। कुछ समय पहले तक यही प्रियंका कक्कड़ टीवी चैनलों पर आकर अरविंद केजरीवाल की तारीफ करती थीं। अब कांग्रेस में शामिल होकर वह अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बोल रही हैं।' यह बयान राजनीतिक खेमों में बदलाव की उस परिपाटी को उजागर करता है जिसमें नेताओं के आरोप अक्सर उनकी पार्टी बदलने के साथ ही बदल जाते हैं।

खड़गे के बयान पर खंडेलवाल की तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर दिए गए बयान पर खंडेलवाल ने कहा, 'मुझे लगता है कि उम्र का असर अब उनके दिमाग पर पड़ रहा है और मल्लिकार्जुन खड़गे अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।' उन्होंने आगे कहा कि 'जब विपक्ष का इतना वरिष्ठ नेता इस तरह की निराधार टिप्पणी करता है तो यह स्पष्ट रूप से उनकी अंतर्निहित निराशा को दर्शाता है।' खंडेलवाल के अनुसार खड़गे का यह बयान कांग्रेस पार्टी की 'वर्तमान स्थिति और दिशा दोनों को दर्शाता है।'

तिरुवनंतपुरम नगर निगम जीत और EVM विवाद

खंडेलवाल ने BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनावों में BJP की जीत का उल्लेख करते हुए विपक्ष से पूछा था कि क्या राज्य द्वारा कराए गए निगम चुनावों में भी 'वोट चोरी' हुई। खंडेलवाल ने कहा, 'यह कोई नई बात नहीं है, सुधांशु ने जो उदाहरण दिए हैं वे ठीक हैं।'

EVM पर विपक्ष की दोहरी नीति का आरोप

खंडेलवाल ने विपक्षी दलों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'जब-जब चुनाव हुए और जहां विपक्षी दल जीतते हैं, वहां ईवीएम की चोरी नहीं होती और चुनाव आयोग सही तरीके से काम करता है। जहां विपक्ष हार जाता है, वहां ईवीएम में खराबी हो जाती है और चुनाव आयोग पर सवाल खड़ा हो जाता है।' यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में चुनावी तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और EVM को लेकर बहस एक बार फिर तेज हुई है।

विपक्ष पर राजनीतिक एजेंडाहीनता का आरोप

खंडेलवाल ने अपनी बात समेटते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र मजबूती से काम कर रहा है और मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था को 'बिना आधार के चुनौती देने का काम विपक्ष के वे लोग कर रहे हैं जिनके पास कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं बचा है।' गौरतलब है कि यह बयानबाज़ी ऐसे दौर में सामने आई है जब AAP-कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाएँ और दोनों दलों के नेताओं की आवाजाही राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी हुई है। आने वाले दिनों में इन बयानों पर विपक्षी प्रतिक्रिया और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका असली निशाना कांग्रेस-AAP के बीच बढ़ती दरार को और गहरा करना है। प्रियंका कक्कड़ का पार्टी बदलते ही रुख बदलना उस राजनीतिक संस्कृति को उजागर करता है जिसमें विचारधारा से अधिक महत्व सत्ता-समीकरणों को मिलता है। EVM का मुद्दा हर चुनाव के बाद नए सिरे से उठता है, लेकिन खंडेलवाल का 'जीतने पर EVM सही, हारने पर EVM खराब' वाला तर्क उन मतदाताओं के लिए सरल और प्रभावी है जो राजनीतिक गणित से थके हुए हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि खड़गे के मूल बयान की विषयवस्तु पर बहस होने के बजाय बहस उनकी उम्र और मानसिक स्थिति पर केंद्रित हो गई — यह भाषाई पैंतरेबाज़ी मूल मुद्दे को हाशिये पर धकेल देती है।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रवीण खंडेलवाल ने प्रियंका कक्कड़ के बारे में क्या कहा?
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि AAP से कांग्रेस में शामिल होने के बाद अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाना 'राजनीतिक अवसरवादिता' है, क्योंकि पहले वही प्रियंका कक्कड़ केजरीवाल की तारीफ करती थीं। उन्होंने इसे विपक्ष की विचारहीन राजनीति का उदाहरण बताया।
खंडेलवाल ने मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
खंडेलवाल ने कहा कि खड़गे का PM मोदी और अमित शाह पर दिया बयान 'निराधार' है और यह कांग्रेस के भीतरी असंतोष से उपजे 'मानसिक असंतुलन' को दर्शाता है। उन्होंने कहा यह बयान कांग्रेस पार्टी की 'वर्तमान स्थिति और दिशा दोनों को दर्शाता है।'
तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव और EVM विवाद में BJP का क्या रुख है?
खंडेलवाल ने BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी का समर्थन करते हुए कहा कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम जैसे राज्य-स्तरीय चुनावों में भी BJP जीती है, तो वहाँ EVM पर सवाल क्यों नहीं उठाया जाता। उनका तर्क है कि विपक्ष केवल हार पर EVM को दोष देता है, जो दोहरा मानदंड है।
प्रियंका कक्कड़ कौन हैं और उन्होंने AAP पर क्या आरोप लगाए?
प्रियंका कक्कड़ आम आदमी पार्टी की पूर्व नेत्री हैं जो हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुई हैं। कांग्रेस में आने के बाद उन्होंने अरविंद केजरीवाल और AAP पर आरोप लगाए, जिस पर BJP ने उनके बदले रुख को 'अवसरवादी' करार दिया।
BJP विपक्ष पर किस आधार पर 'राजनीतिक एजेंडाहीनता' का आरोप लगा रही है?
खंडेलवाल का कहना है कि विपक्ष के पास कोई ठोस राजनीतिक एजेंडा नहीं बचा है, इसलिए वह EVM, संस्थाओं और व्यक्तियों पर निराधार आरोप लगाकर ध्यान भटकाने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र मजबूती से काम कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले