किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराना है प्राथमिकता: सीएम मोहन यादव
सारांश
Key Takeaways
- किसानों को सस्ती और निरंतर बिजली उपलब्ध कराना है प्राथमिकता।
- सरकार हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी।
- इस वित्तीय वर्ष के अंत तक दो लाख से अधिक सोलर पम्प दिए जाएंगे।
- नगरीय निकाय कचरा बेचकर आय अर्जित कर सकते हैं।
भोपाल, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि राज्य के किसानों को निरंतर और सस्ती बिजली प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सीएम ने बुधवार को मंत्रालय में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है कि किसान बिना किसी रुकावट के सस्ती बिजली प्राप्त करें।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में सरकार किसानों को हर संभव सहायता देने के लिए तत्पर है। सस्ती बिजली मिलने पर किसान अपने उत्पादन में वृद्धि कर सकेंगे और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकेंगे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सुझाव दिया कि किसानों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार ऊर्जा प्राप्त करने के लिए उन्हें स्वयं ऊर्जा उत्पादक बनाया जाए। इसके लिए उन्हें हरित ऊर्जा उत्पादन से जोड़ा जाना चाहिए। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने से हम उनके जीवन स्तर को बेहतर बना सकते हैं।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के लाभ के लिए सभी किसानों और नागरिकों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए पूरी मेहनत से कार्य करें। साथ ही, किसानों को सोलर पम्पप्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की गति को भी तेज करना आवश्यक है। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक, दो लाख से अधिक किसानों को सोलर पम्प से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि विभाग को अपनी योजनाओं के वार्षिक लक्ष्यों की समीक्षा करनी चाहिए और नई आवश्यकताओं के अनुसार इन्हें बढ़ाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जल्द से जल्द लाभ मिल सके। इसके लिए योजनाओं को समय सीमा के साथ लागू करने की आवश्यकता है। इससे जल्दी और बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
सीएम ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकाय कचरा बेचकर और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में तेजी लाकर अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। नगरीय निकायों के अधिकारियों को इस विषय में प्रशिक्षण देने के लिए भोपाल में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाए। यह कार्यक्रम शीघ्र ही आयोजित किया जाएगा, ताकि निकायों को कार्य करने के लिए अधिकतम समय मिल सके।