कोलकाता एयरपोर्ट पर CISF की बड़ी कार्रवाई: दो यात्रियों के बैग से ₹1.13 करोड़ की विदेशी मुद्रा जब्त
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने 21 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (NSCBI) पर सुरक्षा जाँच के दौरान दो यात्रियों के हैंड बैगेज से 1,19,900 अमेरिकी डॉलर (USD), जो भारतीय मुद्रा में लगभग ₹1,13,64,002 के बराबर है, की विदेशी मुद्रा बरामद की। मुद्रा अखबार में लपेटकर बैगों के निचले हिस्से में छिपाई गई थी और दोनों यात्री बैंकॉक जाने वाली भूटान एयरलाइंस की उड़ान B3700 में सवार होने की तैयारी में थे।
कैसे हुई बरामदगी
अंतर्राष्ट्रीय टर्मिनल के सिक्योरिटी होल्ड एरिया (SHA) में तैनात CISF जवानों ने दोनों यात्रियों के हैंड बैगेज का एक्स-रे स्कैन करते समय संदिग्ध तस्वीरें देखीं। स्कैन में असामान्य घनत्व के संकेत मिलने पर सामान को तत्काल फिजिकल चेकिंग के लिए भेजा गया।
फिजिकल जाँच में पहले यात्री के बैग से 74,900 USD और दूसरे यात्री के बैग से 45,000 USD बरामद हुए। नोट अखबार की परतों में लपेटकर बैगों की तली में दबाए गए थे — तकनीक जो सामान्य स्क्रीनिंग को चकमा देने के लिए इस्तेमाल की जाती है।
आगे की कानूनी कार्रवाई
CISF ने निर्धारित औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद दोनों यात्रियों और बरामद मुद्रा को सीमा शुल्क विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) को सौंप दिया। 74,900 USD जिस यात्री से बरामद हुए, उन्हें AIU और सीमा शुल्क अधिकारियों द्वारा आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय ले जाया गया।
वहीं, 45,000 USD वाले दूसरे यात्री को सीमा शुल्क विभाग ने जब्ती रसीद जारी कर छोड़ दिया। दोनों मामलों में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत जाँच अपेक्षित है।
नियम और सीमा
भारतीय नियमों के अनुसार, कोई भी यात्री बिना घोषणा के $5,000 (या समकक्ष) से अधिक विदेशी मुद्रा लेकर देश से बाहर नहीं जा सकता। घोषणा के साथ भी $10,000 की अधिकतम सीमा है। इस मामले में दोनों यात्रियों ने कथित तौर पर मुद्रा की कोई वैध घोषणा नहीं की थी।
गौरतलब है कि हवाई अड्डों के रास्ते अघोषित विदेशी मुद्रा की तस्करी के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। CISF और सीमा शुल्क विभाग की AIU इकाइयाँ मिलकर इस तरह की कार्रवाइयों में समन्वय करती हैं।
CISF की सतर्कता
यह घटना सुरक्षा जाँच के दौरान CISF कर्मियों की मुस्तैदी का उदाहरण है। एक्स-रे इमेजिंग में असामान्यता पहचानना और त्वरित फिजिकल जाँच करना इस बरामदगी की कुंजी रही। आगे की जाँच AIU के हाथ में है।