21 अक्टूबर 2026
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कोलकाता एयरपोर्ट पर CISF की बड़ी कार्रवाई: बैंकॉक जाते दो यात्रियों से ₹1.14 करोड़ की विदेशी मुद्रा ज़ब्त

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कोलकाता एयरपोर्ट पर CISF की बड़ी कार्रवाई: बैंकॉक जाते दो यात्रियों से ₹1.14 करोड़ की विदेशी मुद्रा ज़ब्त

सारांश

कोलकाता एयरपोर्ट पर CISF की सतर्कता से बड़ी विदेशी मुद्रा तस्करी विफल। बैंकॉक जाने वाले दो यात्रियों के बैगों में फॉल्स कंपार्टमेंट में छिपाए गए ₹1.14 करोड़ के 1,19,900 अमेरिकी डॉलर बरामद। एक यात्री न्यायालय में पेश, दूसरा डिटेंशन रसीद पर छोड़ा गया।

मुख्य बातें

CISF ने 19 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यह कार्रवाई की।
दो यात्रियों के हैंड बैगेज के फॉल्स कंपार्टमेंट से कुल 1,19,900 अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹1,13,64,002 ) बरामद।
पहले यात्री के बैग से 74,900 डॉलर और दूसरे के बैग से 45,000 डॉलर मिले।
दोनों यात्री भूटान एयरलाइंस की फ्लाइट B3700 से बैंकॉक जाने वाले थे।
20 अक्टूबर को पहले यात्री को जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया; दूसरे को डिटेंशन रसीद पर छोड़ा।
मामला कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) को सौंपा गया, फेमा के तहत आगे की जांच जारी।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने 19 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैंकॉक जाने वाले दो यात्रियों के हैंड बैगेज से 1,19,900 अमेरिकी डॉलर (भारतीय मूल्य लगभग ₹1,13,64,002) की विदेशी मुद्रा बरामद की। बैगों में बने नकली हिस्सों में अखबार में लपेटकर छिपाई गई यह रकम नियमित एक्स-रे स्क्रीनिंग के दौरान पकड़ में आई।

बरामदगी का पूरा घटनाक्रम

यह कार्रवाई 19 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 10:20 बजे अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल के सुरक्षा जांच क्षेत्र में हुई। CISF के एक स्क्रीनर को एक्स-रे जांच के दौरान दोनों यात्रियों के बैग में संदिग्ध सामग्री दिखाई दी। दोनों यात्री भूटान एयरलाइंस की फ्लाइट B3700 से बैंकॉक रवाना होने वाले थे।

विस्तृत तलाशी में बैगों के अंदर बने फॉल्स कंपार्टमेंट (नकली हिस्सों) से विदेशी मुद्रा मिली, जिसे अखबार में लपेटकर सुरक्षा जांच से बचाने की कोशिश की गई थी। गौरतलब है कि इस तरह की छुपाने की तकनीक बताती है कि यह कदम सुनियोजित था।

किसके बैग से कितनी रकम

बरामद कुल 1,19,900 अमेरिकी डॉलर में से 74,900 डॉलर पहले यात्री के हैंड बैगेज से मिले, जबकि शेष 45,000 डॉलर दूसरे यात्री के बैग से बरामद किए गए। दोनों यात्रियों और जब्त विदेशी मुद्रा को तत्काल कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) को सौंप दिया गया।

कानूनी कार्रवाई

20 अक्टूबर 2026 को जिस यात्री के बैग से 74,900 डॉलर बरामद हुए थे, उसे AIU/कस्टम अधिकारियों ने जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया। वहीं दूसरे यात्री को 45,000 डॉलर की बरामदगी के संबंध में डिटेंशन रसीद जारी करने के बाद छोड़ दिया गया। आगे की जांच जारी है।

CISF की प्रतिबद्धता

CISF ने अपने बयान में कहा कि वह प्रभावी स्क्रीनिंग, सतर्क निगरानी और अपने कर्मियों के पेशेवर व्यवहार के जरिए विमानन सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला दर्शाता है कि वित्तीय और विदेशी मुद्रा से जुड़े संभावित उल्लंघनों को रोकने में हवाई अड्डा सुरक्षा एजेंसियों और कस्टम विभाग के बीच समन्वित कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण है।

आगे की जांच

यह ऐसे समय में आया है जब भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विदेशी मुद्रा की अवैध तस्करी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। कस्टम अधिकारी अब यह जांचेंगे कि यह राशि किस स्रोत से आई और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था। फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) के तहत इस मामले में आगे की कार्रवाई होने की संभावना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता एयरपोर्ट पर CISF ने कितनी विदेशी मुद्रा बरामद की?
CISF ने 19 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो यात्रियों के बैग से कुल 1,19,900 अमेरिकी डॉलर बरामद किए, जिनकी भारतीय मुद्रा में कीमत लगभग ₹1,13,64,002 है।
विदेशी मुद्रा कैसे छिपाई गई थी?
दोनों यात्रियों के हैंड बैगेज के अंदर बने नकली (फॉल्स) हिस्सों में रकम को अखबार में लपेटकर छिपाया गया था, ताकि एक्स-रे सुरक्षा जांच से बचा जा सके।
पकड़े गए यात्रियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
74,900 डॉलर वाले पहले यात्री को 20 अक्टूबर 2026 को AIU/कस्टम अधिकारियों ने जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया। 45,000 डॉलर वाले दूसरे यात्री को डिटेंशन रसीद जारी करने के बाद छोड़ दिया गया।
यह मामला किस कानून के तहत आता है?
बरामद विदेशी मुद्रा और यात्रियों को कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) को सौंपा गया है। अधिकारियों के अनुसार मामले में फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) के तहत आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या भारतीय हवाई अड्डों पर इस तरह की घटनाएं आम हैं?
हाल के वर्षों में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विदेशी मुद्रा की अवैध तस्करी की घटनाएं बढ़ी हैं। CISF और AIU के बीच समन्वित कार्रवाई को इन मामलों में रोकथाम का प्रमुख औजार माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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