दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर CISF ने दुबई जा रहे यात्री से ₹22.08 लाख की विदेशी मुद्रा जब्त की
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने 30 अगस्त 2026 को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट, नई दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान क्षेत्र में दुबई जा रहे एक यात्री के हैंड बैगेज से 85,000 यूएई दिरहम — जो भारतीय मुद्रा में लगभग ₹22.08 लाख के बराबर है — बरामद किए। यह कार्रवाई CISF की चेक-इन इन्वेस्टिगेशन विंग (CIW) द्वारा यात्री के व्यवहार और प्रोफाइलिंग के आधार पर की गई।
मुख्य घटनाक्रम
यात्री फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ-442 से दुबई रवाना होने वाला था। CISF की CIW विंग के जवानों ने संदिग्ध व्यवहार के आधार पर यात्री को चिह्नित किया और उसके हैंड बैगेज की विस्तृत जाँच की। जाँच में बैगेज के भीतर छिपाकर रखे गए 85,000 यूएई दिरहम मिले। यात्री को बरामद मुद्रा और सामान सहित आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई के लिए कस्टम अधिकारियों को सौंप दिया गया।
CISF की सतर्कता और कार्यप्रणाली
CISF ने कहा कि यह घटना एविएशन सुरक्षा को सुदृढ़ करने और एयरपोर्ट के माध्यम से कीमती सामान की अवैध आवाजाही रोकने में उसके जवानों की सतर्कता और पेशेवर दक्षता का प्रमाण है। बल के अनुसार, व्यवहार-आधारित प्रोफाइलिंग तकनीक इस तरह की बरामदगी में निर्णायक भूमिका निभाती है।
पिछली बरामदगियों का संदर्भ
यह घटना 20 अगस्त को IGI एयरपोर्ट पर हुई एक अन्य बड़ी कार्रवाई के कुछ दिन बाद सामने आई है, जब CISF जवानों ने दो यात्रियों से ₹68,53,500 का बिना हिसाब-किताब वाला नकद बरामद किया था। उस मामले में रैंडम X-BIS स्क्रीनिंग और CCTV फुटेज की मदद से दोनों यात्रियों की पहचान की गई थी, जो गुवाहाटी होते हुए अगरतला जा रहे थे। उन्हें नकद, सामान और यात्रा दस्तावेजों सहित आयकर अधिकारियों को सौंपा गया था।
इससे भी पहले 17 जुलाई को IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर CISF ने कोलकाता जा रहे एक यात्री को रोककर उसके कपड़ों में छिपाए गए 1.210 किलोग्राम सोना और ₹1,97,200 का बिना हिसाब वाला नकद बरामद किया था। उस यात्री ने ड्यूटी पर तैनात CISF कर्मियों को प्रभावित करने की कोशिश की, जिसे जवानों ने अस्वीकार कर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया।
आम जनता और एविएशन सुरक्षा पर असर
लगातार हो रही इन बरामदगियों से स्पष्ट है कि IGI एयरपोर्ट पर अवैध मुद्रा और नकद तस्करी की कोशिशें जारी हैं। CISF की बहु-स्तरीय स्क्रीनिंग — जिसमें व्यवहार विश्लेषण, X-BIS स्कैनिंग और CCTV निगरानी शामिल है — इन प्रयासों पर अंकुश लगाने में प्रभावी साबित हो रही है।
आगे की कार्रवाई
वर्तमान मामले में कस्टम विभाग आगे की जाँच कर रहा है। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत निर्धारित सीमा से अधिक विदेशी मुद्रा ले जाना दंडनीय है और इसके लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट पर इस तरह की सक्रिय निगरानी हवाला नेटवर्क और अनौपचारिक मुद्रा प्रवाह पर प्रभावी रोक का काम करती है।