कोलकाता चोरबागान पंडाल भगदड़: खड़गे, राहुल गांधी, ममता बनर्जी ने जताया शोक, जाँच की माँग
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को हुई दर्दनाक भगदड़ के बाद देशभर के राजनीतिक नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। इस हादसे में कई लोगों की जान जाने और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएँ जताते हुए तत्काल राहत और निष्पक्ष जाँच की माँग की है।
खड़गे की अपील — मुआवज़ा और जाँच दोनों ज़रूरी
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई दुखद भगदड़ से मुझे गहरा आघात लगा है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।' उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार से आग्रह किया कि वह तुरंत बचाव कार्य और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करे, मृतकों और घायलों के परिवारों को उचित मुआवज़ा दे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मामले की गहन जाँच कराए। खड़गे ने कांग्रेस के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे इस कठिन समय में प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करें।
राहुल गांधी ने माँगी निष्पक्ष जाँच
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, 'कोलकाता के चोरबागान पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की खबर बेहद दुखद है। इस हादसे में कई लोगों की जान जाने और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की सूचना है। मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ।' राहुल गांधी ने प्रशासन से अपील की कि सभी घायलों को तुरंत बेहतर इलाज मिले और इस हादसे की निष्पक्ष जाँच हो ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी न दोहराई जाए। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी राहत कार्य में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
ममता बनर्जी और स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'चोर बागान पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बारे में जानकर गहरा सदमा लगा और बहुत दुख हुआ। मैं माँ दुर्गा से प्रार्थना करती हूँ कि सभी घायल लोग जल्द स्वस्थ हो जाएँ और उनके परिवारों को इस कठिन समय में शक्ति और साहस मिले।' वहीं, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के विधायक कुणाल घोष ने कहा कि घटना के कारणों की पड़ताल बाद में होगी, लेकिन अभी सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। उन्होंने बताया कि घायल श्रद्धालुओं को मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने भी जताई संवेदना
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लिखा, 'कोलकाता में घटा हादसा बेहद दुखद है। मृतकों को श्रद्धांजलि। घायल लोगों को तत्काल अच्छे से अच्छा उपचार सुनिश्चित किया जाए।' यह ऐसे समय में आया है जब दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान भारी भीड़ प्रबंधन एक बार फिर बड़े सवाल के रूप में उभरा है।
आगे की राह — जाँच और सुरक्षा उपाय
गौरतलब है कि बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भगदड़ की यह कोई पहली घटना नहीं है। नेताओं की माँगों के मद्देनज़र पश्चिम बंगाल सरकार पर जाँच और राहत कार्य में तेज़ी लाने का दबाव बढ़ता दिख रहा है। आने वाले दिनों में प्रशासनिक जवाबदेही और भविष्य के पंडालों में भीड़ प्रबंधन के नए दिशानिर्देश तय होने की उम्मीद है।