कोलकाता पुलिस ने कालीघाट थाने के OC को 24 घंटे में चौथी बार हटाया, 36 दिनों में चार बदलाव
सारांश
Key Takeaways
कोलकाता पुलिस ने रविवार, 3 मई 2026 को कालीघाट पुलिस स्टेशन की नवनियुक्त प्रभारी अधिकारी (OC) चमेली मुखर्जी को उनकी नियुक्ति के मात्र 24 घंटे के भीतर पद से हटा दिया। इस फेरबदल के साथ ही पश्चिम बंगाल के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित इस थाने में पिछले 36 दिनों में यह चौथा प्रभारी परिवर्तन हो गया है।
मुख्य घटनाक्रम
चमेली मुखर्जी को शनिवार को गौतम दास के स्थान पर कालीघाट OC नियुक्त किया गया था। गौतम दास को उनके विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट के कारण पहले निलंबित किया गया, फिर पद से हटाया गया। मुखर्जी इससे पहले उल्टाडांगा महिला पुलिस स्टेशन की कार्यवाहक अधिकारी थीं। परंतु यह आदेश भी 24 घंटे के भीतर पलट दिया गया।
अब बलाई बाग को कालीघाट पुलिस स्टेशन का नया कार्यवाहक OC बनाया गया है। वे इससे पहले कोलकाता पुलिस के भांगर डिवीजन के पोलरहाट पुलिस स्टेशन में अतिरिक्त कार्यवाहक OC के पद पर थे। यह आदेश कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने जारी किया।
36 दिनों में चार OC: पूरी टाइमलाइन
गौरतलब है कि 29 मार्च 2026 को पहली बार कालीघाट OC में बदलाव हुआ, जब कोलकाता पुलिस के खुफिया विभाग के उत्पल घोष को इस पद पर नियुक्त किया गया। चुनाव आयोग (ECI) ने उनकी नियुक्ति के एक महीने के भीतर ही उन्हें हटा दिया।
इसके बाद 25 अप्रैल को कोलकाता पुलिस की विशेष शाखा से गौतम दास को नया कार्यवाहक OC बनाया गया। उन्हें उनके सोशल मीडिया पोस्ट के कारण निलंबित कर पद से हटाया गया। तीसरे नंबर पर चमेली मुखर्जी आईं, जिन्हें भी 24 घंटे में हटा दिया गया। अब बलाई बाग चौथे OC हैं।
राजनीतिक महत्व
यह थाना क्षेत्र इसलिए संवेदनशील माना जाता है क्योंकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आवास दक्षिण कोलकाता के कालीघाट पुलिस स्टेशन क्षेत्र में ही आता है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद से चुनाव आयोग ने कोलकाता और राज्य पुलिस में व्यापक फेरबदल किए हैं।
चुनावी पृष्ठभूमि
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान संपन्न हो चुका है। मतगणना 4 मई 2026 को होनी है और परिणाम उसी दिन घोषित किए जाएंगे। इस संवेदनशील दौर में कालीघाट थाने में बार-बार हो रहे बदलाव चर्चा का विषय बने हुए हैं।
आगामी दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या बलाई बाग की नियुक्ति स्थायी रहती है या चुनाव परिणामों के बाद प्रशासनिक ढाँचे में और बदलाव होते हैं।