क्या कोटा में शिव परिवार की मूर्ति खंडित करने पर बवाल हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- पिपलेश्वर महादेव मंदिर में मूर्तियों का खंडित होना गंभीर घटना है।
- स्थानीय व्यापारी विरोध कर रहे हैं।
- विधायक संदीप शर्मा ने स्थिति का जायजा लिया।
- पुलिस ने मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति की पहचान की।
- धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं होने देना चाहिए।
कोटा, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के कोटा शहर के शॉपिंग सेंटर क्षेत्र में स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर की मूर्तियों के खंडित होने की खबर के बाद वहां तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थानीय व्यापारियों में गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। जानकारी मिलते ही कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा भी मौके पर पहुंचे।
रविवार सुबह जैसे ही पिपलेश्वर महादेव मंदिर की मूर्तियों को खंडित करने और पोशाक जलाने की खबर फैली, बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सड़क पर धरना दिया और रोड जाम कर दिया। व्यापारियों का आरोप है कि असामाजिक तत्वों ने मंदिर में तोड़फोड़ की है, जो धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने वाली घटना है। वे चाहते हैं कि पुलिस त्वरित कार्रवाई करे और दोषियों को पकड़ा जाए। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी दिलीप सैनी भी घटनास्थल पर पहुंचे और जानकारी ली।
इसके बाद विधायक संदीप शर्मा भी पहुंचे और प्रशासन से घटना के संबंध में जानकारी ली। मीडिया से बातचीत में विधायक ने कहा कि जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, वे मौके पर पहुंचे। यहां उन्होंने देखा कि बजरंग दल के लोग धरने पर बैठे हैं और स्थिति तनावपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों से बातचीत के बाद पता चला कि सीसीटीवी फुटेज में दो-तीन दिन से एक मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति मंदिर के आसपास दिखाई दे रहा था। पुलिस का कहना है कि उसके मानसिक हालात ठीक नहीं हैं और संभव है कि उसने बिना किसी साजिश के यह कदम उठाया हो।
विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि यह जानना आवश्यक है कि मामला किसी साजिश के तहत हुआ या नहीं। उन्होंने कहा कि दोषी व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उससे पूछताछ की जाए ताकि घटना के कारणों का पता चल सके। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह से लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं होने देना चाहिए और पुलिस प्रशासन को इस बात का खास ध्यान रखना होगा।