17 जुलाई 2026
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तेलुगु गंगा नहर से कृष्णा नदी का पानी चेन्नई पहुंचा, पूंडी जलाशय में 75 क्यूसेक प्रवाह जारी

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तेलुगु गंगा नहर से कृष्णा नदी का पानी चेन्नई पहुंचा, पूंडी जलाशय में 75 क्यूसेक प्रवाह जारी

सारांश

भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर — आंध्र प्रदेश के कंदलेरू जलाशय से छोड़ा गया कृष्णा नदी का पानी तेलुगु गंगा नहर के ज़रिए 152 किलोमीटर का सफर तय कर चेन्नई के पूंडी जलाशय तक पहुंच गया है। प्रवाह दर अब 75 क्यूसेक है और शहर के जलाशय 54.11% क्षमता पर हैं।

मुख्य बातें

कृष्णा नदी का पानी तेलुगु गंगा नहर के ज़रिए चेन्नई के पूंडी जलाशय में 75 क्यूसेक की दर से पहुंच रहा है।
आंध्र प्रदेश ने कंदलेरू जलाशय से लगभग 1,900 क्यूसेक पानी तेलुगु गंगा नहर नेटवर्क में छोड़ा।
पानी 28 मई को 50 क्यूसेक पर जीरो पॉइंट पहुंचा — अनुमानित 25 मई से तीन दिन देर से।
चेन्नई के जलाशयों में कुल जल भंडारण 7.154 टीएमसी फीट , यानी क्षमता का 54.11% ।
तेलुगु गंगा परियोजना समझौते के तहत तमिलनाडु को प्रतिवर्ष 12 टीएमसी फीट जल का अधिकार है।
नहर में गाद जमाव और खराब रखरखाव के कारण प्रवाह में देरी और गति में कमी आई।

तेलुगु गंगा नहर प्रणाली के ज़रिए कृष्णा नदी का पानी 1 जून 2026 को चेन्नई के जलाशयों तक पहुंच गया है। आंध्र प्रदेश के कंदलेरू जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद यह प्रवाह अब पूंडी जलाशय में 75 क्यूसेक की दर से दर्ज किया जा रहा है, जो भीषण गर्मी के बीच शहर की पेयजल आपूर्ति को मज़बूती देने वाला अहम कदम है।

मुख्य घटनाक्रम

जल संसाधन विभाग (WRD) के अधिकारियों के अनुसार, कृष्णा नदी का पानी तिरुवल्लूर ज़िले के उथुकोट्टई स्थित जीरो पॉइंट से तमिलनाडु में प्रवेश करके पूंडी जलाशय तक पहुंचा। यह जलाशय चेन्नई की पेयजल ज़रूरतें पूरी करने वाले चार प्रमुख जलाशयों में से एक है।

प्रारंभ में यह प्रवाह 28 मई को 50 क्यूसेक की दर से सीमा पर पहुंचा था — अनुमानित तिथि 25 मई से तीन दिन की देरी के साथ। तब से प्रवाह दर बढ़कर 75 क्यूसेक हो गई है। इस पानी को नहर प्रणाली के ज़रिए तमिलनाडु सीमा तक पहुंचने से पहले लगभग 152 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी।

देरी के कारण

जल संसाधन विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेलुगु गंगा नहर के कई हिस्सों में खराब रखरखाव और गाद का जमाव देरी का मुख्य कारण रहा। नहर मार्ग में रिसाव और जल अवशोषण के चलते प्रवाह की गति धीमी पड़ गई, जिससे तमिलनाडु की ओर पानी पहुंचने में विलंब हुआ।

चेन्नई जलाशयों की मौजूदा स्थिति

यह जल प्रवाह ऐसे समय में आया है जब शहर के जलाशयों में कुल मिलाकर 7.154 टीएमसी फीट पानी उपलब्ध है, जो उनकी कुल भंडारण क्षमता का लगभग 54.11 प्रतिशत है। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि निरंतर जल प्रवाह से भंडारण स्तर और मज़बूत होगा।

समझौते की पृष्ठभूमि

तेलुगु गंगा परियोजना समझौते के तहत आंध्र प्रदेश प्रतिवर्ष कृष्णा नदी का पानी तमिलनाडु को उपलब्ध कराता है। इस समझौते के अनुसार, तमिलनाडु को प्रतिवर्ष 12 टीएमसी फीट जल प्राप्त करने का अधिकार है — जिसमें जुलाई-अक्टूबर के दौरान 8 टीएमसी फीट और जनवरी-अप्रैल के बीच 4 टीएमसी फीट शामिल है।

गौरतलब है कि इस बार पानी छोड़ा जाना तमिलनाडु के अधिकारियों के आंध्र प्रदेश से किए गए विशेष अनुरोध के बाद हुआ, जिसमें गर्मियों के महीनों में चेन्नई की बढ़ती पेयजल मांग का हवाला दिया गया था। इस अनुरोध पर आंध्र प्रदेश सरकार ने कंदलेरू जलाशय से लगभग 1,900 क्यूसेक पानी तेलुगु गंगा नहर नेटवर्क में छोड़ा।

आगे की राह

अधिकारियों के अनुसार, निरंतर जल प्रवाह से आने वाले महीनों में चेन्नई की पेयजल आपूर्ति के लिए अतिरिक्त सुरक्षा सुनिश्चित होगी। नहर के रखरखाव और गाद की समस्या के दीर्घकालिक समाधान पर भी ध्यान देने की ज़रूरत बनी हुई है, ताकि भविष्य में इस तरह की देरी से बचा जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नहर में गाद जमाव और रखरखाव की कमी के कारण हुई तीन दिन की देरी एक पुरानी और अनसुलझी समस्या की ओर इशारा करती है। दो राज्यों के बीच यह जल-साझाकरण समझौता दशकों पुराना है, फिर भी बुनियादी ढांचे की उपेक्षा हर गर्मी में संकट को गहरा करती है। 54.11% भंडारण स्तर फिलहाल स्थिर लग सकता है, लेकिन यह आंकड़ा मानसून की अनिश्चितता के सामने नाज़ुक है। जब तक नहर प्रणाली के रखरखाव को प्राथमिकता नहीं दी जाती, हर साल का यह 'राहत प्रवाह' दीर्घकालिक समाधान नहीं, बल्कि आपातकालीन पैबंद ही बना रहेगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलुगु गंगा नहर से चेन्नई को पानी कब और कितनी मात्रा में मिला?
कृष्णा नदी का पानी 28 मई 2026 को 50 क्यूसेक की दर से तमिलनाडु सीमा पर पहुंचा और अब पूंडी जलाशय में 75 क्यूसेक की दर से प्रवाहित हो रहा है। आंध्र प्रदेश ने कंदलेरू जलाशय से लगभग 1,900 क्यूसेक पानी नहर नेटवर्क में छोड़ा था।
तेलुगु गंगा परियोजना समझौता क्या है?
यह आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बीच एक जल-साझाकरण समझौता है, जिसके तहत आंध्र प्रदेश प्रतिवर्ष कृष्णा नदी का 12 टीएमसी फीट पानी तमिलनाडु को देता है। इसमें जुलाई-अक्टूबर के दौरान 8 टीएमसी फीट और जनवरी-अप्रैल के बीच 4 टीएमसी फीट शामिल है।
पानी के प्रवाह में देरी क्यों हुई?
जल संसाधन विकास विभाग के अनुसार, तेलुगु गंगा नहर के कई हिस्सों में गाद का जमाव और खराब रखरखाव मुख्य कारण रहे। नहर मार्ग में रिसाव और जल अवशोषण के चलते भी प्रवाह की गति धीमी हुई, जिससे पानी अनुमानित 25 मई की बजाय 28 मई को सीमा पर पहुंचा।
फिलहाल चेन्नई के जलाशयों में कितना पानी है?
1 जून 2026 तक चेन्नई के जलाशयों में कुल 7.154 टीएमसी फीट पानी है, जो उनकी कुल भंडारण क्षमता का लगभग 54.11 प्रतिशत है। अधिकारियों को उम्मीद है कि निरंतर जल प्रवाह से यह स्तर और बढ़ेगा।
इस बार आंध्र प्रदेश ने पानी क्यों छोड़ा?
तमिलनाडु के अधिकारियों ने आंध्र प्रदेश से विशेष अनुरोध किया था कि गर्मियों के महीनों में चेन्नई की बढ़ती पेयजल मांग को देखते हुए अतिरिक्त जल आपूर्ति की जाए। इस अनुरोध के जवाब में आंध्र प्रदेश सरकार ने कंदलेरू जलाशय से पानी नहर नेटवर्क में छोड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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