13 अक्टूबर 2026
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प्रज्वल रेवन्ना जेल ट्रांसफर विवाद: कुमारस्वामी ने कर्नाटक सरकार से माँगा जवाब

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प्रज्वल रेवन्ना जेल ट्रांसफर विवाद: कुमारस्वामी ने कर्नाटक सरकार से माँगा जवाब

सारांश

केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने अपने भतीजे प्रज्वल रेवन्ना के जेल ट्रांसफर के समय पर सवाल उठाकर कर्नाटक सरकार को घेरा — पूछा कि डेढ़ साल बाद यह मुद्दा बिदादी किसान आंदोलन के ठीक बीच क्यों उठा, और पेन ड्राइव फैलाने वालों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 13 अक्टूबर को बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रज्वल रेवन्ना के जेल ट्रांसफर के समय पर सवाल उठाए।
कुमारस्वामी ने पूछा कि हिंडालगा जेल ट्रांसफर और वापसी का आदेश किसने दिया और संबंधित फोन कॉल किसने किए।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 लोकसभा चुनावों से दो दिन पहले हसन और मांड्या में पेन ड्राइव वीडियो बाँटे गए।
कुमारस्वामी ने महिलाओं के चेहरे धुंधले न करने पर आपत्ति जताई और पीड़ितों की गरिमा का मुद्दा उठाया।
विपक्ष नेता राहुल गांधी के '400 महिलाओं' वाले दावे पर पलटवार करते हुए पूछा — कितनी महिलाएँ सामने आईं?
कुमारस्वामी ने कर्नाटक सरकार से सार्वजनिक जवाब देने की माँग की।

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रेप मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के जेल ट्रांसफर से जुड़े घटनाक्रम के समय पर कड़े सवाल उठाए। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि जब बिदादी के किसानों के विरोध-प्रदर्शन जैसे संवेदनशील मुद्दे चर्चा में होते हैं, तब जान-बूझकर लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इस प्रकार के मामलों को सामने लाया जाता है।

जेल ट्रांसफर पर उठाए गए सवाल

प्रज्वल रेवन्ना, जो जनता दल (सेक्युलर) — जेडी(एस) के पूर्व सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं, रेप के मामले में दोषी करार दिए गए हैं और फिलहाल बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद हैं। कुमारस्वामी ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए पूछा कि प्रज्वल को हिंडालगा जेल भेजने और फिर वापस लाने का आदेश किसने दिया, और इस प्रक्रिया में संबंधित फोन कॉल किसने किए। उन्होंने पराप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में कथित घटनाओं का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि अधिकारी लगभग डेढ़ साल से क्या कर रहे थे।

स्टिंग और पेन ड्राइव विवाद

कुमारस्वामी ने प्रज्वल रेवन्ना मामले से जुड़ी पेन ड्राइव के सर्कुलेशन की जाँच की प्रगति पर भी तीखे सवाल किए। उन्होंने पूछा कि वीडियो बनाने और बाँटने के लिए कितने लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है, कितनी महिलाओं ने औपचारिक शिकायतें दर्ज कराई हैं और जाँच में अब तक क्या निष्कर्ष निकले हैं।

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनावों से मात्र दो दिन पहले मांड्या और हसन इलाकों में ये वीडियो बाँटे गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो जारी करते समय पीड़ित महिलाओं की पहचान छुपाने के लिए उनके चेहरों को धुंधला नहीं किया गया, जिससे उनके परिवारों की गरिमा और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुँचा।

राहुल गांधी के दावे पर पलटवार

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि गांधी ने दावा किया था कि प्रज्वल रेवन्ना ने 400 महिलाओं के साथ रेप किया है। उन्होंने प्रश्न किया कि उन 400 में से कितनी महिलाएँ सामने आई हैं और कितनों ने मामला दर्ज कराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो फैलाने वाले लोग हसन में अब भी आजादी से घूम रहे हैं।

एसआईटी और राजनीतिक संदर्भ

कुमारस्वामी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने प्रज्वल रेवन्ना मामले की जाँच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठन की आलोचना नहीं की थी। हालाँकि, उन्होंने माँग की कि अन्य मामलों में भी उतनी ही त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार से इन सभी सवालों के जवाब देने की माँग की।

गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में प्रज्वल रेवन्ना ने हसन से जेडी(एस)-एनडीए उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, जबकि कुमारस्वामी स्वयं मांड्या से मैदान में थे। यह मामला ऐसे समय में फिर सुर्खियों में है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।

आगे क्या होगा

कुमारस्वामी ने कर्नाटक सरकार से माँग की है कि जेल ट्रांसफर से जुड़े आदेशों, फोन कॉल्स और पेन ड्राइव सर्कुलेशन की जिम्मेदारी तय कर सार्वजनिक जवाब दिया जाए। इस मामले में राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और एसआईटी की अगली कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक असुविधाजनक सच्चाई भी छिपी है: पेन ड्राइव सर्कुलेशन की जाँच की प्रगति पर राज्य सरकार ने सार्वजनिक रूप से बहुत कम जानकारी दी है। प्रज्वल रेवन्ना के जेल ट्रांसफर की प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव वैध प्रश्न खड़े करता है — चाहे पूछने वाला पक्ष कोई भी हो। असली कमज़ोरी यह है कि दोनों पक्ष पीड़ित महिलाओं के न्याय को नहीं, बल्कि राजनीतिक श्रेय और दोष को केंद्र में रख रहे हैं।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रज्वल रेवन्ना जेल ट्रांसफर विवाद क्या है?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दोषी करार दिए गए पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बेंगलुरु सेंट्रल जेल से हिंडालगा जेल स्थानांतरित किया गया और फिर वापस लाया गया। केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने इस ट्रांसफर के आदेश और उससे जुड़े फोन कॉल्स की जवाबदेही माँगी है।
कुमारस्वामी ने जेल ट्रांसफर के समय पर सवाल क्यों उठाए?
कुमारस्वामी का आरोप है कि यह मुद्दा ठीक उस वक्त उठाया गया जब बिदादी किसान आंदोलन चर्चा में था, ताकि लोगों का ध्यान उससे हटाया जा सके। उन्होंने कहा कि पराप्पना अग्रहारा जेल की कथित घटनाओं पर अधिकारी डेढ़ साल से चुप थे।
पेन ड्राइव विवाद में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
कुमारस्वामी के अनुसार पेन ड्राइव वीडियो बनाने और बाँटने वाले लोग अब भी हसन में स्वतंत्र घूम रहे हैं और राज्य सरकार ने अब तक संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने गिरफ्तारियों की संख्या और जाँच के निष्कर्षों की जानकारी सार्वजनिक करने की माँग की है।
प्रज्वल रेवन्ना कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
प्रज्वल रेवन्ना जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं। वे रेप के मामले में दोषी ठहराए गए हैं और फिलहाल बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद हैं। इस मामले की जाँच के लिए एसआईटी गठित की गई है।
कुमारस्वामी ने राहुल गांधी के '400 महिलाओं' वाले दावे पर क्या कहा?
कुमारस्वामी ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस दावे पर सवाल उठाया जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रज्वल रेवन्ना ने 400 महिलाओं के साथ रेप किया। कुमारस्वामी ने पूछा कि उन 400 में से कितनी महिलाएँ सामने आई हैं और कितनों ने औपचारिक मामला दर्ज कराया है।
राष्ट्र प्रेस
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