22 अक्टूबर 2026
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मांड्या ARAI परियोजनाओं में 10 महीने की भूमि देरी पर कुमारस्वामी ने CM सिद्धारमैया को लिखा पत्र

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मांड्या ARAI परियोजनाओं में 10 महीने की भूमि देरी पर कुमारस्वामी ने CM सिद्धारमैया को लिखा पत्र

सारांश

केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने मांड्या में ARAI के दो परीक्षण केंद्रों के लिए भूमि आवंटन में 10 महीने की देरी को 'अस्वीकार्य' बताते हुए CM सिद्धारमैया को पत्र लिखा और दस्तावेज़ सार्वजनिक किए — यह केंद्र राज्य तनाव का नया मोर्चा है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री एच.डी.
कुमारस्वामी ने 22 अक्टूबर 2026 को CM डी.के.
सिद्धारमैया को पत्र लिखकर मांड्या में भूमि आवंटन में 10 महीने की देरी को 'अस्वीकार्य' बताया।
ARAI द्वारा प्रस्तावित CIE टेस्टिंग सेंटर (लगभग 100 एकड़ ) और EV टेस्टिंग सेंटर ( 60 एकड़ अतिरिक्त) के लिए भूमि अभी तक आवंटित नहीं हुई।
16 मार्च से 28 सितंबर 2026 के बीच कई साइट निरीक्षण, तकनीकी मूल्यांकन और बैठकें हो चुकी हैं, फिर भी निर्णय लंबित है।
कुमारस्वामी ने पत्राचार, बैठक विवरण और CM के अपने बयानों की कतरनें मीडिया के सामने सार्वजनिक कीं।
पत्र विधान सौधा में अतिरिक्त मुख्य सचिव तुषार गिरिनाथ को सौंपा गया; केंद्रीय मंत्री ने उनसे सीधी बातचीत भी की।

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने 22 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. सिद्धारमैया को एक औपचारिक पत्र भेजकर मांड्या जिले में प्रस्तावित दो प्रमुख परीक्षण केंद्रों के लिए भूमि आवंटन में लगभग 10 महीने की देरी पर कड़ी नाराज़गी जताई। ये दोनों सुविधाएं — 'निर्माण और बुनियादी ढाँचा उपकरण (CIE) परीक्षण केंद्र' और 'इलेक्ट्रिक वाहन (EV) परीक्षण केंद्र' — ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) द्वारा प्रस्तावित हैं। कुमारस्वामी ने इस देरी को 'अस्वीकार्य' करार देते हुए मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की माँग की है।

परियोजनाओं का महत्व

ARAI, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एक प्रतिष्ठित ऑटोमोटिव अनुसंधान एवं विकास संस्था है। इसके द्वारा प्रस्तावित दोनों सुविधाएं भारत के ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम को सुदृढ़ करेंगी। इन परियोजनाओं से मांड्या क्षेत्र में तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा और औद्योगिक व रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे।

गौरतलब है कि कुमारस्वामी स्वयं मांड्या लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिससे इस मुद्दे का उनके लिए राजनीतिक और प्रशासनिक — दोनों आयाम हैं।

मुख्य घटनाक्रम: क्या क्या हुआ

16 मार्च 2026 को ARAI की एक टीम ने मांड्या जिले में बसरालू, मांड्या शुगर फैक्ट्री और के.आर. पेट औद्योगिक क्षेत्र की संभावित साइटों का निरीक्षण किया और मांड्या के उपायुक्त से भूमि उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा की। 17 मार्च को विकास सौधा में वाणिज्य और उद्योग विभाग के प्रधान सचिव के साथ बैठक हुई, और 20 मार्च को ARAI ने तकनीकी आवश्यकताओं का विस्तृत विवरण जिला प्रशासन को सौंपा।

13 अप्रैल को कुमारस्वामी ने विधान सौधा में कर्नाटक के उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल से मुलाकात कर परियोजना के दायरे और भूमि आवश्यकताओं पर चर्चा की। 6 मई को मांड्या जिला प्रशासन ने बसरालू और हेग्गेदाहल्ली में चिन्हित स्थलों का विवरण ARAI को उपलब्ध कराया। 18 मई को ARAI की तकनीकी टीम ने इन स्थलों का निरीक्षण किया, जिसमें येलेचाकानाहल्ली गाँव की एक साइट भी शामिल थी।

16 सितंबर 2026 को विकास सौधा में वाणिज्य और उद्योग विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक हुई, जिसमें ARAI, मांड्या जिला प्रशासन और कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (AIADB) के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस बैठक में बसरालू और येलेचाकानाहल्ली की उपयुक्तता की विस्तृत जाँच की गई।

भूमि की ज़रूरत और तकनीकी विकल्प

पत्र के अनुसार, बसरालू में लगभग 100 एकड़ भूमि को CIE टेस्टिंग सेंटर के लिए संभावित रूप से उपयुक्त माना गया, बशर्ते वहाँ सड़क संपर्क में सुधार किया जाए। EV टेस्टिंग सेंटर के लिए 60 एकड़ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी, अधिमानतः CIE सुविधा वाली भूमि से सटी हुई।

येलेचाकानाहल्ली को एक वैकल्पिक स्थल के रूप में भी देखा गया, जहाँ दोनों सुविधाएं एक साथ और एक लंबे टेस्टिंग ट्रैक के साथ स्थापित की जा सकती हैं। हालाँकि, इस विकल्प के साथ निजी भूमि अधिग्रहण, मैसूरु बेंगलुरु हाईवे तक संपर्क सुधार और एक रेलवे ओवरब्रिज निर्माण जैसी चुनौतियाँ भी जुड़ी हैं।

28 सितंबर 2026 को ARAI ने जिला प्रशासन को एक संशोधित प्रस्ताव सौंपा, जिसमें बसरालू में CIE सुविधा के लिए 100 एकड़ और EV टेस्टिंग सेंटर के लिए 60 एकड़ अतिरिक्त भूमि की माँग की गई। कुमारस्वामी ने इस संशोधित प्रस्ताव को एक व्यावहारिक कदम बताया, जिससे EV सेंटर की भूमि का मसला सुलझते सुलझते CIE सुविधा पर काम आगे बढ़ाया जा सके।

केंद्र राज्य टकराव का राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार के बीच पहले से ही कई मुद्दों पर तनाव है। कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री द्वारा मीडिया को दिए गए उन बयानों की अखबारी कतरनें भी पत्र के साथ संलग्न कीं, जिनमें ARAI सुविधा का समर्थन किया गया था — यह कदम स्पष्ट रूप से राज्य सरकार को उसके अपने वचनों की याद दिलाने के लिए उठाया गया।

कुमारस्वामी के प्रतिनिधियों ने यह पत्र विधान सौधा में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव तुषार गिरिनाथ को सौंपा, जिनके साथ केंद्रीय मंत्री ने इस विषय पर बातचीत भी की।

कुमारस्वामी की माँग और आगे की राह

पत्र में कुमारस्वामी ने कहा, "इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए मैं इस पत्र के माध्यम से आपसे एक बार फिर अनुरोध करता हूँ कि मांड्या जिले में ARAI सेंटर के लिए ज़रूरी जमीन तुरंत आवंटित करें। यह औद्योगिक क्षेत्र के विकास और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए बहुत ज़रूरी है। अखबारों और मीडिया में सिर्फ आश्वासन देने के बजाय, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ज़रूरी कदम उठाए जाएं।"

केंद्रीय मंत्री ने संबंधित पत्राचार, बैठक के विवरण और अन्य दस्तावेज़ मीडिया के सामने सार्वजनिक किए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इन परियोजनाओं से मांड्या के औद्योगिक इकोसिस्टम को मज़बूती मिलेगी, तकनीक आधारित निवेश आकर्षित होगा और कर्नाटक के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोज़गार के द्वार खुलेंगे। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और भूमि आवंटन के अगले कदम पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें CM के अपने बयानों को ही उनके खिलाफ हथियार बनाया गया है। लेकिन असली सवाल यह है कि 10 महीनों में छह से अधिक बैठकें, साइट निरीक्षण और संशोधित प्रस्ताव के बावजूद AIADB और जिला प्रशासन निर्णय क्यों नहीं ले पाए — यह राज्य केंद्र विवाद से परे, कर्नाटक की औद्योगिक भूमि आवंटन प्रक्रिया की संरचनात्मक सुस्ती को भी उजागर करता है। मांड्या जैसे कृषि प्रधान जिले में EV और ऑटोमोटिव इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्थापना में यह देरी उन निवेशकों को गलत संदेश देती है जो कर्नाटक को EV हब बनाने की संभावना देख रहे हैं।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मांड्या में ARAI के कौन से परीक्षण केंद्र प्रस्तावित हैं?
मांड्या जिले में दो केंद्र प्रस्तावित हैं — 'निर्माण और बुनियादी ढाँचा उपकरण (CIE) परीक्षण केंद्र' और 'इलेक्ट्रिक वाहन (EV) परीक्षण केंद्र'। दोनों ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) द्वारा प्रस्तावित हैं और भारत के ऑटोमोटिव व EV इकोसिस्टम को मज़बूत करने के उद्देश्य से बनाए जाने हैं।
कुमारस्वामी ने सिद्धारमैया को पत्र क्यों लिखा?
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने मांड्या में ARAI सुविधाओं के लिए भूमि आवंटन में लगभग 10 महीने की देरी पर नाराज़गी जताते हुए यह पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि बार बार बैठकें, साइट निरीक्षण और तकनीकी मूल्यांकन के बावजूद मांड्या जिला प्रशासन और AIADB ने अभी तक भूमि आवंटन को अंतिम रूप नहीं दिया, जिसे उन्होंने 'अस्वीकार्य' बताया।
CIE और EV टेस्टिंग सेंटर के लिए कितनी भूमि चाहिए?
CIE टेस्टिंग सेंटर के लिए बसरालू में लगभग 100 एकड़ भूमि की आवश्यकता है, जबकि EV टेस्टिंग सेंटर के लिए 60 एकड़ अतिरिक्त भूमि चाहिए। ARAI ने प्राथमिकता दी है कि दोनों सुविधाएं एक दूसरे से सटी हुई हों।
इन परियोजनाओं से मांड्या को क्या फायदा होगा?
इन परियोजनाओं से मांड्या के औद्योगिक इकोसिस्टम को मज़बूती मिलेगी और तकनीक आधारित निवेश आकर्षित होगा। कुमारस्वामी के अनुसार, ये परियोजनाएं कर्नाटक के युवाओं के लिए रोज़गार के बेहतरीन अवसर भी सृजित करेंगी।
भूमि आवंटन के लिए अब तक क्या प्रयास किए जा चुके हैं?
मार्च 2026 से अब तक कई दौर की बैठकें, साइट निरीक्षण और तकनीकी मूल्यांकन हो चुके हैं। 28 सितंबर 2026 को ARAI ने संशोधित प्रस्ताव भी सौंपा, लेकिन जिला प्रशासन और AIADB ने अभी तक भूमि आवंटन को अंतिम रूप नहीं दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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