बीएसएफ ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, DG प्रवीण कुमार ने किया नेतृत्व
सारांश
मुख्य बातें
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने 22 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक, नई दिल्ली में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अपने शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। महानिदेशक प्रवीण कुमार के नेतृत्व में अधिकारियों, जवानों और वीर बलिदानियों के परिजनों ने एकत्रित होकर अपने अमर प्रहरियों को नमन किया।
मुख्य घटनाक्रम
गुरुवार को आयोजित इस विशेष स्मृति समारोह में बीएसएफ के अधिकारियों से लेकर अधीनस्थ कर्मियों तक सभी ने शिरकत की। समारोह में शहीदों के परिवारजनों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। गौरतलब है कि राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है, किंतु बीएसएफ ने इस वर्ष 22 अक्टूबर को अपने स्तर पर यह विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया।
परिजनों से आत्मीय मुलाकात
महानिदेशक प्रवीण कुमार और बीएसएफ वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (बावा) की अध्यक्ष ऋचा झा ने शहीद जवानों के परिवारजनों से व्यक्तिगत मुलाकात की। दोनों ने परिजनों का कुशल-क्षेम जाना और उन्हें आश्वस्त किया कि समूचा बीएसएफ परिवार हर परिस्थिति में उनके साथ अडिग खड़ा है। बल की ओर से कहा गया, 'वीर बलिदानियों के त्याग के पुण्य स्मरण के साथ उनके पराक्रम, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा को भी प्रेरणास्वरूप याद किया गया और किया जाता रहेगा।'
स्मृति परेड और बैंड प्रस्तुति
समारोह को गरिमापूर्ण स्वरूप देने के लिए एक विशेष स्मृति परेड का आयोजन किया गया। परेड की टुकड़ी ने बैंड के साथ उपस्थित जनसमूह की अगुवाई करते हुए शहीदों को वीरोचित सम्मान दिया। बीएसएफ के ब्रास और पाइप बैंड की हृदयस्पर्शी प्रस्तुतियों ने वातावरण को और अधिक भावपूर्ण बना दिया।
समापन और संदेश
पूरा आयोजन ध्वजावतरण के साथ संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम राष्ट्र के उन वीर सपूतों के प्रति बल की कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक बना, जिन्होंने सीमा पर तैनात रहते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। बीएसएफ के आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस समारोह की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
यह आयोजन ऐसे समय में और अधिक प्रासंगिक हो जाता है जब सीमाओं पर बल के जवान दिन-रात सतर्क पहरा देते हैं। उनके बलिदान को संस्थागत स्तर पर याद करने की यह परंपरा न केवल शहीद परिवारों को नैतिक सहारा देती है, बल्कि सेवारत जवानों के मनोबल को भी सुदृढ़ करती है।