बीडब्ल्यूडब्ल्यूए दिवस 2026: नई दिल्ली में 130 वीरांगनाएँ सम्मानित, एवरेस्ट फतह करने वाली बीएसएफ महिला टीम को विशेष पुरस्कार
सारांश
मुख्य बातें
बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (बीडब्ल्यूडब्ल्यूए) दिवस 2026 का आयोजन 18 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के निजामुद्दीन परिसर में उत्साह और भावपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम में लगभग 130 वीरांगनाओं और शहीद बीएसएफ जवानों के परिजनों ने हिस्सा लिया, जिनकी उपस्थिति ने पूरे आयोजन को गर्व और श्रद्धा से भर दिया। बीडब्ल्यूडब्ल्यूए की अध्यक्ष ऋचा झा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
सम्मान समारोह: वीरांगनाएँ, दिव्यांग बच्चे और एवरेस्ट विजेता
कार्यक्रम का केंद्रबिंदु रहा सम्मान समारोह, जिसमें सभी उपस्थित वीरांगनाओं और बीएसएफ जवानों के दो दिव्यांग बच्चों को उनके अदम्य साहस और हिम्मत के लिए सम्मानित किया गया। विशेष रूप से बीएसएफ महिला पर्वतारोहण टीम की सदस्यों को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए अलग सम्मान दिया गया।
इस टीम ने हाल ही में माउंट एवरेस्ट को सफलतापूर्वक फतह किया था और शिखर पर पहुँचकर 'वंदे मातरम' गाया था — जो पूरे बीएसएफ परिवार के लिए गौरव का क्षण बना। गौरतलब है कि सशस्त्र बलों की महिला टीमों द्वारा पर्वतारोहण में ऐसी उपलब्धियाँ राष्ट्रीय प्रेरणा का प्रतीक मानी जाती हैं।
खेल जगत में बीएसएफ का परचम
देश और बीएसएफ का प्रतिनिधित्व करते हुए विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियाँ पूरे बीएसएफ परिवार के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय हैं।
'प्रहरी संगिनी' पत्रिका के 24वें अंक का विमोचन
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में बीडब्ल्यूडब्ल्यूए की पत्रिका 'प्रहरी संगिनी' के 24वें संस्करण का विमोचन भी शामिल था। यह प्रकाशन संगठन की कल्याणकारी गतिविधियों और बीएसएफ परिवार के बीच जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को रेखांकित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा बलों के परिजनों के मानसिक और सामाजिक कल्याण पर राष्ट्रीय ध्यान बढ़ रहा है।
ऋचा झा का संबोधन और 'पावर ऑफ शी' थीम
ऋचा झा ने अपने संबोधन में वर्ष 2026 के लिए निर्धारित थीम 'पावर ऑफ शी' और उस पर आधारित गतिविधियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले 'अमर प्रहरियों' के परिजनों तक पहुँचने की विशेष पहल और उनके कल्याण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
उन्होंने वीरांगनाओं से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया, उनकी चिंताओं को धैर्यपूर्वक सुना और शिकायतों के समाधान के लिए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने बीएसएफ परिवारों, आश्रितों और दिव्यांग बच्चों के कल्याण के प्रति बीडब्ल्यूडब्ल्यूए की अटूट प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
सामुदायिक भोज: एकता का प्रतीक
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों के लिए आयोजित सामुदायिक भोज के साथ हुआ, जो बीडब्ल्यूडब्ल्यूए समुदाय की एकता और आत्मीयता का प्रतीक बना। यह आयोजन एकता, कल्याण और संवेदना के भाव के साथ संपन्न हुआ, जिसने संगठन के मूल मूल्यों को एक बार फिर रेखांकित किया। आने वाले समय में बीडब्ल्यूडब्ल्यूए की 'पावर ऑफ शी' थीम के तहत और भी कार्यक्रमों की योजना बताई जा रही है।