क्या 'आप' ने गरीबों के हेल्थ प्रोजेक्ट को अपना वेल्थ प्रोजेक्ट बना लिया?

सारांश
Key Takeaways
- भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।
- गरीबों के हेल्थ प्रोजेक्ट का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
- प्रधानमंत्री मोदी की सुशासन सरकार की स्थिरता महत्वपूर्ण है।
- आर्थिक संकट के बावजूद, भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है।
- आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रगति हो रही है।
नई दिल्ली, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सौरभ भारद्वाज के आवासों पर ईडी की कार्रवाई के संदर्भ में भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को तंज कसा। उन्होंने दिल्ली में पूर्व की 'आप' सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की।
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "यदि कोई सरकार गरीबों के हेल्थ प्रोजेक्ट को अपना वेल्थ प्रोजेक्ट बना ले, तो उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए। गरीबों के हेल्थ प्रोजेक्ट के साथ धोखाकानूनी कार्रवाई अवश्य होगी। ये वही पार्टी है, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ क्रांति के नाम पर आई थी, लेकिन अब यह खुद भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी कारीगर बन गई है।"
उन्होंने कहा, "राहुल गांधी, तेजस्वी यादव या उनके जैसे अन्य लोग, उनकी समस्या चुनाव आयोग नहीं है, बल्कि चुनाव हारने का डिप्रेशन है। जो पार्टी छह दशकों से अधिक समय तक एकाधिकार में रही, वह इस बात को समझ नहीं पा रही कि जनता उन्हें क्यों नकार रही है। केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी तीसरी सुशासन सरकार चला रहे हैं, लेकिन कांग्रेस को लगता है कि सत्ता में रहना उनका जन्मसिद्ध अधिकार है।"
नकवी ने कहा, "दुनिया में आर्थिक संकट और मंदी का दौर चल रहा है, लेकिन भारत मजबूत और स्थायी अर्थव्यवस्था के साथ आगे बढ़ रहा है। जिस समय दुनिया में कई चीजों की किल्लत थी, भारत ने किसी प्रकार की किल्लत का सामना नहीं किया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने निरंतर प्रगति की है। यही वजह है कि जब दुनिया की अधिकांश अर्थव्यवस्थाएँ डगमगा रही थीं, तब भी हमारी अर्थव्यवस्था स्थिर और मजबूत रही। आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना के तहत, देश आगे बढ़ता रहेगा।