क्या अब समय आ चुका है कि देश की बेटियां सपना देखें? : रागिनी नायक

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क्या अब समय आ चुका है कि देश की बेटियां सपना देखें? : रागिनी नायक

सारांश

कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत पर बधाई देते हुए कहा है कि बेटियों को अब सपने देखने का समय आ चुका है। इस जीत ने यह साबित किया कि सपने सच हो सकते हैं। क्या बिहार की राजनीतिक स्थिति भी बदलने वाली है?

मुख्य बातें

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत पर गर्व है।
बेटियों को सपने देखने का समय आ चुका है।
बिहार में कानून व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
तेजस्वी यादव को सत्ता सौंपने का मन बना लिया गया है।
सपने पूरे होते हैं, इस पर विश्वास रखें।

नालंदा, 3 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने सोमवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब समय आ चुका है कि इस देश की बेटियां सपना देखना शुरू करें, क्योंकि सपने पूरे होते हैं। उनके सपने को पूरा होने से कोई नहीं रोक सकता है।

उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि भारतीय महिलाओं की जीत से मैं इस कदर खुश हूं कि मेरे पास इस खुशी को बयां करने के लिए कोई शब्द ही नहीं है। रविवार की जीत की खुशी के बाद तो मेरे आंखों में आंसू आ गए। हमारे खिलाड़ियों ने साउथ अफ्रीका की टीम को हराकर कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके लिए मैं उन्हें तहे दिल से बधाई देना चाहती हूं। भारतीय महिला टीम के खिलाड़ियों ने यह सपना देखा था तो वह पूरा हो गया। इस जीत से हमें यह साफ पता चला है कि हमें सपने देखने चाहिए, क्योंकि सपने पूरे होते हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार में लचर कानून-व्यवस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चुनावी तैयारियों के बीच दिनदहाड़े दुलारचंद की हत्या हो जाती है। इसके बाद ये लोग औपचारिकता तौर पर कह देते हैं कि हमने अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो बिल्कुल उचित नहीं है। एनडीए के शासनकाल में बिहार अपराधियों का केंद्र बन चुका है। हम उस दृश्य को नहीं भूले हैं कि कैसे पटना के पारस अस्पताल में अपराधियों ने घुसकर दिनदहाड़े गोली मार दी थी।

उन्होंने कहा कि इसके बाद फिर से हमें बिहार में इस तरह की घटना देखने को मिल चुकी है, जो प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था की बानगी है। अब बिहार में इस तरह की स्थिति कैसे पैदा हुई? इसका जवाब सरकार के पास नहीं है। नीतीश कुमार की हालत देखकर लगता है कि वे बिहार को क्या संभालेंगे? उन्हें तो खुद कोई संभालने वाला चाहिए। बिहार की इन्हीं स्थितियों को ध्यान में रखते हुए बिहार की जनता ने इस बार फिर से तेजस्वी यादव को सत्ता सौंपने का मन बना लिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बिहार की राजनीतिक स्थिति को भी महत्वपूर्ण मानती हैं। यह एक संकेत है कि बिहार की जनता बदलाव की ओर देख रही है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रागिनी नायक ने क्या कहा?
उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत पर बधाई देते हुए कहा कि इस देश की बेटियां अब सपने देख सकती हैं।
बिहार में कानून व्यवस्था के बारे में क्या कहा गया?
उन्होंने बिहार में लचर कानून व्यवस्था पर चिंता जताई और कहा कि यह स्थिति सुधारने की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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