क्या अमेरिका में कुरान के साथ शपथ लेना राजनीति का हथियार बन सकता है? - राजीव रंजन

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क्या अमेरिका में कुरान के साथ शपथ लेना राजनीति का हथियार बन सकता है? - राजीव रंजन

सारांश

राजीव रंजन प्रसाद ने अमेरिका में कुरान पर शपथ लेने के मुद्दे पर चर्चा की। साथ ही, उन्होंने भारत की पहली बुलेट ट्रेन और बिहार की कानून-व्यवस्था पर भी महत्वपूर्ण बातें साझा की। क्या ये मुद्दे राजनीति से ऊपर उठकर देखे जाने चाहिए? जानिए उनके विचार।

Key Takeaways

  • अमेरिका में शपथ लेने की प्रक्रिया धर्म के अनुसार है।
  • भारत की पहली बुलेट ट्रेन एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
  • कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है।
  • बुलेट ट्रेन से आम लोगों को लाभ होगा।
  • राजनीति को विकास के मुद्दों से अलग रखा जाना चाहिए।

पटना, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने अमेरिका की राजनीति, भारत की पहली बुलेट ट्रेन और बिहार की कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन मामलों को राजनीति से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए।

अमेरिका में भारतीय मूल के जोहरान ममदानी के न्यूयॉर्क के मेयर के रूप में शपथ लेने और क़ुरान पर हाथ रखकर शपथ ग्रहण करने को लेकर पूछे गए सवाल पर राजीव रंजन प्रसाद ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि अमेरिका का संविधान नागरिकों को उनके धर्म और आस्था के अनुसार शपथ लेने की अनुमति देता है।

उन्होंने कहा, "भारत में भी इसी तरह अलग-अलग धर्मों के अनुसार शपथ ली जाती है। यह कोई ऐसी घटना नहीं है जिसे वैश्विक स्तर पर राजनीतिक रंग दिया जाए। लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में व्यक्तिगत आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए।"

भारत की पहली बुलेट ट्रेन को लेकर जदयू प्रवक्ता ने इसे देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि विज्ञान, शोध और तकनीक के क्षेत्र में भारत अब उन परियोजनाओं को लागू कर रहा है, जिन्हें अब तक केवल विकसित देशों से जोड़ा जाता था। बुलेट ट्रेन भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा 15 अगस्त 2027 तक भारत की पहली बुलेट ट्रेन शुरू करने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि यह भारत के लिए एक बड़ी छलांग है।

उन्होंने कहा, "2027 में देश को पहली बुलेट ट्रेन मिलने जा रही है। यह प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे यह भी साफ झलकता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है और इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा।"

उन्होंने विपक्ष के सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि बुलेट ट्रेन को लेकर बहस हो सकती है, लेकिन इसी तरह के सवाल मंगल या चंद्र मिशन पर भी उठाए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा, "आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, और बुलेट ट्रेन से बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित होंगे। इसलिए इसे राजनीति के चश्मे से नहीं, बल्कि विकास के रूप में देखा जाना चाहिए।"

बिहार के दानापुर में हुए एनकाउंटर को लेकर जदयू प्रवक्ता ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में बिहार में कानून-व्यवस्था का माहौल काफी बेहतर हुआ है।

उन्होंने बताया कि अब बड़े पैमाने पर हिंसा, नरसंहार या सांप्रदायिक तनाव जैसी घटनाएं नहीं होतीं और कहीं भी कर्फ्यू नहीं लगाया गया है। हालांकि, अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस को कभी-कभी सख्त कदम उठाने पड़ते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनकाउंटर में घायल व्यक्ति एक अपराधी था और वह वर्ष 2022 के अनवर आलम हत्याकांड में वांछित था।

राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि सरकार विकास और सुरक्षा, दोनों मोर्चों पर संतुलन बनाकर आगे बढ़ रही है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि राजीव रंजन प्रसाद का दृष्टिकोण लोकतंत्र और व्यक्तिगत आस्था का सम्मान करने का है। यह महत्वपूर्ण है कि हम राजनीति से परे जाकर विकास और सुरक्षा के मुद्दों पर ध्यान दें।
NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या अमेरिका में कुरान पर शपथ लेना सही है?
हाँ, अमेरिका का संविधान नागरिकों को उनके धर्म के अनुसार शपथ लेने की अनुमति देता है।
भारत की पहली बुलेट ट्रेन कब शुरू होगी?
भारत की पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है।
बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति कैसी है?
पिछले 20 वर्षों में, बिहार में कानून-व्यवस्था का माहौल काफी बेहतर हुआ है।
क्या बुलेट ट्रेन से आम लोगों को लाभ होगा?
जी हाँ, बुलेट ट्रेन से बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित होंगे।
क्या एनकाउंटर में घायल व्यक्ति एक अपराधी था?
हाँ, वह एनकाउंटर में घायल व्यक्ति एक अपराधी था और 2022 के अनवर आलम हत्याकांड में वांछित था।
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