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क्या एशिया कप फाइनल में भारत के सामने पाकिस्तान घुटने टेकेगा? - मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन

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क्या एशिया कप फाइनल में भारत के सामने पाकिस्तान घुटने टेकेगा? - मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन

सारांश

क्या एशिया कप फाइनल में भारत एक बार फिर पाकिस्तान को मात देगा? मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने अपने बयान में कहा है कि पाकिस्तान की हार निश्चित है। जानें इसके पीछे के तर्क और मौलाना की भविष्यवाणियाँ।

मुख्य बातें

भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप का फाइनल एक महत्वपूर्ण मैच है।
मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन का मानना है कि पाकिस्तान की हार निश्चित है।
खेल के मैदान में प्रतिस्पर्धा का महत्व है।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखना आवश्यक है।

अलीगढ़, 28 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। एशिया कप के फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को होने वाले मुकाबले पर दुनियाभर की निगाहें टिकी हुई हैं। इस हाई-वोल्टेज मैच से पहले उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने कहा कि हम पहले भी पाकिस्तान को हरा चुके हैं, फाइनल मैच में भी हराएंगे।

मौलाना ने पाकिस्तान को निशाने पर लेते हुए कड़ा बयान दिया है। उन्होंने मैच को 'जंग का मैदान' बताते हुए पाकिस्तान की हार की भविष्यवाणी की और हाल के पहलगाम हमले का जिक्र किया। राष्ट्र प्रेस से बातचीत में मौलाना ने कहा कि देखिए, हम तो कहेंगे जंग का मैदान हो या खेल का मैदान, पाकिस्तान की हर बार हार भारत से होगी। पाकिस्तान कभी भारत से नहीं जीत सकता। पाकिस्तान के आतंकियों ने पहलगाम में हमला किया, बेकसूरों को मारा। पिछले मैच में उनके खिलाड़ी बेहूदा हरकत कर रहे थे। वे कभी इन करतूतों से नहीं जीत पाएंगे।

उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ी हर स्तर पर विपक्षी को मात देते हुए बार-बार जीत रहे हैं। हमारी दुआएं हमारे खिलाड़ियों के साथ में हैं। पाकिस्तान की हार होना लाजमी है, हमारे खिलाड़ी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को घुटने पर लाएंगे, यह होकर रहेगा।

मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने मौलाना तौकीर की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है, जो उचित है। उन्होंने कहा कि धार्मिक नारों का इस्तेमाल कर माहौल बिगाड़ने और समाज को बांटने की कोशिश का कोई औचित्य नहीं है। इस्लाम में गरीबों को उनके अधिकार दिलाने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की बात है, लेकिन धार्मिक नारों के जरिए समाज को विभाजित करना पूरी तरह गलत है।

मौलाना हुसैन ने कहा कि वक्फ की जमीनों पर माफियाओं ने कब्जा कर लिया, लेकिन गरीबों के हक में कोई नारा नहीं उठाया गया। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ प्रशासन का कार्रवाई करना स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और कानून के दायरे में रहकर कार्य करना सभी की जिम्मेदारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी महत्वपूर्ण है कि ऐसे बयानों से खेल की भावना प्रभावित न हो। खेल हमेशा प्रतिस्पर्धा और एकता का प्रतीक होना चाहिए।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन की भविष्यवाणी सही है?
भविष्यवाणियाँ केवल एक दृष्टिकोण होती हैं। मैच के परिणाम का निर्धारण केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।
भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले का महत्व क्या है?
यह मुकाबला न केवल क्रिकेट प्रेमियों के लिए, बल्कि दोनों देशों के लिए एक भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस
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