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क्या बीजेपी सरकार में युवाओं को रोजगार और पैसा नहीं मिला?

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क्या बीजेपी सरकार में युवाओं को रोजगार और पैसा नहीं मिला?

सारांश

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने युवाओं को रोजगार और वित्तीय सहायता न देने का मुद्दा उठाया है। जानें इस मामले में उनका क्या कहना है और किस तरह से यह स्थिति देश के युवाओं को प्रभावित कर रही है।

मुख्य बातें

युवाओं को रोजगार और वित्तीय मदद का वादा, अभी तक अधूरा कर्नाटक सरकार द्वारा विशेष जांच दल का गठन मोदी सरकार पर झूठ बोलने के आरोप धर्मनिरपेक्षता के मुद्दे पर भगवत गीता का पाठ प्रधानमंत्री की मां को लेकर विवादित बयान

लखनऊ, 21 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर युवाओं से वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने न तो युवाओं को पैसा दिया और न ही रोजगार प्रदान किया है। आज लोग 5 किलो राशन पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। यह समय बहुत बेकार है। इससे पहले इस मुद्दे पर कभी विचार नहीं किया गया था।

सुरेंद्र राजपूत ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्यों जुमलेबाजी करते हैं? उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के लिए दो करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ, और न ही 15-15 लाख रुपए हर व्यक्ति के खाते में डाले गए। पीएम ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया है। किसानों का कर्ज और खर्च तीन गुना बढ़ गया है।

राजपूत ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने मतदाता सूची से नाम हटाने की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इससे “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चुनाव आयोग और अन्य अधिकारी अपराधियों को पकड़ने में पूरा सहयोग देंगे। भाजपा को भी इस जांच का स्वागत करना चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के ट्वीट का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में आने के बाद से नरेंद्र मोदी लगातार “झूठ, असत्य, छल, कपट और प्रपंच” का प्रचार कर रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एच-1बी वीजा पर शुल्क बढ़ाने को लेकर सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री की विदेश नीति कमजोर साबित हुई है।

ओड़िशा के स्कूलों में भगवत गीता का पाठ कराने के प्रस्ताव पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक देश है। अगर भगवत गीता का पाठ कराया जाता है, तो अन्य धर्मों की किताबें पढ़ाने के बारे में भी सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम समाज को जोड़ने के लिए होना चाहिए, न कि तोड़ने के लिए।

कांग्रेस नेता ने सरकार को सुझाव दिया कि यदि धार्मिक किताबों को पाठ्यक्रम में शामिल करना है, तो एनसीईआरटी से मंजूरी लेनी चाहिए और एक पूरी योजना बनानी चाहिए जिसमें सभी धर्मों की किताबें शामिल हों।

सुरेंद्र राजपूत ने राजद कार्यकर्ता द्वारा प्रधानमंत्री की मां के बारे में अपशब्द बोलने वाले वीडियो पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा को एफआईआर दर्ज करने का पूरा अधिकार है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रधानमंत्री की मां के नाम पर वोट मांग रही है, जो शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि इस तरह रोकर वोट मांगना उस मां को भी शर्मिंदा कर रहा है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जब प्रधानमंत्री की मां के नाम पर बिहार बंद का आह्वान किया गया था, तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने ही कई माताओं और बहनों को गाली दी थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाएं। युवाओं की रोजगार समस्या और वित्तीय दबाव एक गंभीर मुद्दा है, जिस पर सभी राजनीतिक दलों को ध्यान देना चाहिए।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सुरेंद्र राजपूत की बातें सही हैं?
कांग्रेस प्रवक्ता के आरोपों में कुछ सच्चाई हो सकती है, लेकिन यह जरूरी है कि हम सभी तथ्यों की जांच करें।
क्या मोदी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार के वादे किए थे?
हाँ, मोदी सरकार ने चुनावी प्रचार में युवाओं के लिए रोजगार के वादे किए थे।
कर्नाटक सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन क्यों किया?
मतदाता सूची से नाम हटाने के मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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