क्या बीएमसी में महापौर महायुति का पद प्राप्त होगा? : संजय उपाध्याय

सारांश
Key Takeaways
- महापौर महायुति का पद बीएमसी में प्राप्त होने की संभावना।
- अमित साटम का नया अध्यक्ष बनना एक महत्वपूर्ण रणनीति।
- भाजपा का संगठनात्मक स्तर पर मजबूत होना।
- भाजपा की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास।
- संजय उपाध्याय का चुनावी दृष्टिकोण।
मुंबई, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र से भाजपा नेता संजय उपाध्याय ने बीएमसी चुनावों को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है कि बीएमसी में महापौर महायुति का पद प्राप्त होगा।
राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि यह चुनाव न केवल मुंबई के लिए, बल्कि सम्पूर्ण देश की दृष्टि में महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में भाजपा, महायुति गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव में उतरेगी।
उन्होंने कहा कि इस गठबंधन की ताकत और रणनीति के माध्यम से बीएमसी में महापौर का पद महायुति के हाथ में आएगा।
बीएमसी चुनावों से पहले अमित साटम को मुंबई भाजपा का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसे आगामी बीएमसी चुनावों की रणनीति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संजय उपाध्याय ने कहा कि वे नए अध्यक्ष को शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास करती है और हर तीन साल में पार्टी सदस्यता अभियान चलाती है, जिसमें बूथ प्रमुख से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक के पदों के लिए चुनाव होते हैं।
यह प्रक्रिया भाजपा की संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने का हिस्सा है। आज अमित साटम को मुंबई अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है, और मैं उन्हें अपनी ओर से शुभकामनाएं देता हूं।
संजय उपाध्याय ने पूर्व अध्यक्ष आशीष शेलार की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में मुंबई में भाजपा ने एक मजबूत पहचान बनाई। शेलार के कार्यकाल में पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल कीं, जिससे मुंबई में भाजपा की स्थिति मजबूत हुई। अब, अमित साटम को मुंबई भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद, केंद्रीय नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है कि वे इस विरासत को आगे बढ़ाएंगे और आगामी बीएमसी चुनावों में पार्टी को और मजबूती प्रदान करेंगे।