यूएई ने ईरान के खिलाफ यूएनएससी में प्रस्ताव का समर्थन किया, हमले तुरंत रोकने की अपील
सारांश
Key Takeaways
- यूएई का प्रस्ताव: ईरान के हमलों के खिलाफ समर्थन।
- बहरीन की भूमिका: प्रस्ताव का नेतृत्व।
- अंतरराष्ट्रीय कानून: उल्लंघन और सुरक्षा खतरे।
- तुरंत कार्रवाई: ईरान से हमले रोकने की मांग।
- ग्लोबल समर्थन: १३५ देशों का सह-प्रायोजन।
नई दिल्ली, १२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने बुधवार को खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया। यह प्रस्ताव बहरीन द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें खाड़ी देशों पर ईरान के हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों की निंदा की गई। यूएन के इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए, यूएई ने ईरान से इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की।
यूएन में यूएई के स्थायी प्रतिनिधि एम्बेसडर मोहम्मद अबुशाहाब ने सुरक्षा परिषद के द्वारा उठाए गए कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा, "इस प्रस्ताव को १३५ देशों द्वारा सह-प्रायोजित किया गया है, इससे स्पष्ट संदेश जाता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय हमारी संप्रभुता पर हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा। यूएई इस कठिन समय में अपने क्षेत्र के नेतृत्व और लोगों के साथ खड़ा रहने के लिए यूएनएससी का धन्यवाद करता है। हम अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखने और क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
यूएई सरकार ने बताया कि इस प्रस्ताव का नेतृत्व खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) में बहरीन ने किया है और यूएई उनके प्रयासों के लिए आभार व्यक्त करता है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि ईरान के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। यूएई ने मांग की है कि ईरान बिना किसी शर्त के पड़ोसी देशों को उकसाने के सभी तरीकों को बंद करे। कतर सरकार ने कहा, "यह प्रस्ताव ईरानी हमलों के जवाब में आत्मरक्षा के अधिकार की पुष्टि करता है, जैसा कि यूनाइटेड नेशंस चार्टर के अनुच्छेद ५१ में उल्लेखित है।"
यूएई ने ईरान से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने का आग्रह किया है, खासकर तब जब आम लोगों और बुनियादी ढांचों की सुरक्षा की बात आती है।
इस प्रस्ताव को पारित करने से पहले, जीसीसी देशों और यूएई ने यूएनएससी के अध्यक्ष और अमेरिकी सेक्रेटरी-जनरल को कई पत्र भेजे थे, जिनमें ईरान के हमलों के प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई थी। यूएनएससी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से त्वरित कार्रवाई की अपील की गई थी। यूएई ने कहा है कि ईरान को अपने गैरकानूनी हमलों के कारण हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।