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क्या चिदंबरम पाकिस्तान को संतुष्ट करने के लिए बयान देते हैं? : सुनील शर्मा

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क्या चिदंबरम पाकिस्तान को संतुष्ट करने के लिए बयान देते हैं? : सुनील शर्मा

सारांश

संसद के मानसून सत्र में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा के दौरान चिदंबरम के बयान को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच गरमा-गर्मी। सुनील शर्मा की तीखी प्रतिक्रिया और सेना की भूमिका पर चर्चा।

मुख्य बातें

संसद में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर विवादित चर्चाएँ हुईं।
चिदंबरम के बयान की कड़ी आलोचना हुई।
सुनील शर्मा ने कांग्रेस को विदेशी तुष्टिकरण का आरोप लगाया।
सीजफायर पर सुरक्षा समिति की भूमिका महत्वपूर्ण है।
प्रियंका गांधी के इतिहास ज्ञान पर सवाल उठाए गए।

जम्मू, 30 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। संसद के मानसून सत्र के दौरान 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा के समय सरकार और विपक्ष के बीच मंगलवार को गंभीर बहस हुई। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर कई प्रश्न उठाए, जिसका उत्तर प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में दिया।

वहीं, पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने एक बयान में कहा था कि पहलगाम हमले के आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे, इसका कोई प्रमाण नहीं है। उनके इस बयान की जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता विपक्ष सुनील शर्मा ने कड़ी आलोचना की।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि चिदंबरम का सेना की आलोचना करने का इतिहास रहा है। आज की तारीख में दुनिया भारतीय सेना की सामर्थ्य को मानती है, जबकि चिदंबरम विदेशी ताकतों, खासकर पाकिस्तान को खुश करने के लिए देश के खिलाफ बयान दे रहे हैं। इसका कारण पाकिस्तान में कांग्रेस के नेताओं की प्रशंसा है। कांग्रेस विदेशी तुष्टिकरण की मानसिकता से ग्रस्त है और इसी कारण ऐसे बयान पार्टी के नेता देते रहते हैं। जब भी देश मुश्किल में होता है, ये लोग ऐसे ही बयान देते हैं।

सुनील शर्मा ने सीजफायर के संदर्भ में कहा कि यह एक महत्वपूर्ण निर्णय है, जिसमें सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट की जो समिति होती है, उसकी राय ली जाती है। आर्मी, सीडीएस, एनएसए सभी की राय ली जाती है। सीजफायर किसी एक व्यक्ति का निर्णय नहीं होता है। जहां तक बात इच्छाशक्ति की है, तो प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को दिखा दिया था कि भारत क्या कर सकता है।

प्रियंका गांधी पर शर्मा ने कहा, "प्रियंका गांधी को इतिहास की जानकारी नहीं है। वह एक बड़ी नेता हैं और उन्हें इतिहास पढ़ना चाहिए। उन्हें नहीं पता कि पीओके और अक्साई चिन कांग्रेस की देन है। 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारत ने किसी विदेशी ताकत के दबाव में काम नहीं किया और पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।"

उन्होंने अखिलेश यादव, लालू यादव, ममता बनर्जी को भी कांग्रेस की मानसिकता वाला बताया और उन पर भी देश और सेना के खिलाफ बयान देने का आरोप लगाया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। चिदंबरम के बयान को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है। हमें सभी नेताओं को अपने देश की एकता और अखंडता का ध्यान रखना चाहिए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिदंबरम के बयान का मूल क्या था?
चिदंबरम ने कहा कि पहलगाम हमले के आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे, लेकिन इसका कोई प्रमाण नहीं था।
सुनील शर्मा ने चिदंबरम के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
सुनील शर्मा ने चिदंबरम की आलोचना करते हुए कहा कि उनका इतिहास सेना की आलोचना करने का रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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