क्या कांग्रेस की विश्वसनीयता जनता में पूरी तरह से खत्म हो चुकी है?: मुख्तार अब्बास नकवी
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं का सम्मान
- कांग्रेस का राजनीतिक अस्तित्व संकट में है।
- सरकारी योजनाओं के नामों पर परिवार आधारित राजनीति हो रही है।
- कांग्रेस को आत्मचिंतन की आवश्यकता है।
- भाजपा का प्राथमिक उद्देश्य जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है।
नई दिल्ली, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसके चलते विपक्ष ने उन पर महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया है। इस पर भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि निश्चित रूप से महिलाओं का सम्मान होना आवश्यक है। उनके सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है। लेकिन, कुछ लोग नीतीश कुमार से जुड़ी इस घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि अनुचित है।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा ‘मनरेगा’ का नाम बदलने के निर्णय पर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में कांग्रेस की स्थिति ऐसी हो चुकी है कि वह सभी सरकारी योजनाओं के नाम केवल अपने परिवार के आधार पर चाहती है। वह नहीं चाहती कि किसी अन्य नाम से कोई सरकारी योजना चले। इसी कारण से कांग्रेस का विरोध करना अब उचित नहीं है। जब मनरेगा का नाम बदला गया है, तो कांग्रेस को परेशानी हो रही है। कांग्रेस चाहे जितना भी विरोध करे, उसे इससे कुछ नहीं मिलने वाला है। हमारी सरकार का प्राथमिक उद्देश्य हमेशा जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देना रहा है और आगे भी रहेगा। हम इस पर कोई समझौता नहीं कर सकते हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस को भी चेताया। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस की दुर्गति किसी से छुपी नहीं है। जनता ने पूरी तरह से कांग्रेस को खारिज कर दिया है। लेकिन, अफसोस की बात यह है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी इस स्थिति पर आत्मचिंतन नहीं कर रही है। कांग्रेस यह समझ नहीं पा रही है कि वह जनता से कट चुकी है या उसने खुद को जनता से काट लिया है। यह पार्टी अब खुद ही पसोपेश में है, लेकिन मुझे दुख है कि कांग्रेस सुधार नहीं कर रही है। यदि यही स्थिति रही, तो आने वाले दिनों में कांग्रेस की दुर्गति और बढ़ जाएगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि उसे जनाधार मिले या न मिले, लेकिन सत्ता बनी रहनी चाहिए। उसकी यही मानसिकता उसे इस स्थिति में लाकर खड़ा कर रही है कि उसकी जनता में पूरी तरह से विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है। आज कांग्रेस अपने ही गठबंधन पर बोझ बनती जा रही है।
उमर अब्दुल्ला के बयान पर भी मुख्तार अब्बास नकवी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस की स्थिति एक डूबते जहाज के समान हो चुकी है, जिस पर कोई भी सवारी नहीं करना चाहता।