क्या कांग्रेस सांसद के भतीजे और उनकी पत्नी की गोली लगने से हुई मौत?
सारांश
Key Takeaways
- यशराज और राजेश्वरी की मौत की घटना ने सुरक्षा के मुद्दों को उठाया है।
- पुलिस ने फोरेंसिक रिपोर्ट के लिए जांच तेज कर दी है।
- यह घटना शादी के बाद केवल दो महीने में हुई।
- जांच में आत्महत्या और दुर्घटना दोनों पहलुओं की जांच की जा रही है।
अहमदाबाद, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल के भतीजे यशराज सिंह गोहिल और उनकी पत्नी राजेश्वरी गोहिल की मौत के मामले में अधिकारियों ने गुरुवार को जांच तेज कर दी।
बुधवार देर रात अहमदाबाद के बोडकदेव इलाके स्थित उनके आवास पर दंपति गोली लगने से मृत पाए गए।
पुलिस ने बताया कि शवों को फोरेंसिक पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ताकि घटनाक्रम का पता लगाया जा सके और यह निर्धारित किया जा सके कि गोलीबारी आकस्मिक थी या जानबूझकर।
एसीपी (ए डिवीजन) जयेश ब्रह्मभट्ट ने कहा कि यशराज सिंह की मां के बयान से समर्थित प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि संभवतः गोली गलती से चली थी।
पुलिस और आपातकालीन सेवाओं के अनुसार बुधवार रात लगभग 11.42 बजे 108 एम्बुलेंस सेवा को एक कॉल मिली। कुछ ही मिनटों में एक मेडिकल टीम दंपति के अपार्टमेंट में पहुंच गई।
यशराज सिंह टीम को फ्लैट नंबर 502 (ब्लॉक ए) में ले गए। टीम ने बेडरूम के अंदर राजेश्वरी को फर्श पर सिर में गोली लगने के घाव के साथ पड़ा पाया, पास ही एक रिवॉल्वर पड़ी थी। नब्ज जांचने के बाद, उन्हें मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया।
जब एम्बुलेंस कर्मचारी वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दे रहे थे, तभी यशराज सिंह ने कथित तौर पर उसी लाइसेंसी रिवॉल्वर से फ्लैट के अंदर खुद को गोली मार ली। उस समय उनकी मां और मेडिकल टीम अपार्टमेंट में मौजूद थीं। पुलिस के आने तक एम्बुलेंस टीम लगभग 15 मिनट तक मौके पर रही।
पुलिस ने बताया कि गुजरात समुद्री बोर्ड के प्रथम श्रेणी अधिकारी यशराज सिंह ने राजेश्वरी से केवल दो महीने पहले ही शादी की थी।
एसीपी ब्रह्मभट्ट ने बताया कि दंपति एक सामाजिक समारोह में शामिल होने के बाद घर लौटे थे और सामान्य दिख रहे थे।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा गार्ड ने हमें बताया कि दोनों घर लौटने पर खुश दिख रहे थे और सीधे अपने फ्लैट में चले गए।
गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष दोशी ने बताया कि यशराज सिंह अपने बेडरूम में लाइसेंसी रिवॉल्वर की जांच कर रहे थे, तभी गलती से गोली चल गई, जिससे राजेश्वरी की गर्दन के पास गोली लग गई और उनकी मृत्यु हो गई।
दोशी ने कहा कि 108 के कर्मचारियों द्वारा उन्हें मृत घोषित किए जाने के बाद यशराज सिंह ने सदमे की स्थिति में खुद को गोली मार ली।
पुलिस ने बताया कि दंपति के खिलाफ पहले कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई थी और फोरेंसिक रिपोर्ट आने तक दुर्घटना, हत्या और आत्महत्या सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।