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क्या महागठबंधन का घोषणा पत्र सिर्फ खोखले वादों का पुलिंदा है?: रविशंकर प्रसाद

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क्या महागठबंधन का घोषणा पत्र सिर्फ खोखले वादों का पुलिंदा है?: रविशंकर प्रसाद

सारांश

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने महागठबंधन के घोषणा पत्र को खोखले वादों का पुलिंदा कहा है। जानें, इस पर उनकी क्या राय है और बिहार की जनता के लिए यह कितना महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

महागठबंधन का घोषणा पत्र खोखले वादों से भरा है।
भ्रष्टाचार पर कोई ठोस दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं।
तेजस्वी यादव का विकास कार्यों का दावा संदेहास्पद है।
राजद का इतिहास भ्रष्टाचार से भरा हुआ है।
बिहार की जनता को सही जानकारी मिलनी चाहिए।

पटना, 28 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने महागठबंधन द्वारा जारी संयुक्त घोषणा पत्र को खोखले वादों का पुलिंदा बताते हुए कहा कि इसके रचयिता भी जानते हैं कि उनकी सरकार बनने वाली नहीं है, इसलिए वे दावे करने में संकोच क्यों करें?

पटना साहिब के सांसद ने पटना के भाजपा मीडिया सेंटर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा कि यह घोषणा पत्र संयुक्त नहीं, बल्कि तेजस्वी यादव का प्रण है। उन्होंने कहा, "यह घोषणा पत्र बिहार की जनता को ऐसे लोकलुभावन तस्वीर पेश करता है, जिसमें न कोई रंग है न ही बदलाव का कोई संकल्प। बिहार की जनता इसे समझती है।"

उन्होंने कहा कि इस घोषणा पत्र में अपराध पर तो जीरो टॉलरेंस का दावा किया गया है, लेकिन भ्रष्टाचार पर कुछ नहीं कहा गया है। स्वाभाविक है कि अगर ऐसा दावा किया जाता तो बात बहुत आगे बढ़ती। दरअसल, जो नया विजन देने का दावा कर रहे हैं, वे 420 के आरोपी हैं। राजद भ्रष्टाचार की पाठशाला है और यही उनका अतीत, वर्तमान और भविष्य है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपराध पर जीरो टॉलरेंस का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें यह भी बताना चाहिए था कि अब मुख्यमंत्री आवास से अपराधियों से बातचीत नहीं होगी। राजद के गुंडे जो जमीन छीनते हैं, वे ऐसा नहीं करेंगे। जहां भी अपराध का संदेह होगा, कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा नेता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह न तो राहुल गांधी का प्रण है, न महागठबंधन का, यह मात्र तेजस्वी यादव का प्रण है। राजद के शासनकाल में बिहार का क्या हाल हुआ था, यह देश जानता है। तेजस्वी के विकास कार्यों के दावों पर उन्होंने कहा कि जो काम हुआ, वह नीतीश सरकार ने किया और आपके भ्रष्टाचार के कारण ही वे आपसे अलग हुए।

उन्होंने कहा कि एनडीए का काम अब जमीन पर उतरा है, और आगे भी बढ़ेगा। तेजस्वी यादव भ्रष्टाचार पर खुलकर बोलने से डरते हैं। भाजपा नेता ने उपनिवेश बनाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह संविधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार 20 साल से एनडीए के नेता हैं और रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि महागठबंधन का घोषणा पत्र सिर्फ एक राजनीतिक रणनीति है। जनता के प्रति इसकी वास्तविकता को समझना आवश्यक है। बिहार की राजनीति में यह एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महागठबंधन का घोषणा पत्र किसने जारी किया है?
महागठबंधन का घोषणा पत्र तेजस्वी यादव द्वारा जारी किया गया है।
रविशंकर प्रसाद ने घोषणा पत्र पर क्या टिप्पणी की?
उन्होंने इसे खोखले वादों का पुलिंदा कहा है।
भ्रष्टाचार पर रविशंकर प्रसाद का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि इस घोषणा पत्र में भ्रष्टाचार पर कुछ नहीं कहा गया है।
महागठबंधन के नेतृत्व में बिहार की राजनीति का क्या भविष्य है?
इसका भविष्य अब बिहार की जनता के हाथ में है।
क्या तेजस्वी यादव के विकास कार्यों के दावे सही हैं?
रविशंकर प्रसाद का कहना है कि ये दावे नीतीश सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों से भिन्न हैं।
राष्ट्र प्रेस
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